An-Nazi'at النازعات
Those Who Tear Away النازعات
The section and its links
The immense Information, the Day, then the “Say” suras (78, then 79-114)
Read the section from its beginning: sura 78
What was shown before: The immense Information is set out in 78. 78
بسم الله الرحمن الرحيم
ईश्वर के नाम से, जो सर्वदयालु, दयालु है।
उनकी शपथ जो डूबकर खींच लेती हैं, उनकी जो कोमलता से खोल देती हैं, उनकी जो तैरते हुए तैरती हैं, उनकी जो आगे बढ़ते हुए आगे निकलती हैं, उनकी जो मामले संचालित करती हैं — उस दिन जब पहला कंपन कँपाएगा, और उसके पीछे दूसरा आएगा,
والنزعت غرقا والنشطت نشطا والسبحت سبحا فالسبقت سبقا فالمدبرت امرا يوم ترجف الراجفه تتبعها الرادفه
उस दिन कुछ मर्म काँपते होंगे, और उनकी दृष्टियाँ विनीत होंगी।
قلوب يوميذ واجفه ابصرها خشعه
वे कहेंगे: “क्या हम सचमुच अपनी पहली अवस्था में वापस लाए जाएँगे, जब हम गली हुई हड्डियाँ हो चुके होंगे?”
يقولون انا لمردودون في الحافره اذا كنا عظما نخره
वे कहेंगे: “तब तो यह घाटे का पलटवार होता!” जबकि वह केवल एक ही गर्जन होगा, और देखो, वे खड़े हैं, संसार की सतह पर।
قالوا تلك اذا كره خاسره فانما هي زجره وحده فاذا هم بالساهره
क्या तुम तक मूसा की वार्ता पहुँची है? जब उसके अभिभावक ने उसे तुवा की पवित्र की हुई घाटी में पुकारा,
هل اتيك حديث موسي اذ ناديه ربه بالواد المقدس طوي
“फ़िरऔन के पास जाओ, वह हर मर्यादा से आगे निकल गया है; उससे कहो: ‘क्या तुम चाहोगे कि तुम शुद्ध हो जाओ, और मैं तुम्हें तुम्हारे अभिभावक की ओर मार्ग दिखाऊँ, ताकि तुम उससे भय रखो?’”
اذهب الي فرعون انه طغي فقل هل لك الي ان تزكي واهديك الي ربك فتخشي
तब उसने उसे सबसे बड़ा संकेत दिखाया; परंतु उसने झुठलाया और अवज्ञा की, फिर वह पीठ फेरकर प्रयास करता हुआ चला गया, उसने इकट्ठा किया, पुकारा और कहा: “मैं तुम्हारा स्वामी हूँ, सबसे ऊँचा।” तब ईश्वर ने उसे अंतिम जीवन और पहले जीवन के निवारक उदाहरण से पकड़ लिया।
فاريه الايه الكبري فكذب وعصي ثم ادبر يسعي فحشر فنادي فقال انا ربكم الاعلي فاخذه الله نكال الاخره والاولي
इसमें अवश्य उसके लिए एक सीख है जो भय रखता है।
ان في ذلك لعبره لمن يخشي
क्या तुम्हें रचना अधिक कठिन है, या आकाश?
انتم اشد خلقا ام السما
उसने उसे बनाया, उसकी छत ऊँची की, फिर उसे सँवारा; उसकी रात अँधेरी की और उससे पूर्वाह्न की उजास निकाली।
بنيها رفع سمكها فسويها واغطش ليلها واخرج ضحيها
और धरती को, इसके बाद, उसने प्रस्फुटित किया: उससे उसका पानी और उसका चरागाह निकाला, और पहाड़ों को उसने जमा दिया — तुम्हारे लिए और तुम्हारे पशुधन के लिए उपभोग।
والارض بعد ذلك دحيها اخرج منها ماها ومرعيها والجبال ارسيها متعا لكم ولانعمكم
फिर जब वह बड़ा विप्लव आएगा, उस दिन जब मनुष्य स्मरण करेगा कि उसने किसके लिए प्रयास किया था, और भट्ठी उसे दिखाई जाएगी जो देखता है,
فاذا جات الطامه الكبري يوم يتذكر الانسن ما سعي وبرزت الجحيم لمن يري
तो जिसने हर मर्यादा से आगे निकलकर निकट जीवन को चुना, भट्ठी निश्चय ही उसकी शरण होगी;
فاما من طغي واثر الحيوه الدنيا فان الجحيم هي الماوي
और जो अपने अभिभावक के सामने खड़े होने से डरा, और जिसने स्व को भावना से रोका, उद्यान निश्चय ही उसकी शरण होगा।
واما من خاف مقام ربه ونهي النفس عن الهوي فان الجنه هي الماوي
वे तुमसे उस घड़ी के विषय में पूछते हैं: वह कब लंगर डालेगी?
يسلونك عن الساعه ايان مرسيها
उसके स्मरण से तुम्हारा क्या लेना-देना?
فيم انت من ذكريها
तुम्हारे अभिभावक ही की ओर उसकी अंतिम सीमा है।
الي ربك منتهيها
तुम तो केवल उसे चेतावनी देने वाला हो जो उससे भय रखता है।
انما انت منذر من يخشيها
जिस दिन वे उसे देखेंगे, उन्हें ऐसा लगेगा कि उन्होंने केवल एक संध्या या एक प्रभात बिताया था।
كانهم يوم يرونها لم يلبثوا الا عشيه او ضحيها