الشعراء
Ash-Shu'ara
The Rhetoricians
بسم الله الرحمن الرحيم
ईश्वर के नाम से, जो सर्वदयालु, दयालु है।
ता. सीन. मीम.
طسم
ये स्पष्ट ग्रंथ के संकेत हैं।
تلك ايت الكتب المبين
शायद तुम अपने आप को इसलिए घुलाकर नष्ट कर लो कि वे विश्वास करने वाले नहीं हैं।
لعلك بخع نفسك الا يكونوا مومنين
यदि हमारी मर्ज़ी होती, तो हम उन पर आकाश से एक संकेत उतारते जिसके सामने उनकी गर्दनें झुकी रह जातीं।
ان نشا ننزل عليهم من السما ايه فظلت اعنقهم لها خضعين
और सर्वदयालु की ओर से उनके पास कोई नया स्मरण नहीं आता जिससे वे मुँह न फेर लें।
وما ياتيهم من ذكر من الرحمن محدث الا كانوا عنه معرضين
उन्होंने झुठला दिया है; शीघ्र ही उनके पास उसकी सूचनाएँ आएँगी जिसका वे मज़ाक़ उड़ाते थे।
فقد كذبوا فسياتيهم انبوا ما كانوا به يستهزون
क्या उन्होंने धरती को नहीं देखा, हमने उसमें हर उदार जोड़े में से कितना उगाया?
اولم يروا الي الارض كم انبتنا فيها من كل زوج كريم
इसमें अवश्य एक संकेत है।
ان في ذلك لايه
परंतु उनमें से अधिकतर विश्वास करने वाले नहीं हैं।
وما كان اكثرهم مومنين
और तुम्हारा अभिभावक अवश्य सर्वशक्तिमान, दयालु है।
وان ربك لهو العزيز الرحيم
और जब तुम्हारे अभिभावक ने मूसा को पुकारा: “अन्यायी क़ौम के पास जाओ, फ़िरऔन की क़ौम के पास।
واذ نادي ربك موسي ان ايت القوم الظلمين قوم فرعون
क्या वे सावधानी नहीं बरतेंगे?”
الا يتقون
उसने कहा: “मेरे अभिभावक, मुझे डर है कि वे मुझे झुठलाएँगे; और मेरा सीना तंग होता है, और मेरी ज़बान नहीं खुलती: इसलिए हारून की ओर भेज दीजिए। उनका मुझ पर एक दोष है, और मुझे डर है कि वे मुझे मार डालेंगे।”
قال رب اني اخاف ان يكذبون ويضيق صدري ولا ينطلق لساني فارسل الي هرون ولهم علي ذنب فاخاف ان يقتلون
उसने कहा: “कदापि नहीं!
قال كلا
तुम दोनों हमारे संकेतों के साथ जाओ; हम निश्चय ही तुम्हारे साथ हैं, सुन रहे हैं।
فاذهبا بايتنا انا معكم مستمعون
इसलिए फ़िरऔन के पास जाओ और उससे कहो: ‘हम निश्चय ही सभी प्राणियों के अभिभावक के संदेशवाहक हैं; इसराईल की संतान को हमारे साथ जाने दो।’”
فاتيا فرعون فقولا انا رسول رب العلمين ان ارسل معنا بني اسريل
उसने कहा: “क्या हमने तुम्हें बचपन में अपने बीच नहीं पाला, और क्या तुमने अपने जीवन के कई वर्ष हमारे बीच नहीं बिताए? तुमने वह काम किया जो तुमने किया, और तुम नकारने वालों में से हो।”
قال الم نربك فينا وليدا ولبثت فينا من عمرك سنين وفعلت فعلتك التي فعلت وانت من الكفرين
उसने कहा: “मैंने उसे उस समय किया जब मैं भटके हुओं में से था।
قال فعلتها اذا وانا من الضالين
फिर मैं तुमसे भागा जब मुझे तुमसे डर लगा; फिर मेरे अभिभावक ने मुझे निर्णय प्रदान किया और मुझे भेजे गए जनों में से एक बनाया।
ففررت منكم لما خفتكم فوهب لي ربي حكما وجعلني من المرسلين
और यह उपकार, जिससे तुम समझते हो कि मुझ पर कृपा कर रहे हो, यह है कि तुमने इसराईल की संतान को पराधीन कर लिया!”
وتلك نعمه تمنها علي ان عبدت بني اسريل
फ़िरऔन ने कहा: “और सभी प्राणियों का अभिभावक क्या है?”
قال فرعون وما رب العلمين
उसने कहा: “आकाशों और धरती का और जो उनके बीच है उसका अभिभावक, यदि तुम यक़ीन रखने वालों में से हो।”
قال رب السموت والارض وما بينهما ان كنتم موقنين
उसने अपने आसपास वालों से कहा: “क्या तुम सुनते नहीं?”
قال لمن حوله الا تستمعون
उसने कहा: “तुम्हारा अभिभावक और तुम्हारे पहले पूर्वजों का अभिभावक।”
قال ربكم ورب ابايكم الاولين
उसने कहा: “तुम्हारा यह संदेशवाहक, जो तुम्हारी ओर भेजा गया है, अवश्य विक्षिप्त है।”
قال ان رسولكم الذي ارسل اليكم لمجنون
उसने कहा: “पूरब और पश्चिम का और जो उनके बीच है उसका अभिभावक, यदि तुम बुद्धि से काम लेते।”
قال رب المشرق والمغرب وما بينهما ان كنتم تعقلون
उसने कहा: “यदि तुमने मेरे अतिरिक्त कोई और देवता अपनाया, तो मैं तुम्हें अवश्य क़ैदियों में डाल दूँगा।”
قال لين اتخذت الها غيري لاجعلنك من المسجونين
उसने कहा: “चाहे मैं तुम्हारे पास कोई स्पष्ट चीज़ ले आऊँ?”
قال اولو جيتك بشي مبين
उसने कहा: “तो उसे ले आओ, यदि तुम सच्चों में से हो।”
قال فات به ان كنت من الصدقين
तब उसने अपनी लाठी फेंकी, और देखो वह एक स्पष्ट सर्प हो गई; और उसने अपना हाथ निकाला, और देखो वह नज़र डालने वालों के लिए श्वेत था।
فالقي عصاه فاذا هي ثعبان مبين ونزع يده فاذا هي بيضا للنظرين
उसने अपने आसपास के दरबार से कहा: “यह अवश्य एक ज्ञानी भ्रमकार है, जो अपने भ्रम से तुम्हें तुम्हारी धरती से निकालना चाहता है। तो तुम क्या सलाह देते हो?”
قال للملا حوله ان هذا لسحر عليم يريد ان يخرجكم من ارضكم بسحره فماذا تامرون
उन्होंने कहा: “उसे और उसके भाई को लंबित रखो, और राजधानियों में इकट्ठा करने वाले उठाओ, जो हर बड़े ज्ञानी भ्रमकार को तुम्हारे पास ले आएँ।”
قالوا ارجه واخاه وابعث في المداين حشرين ياتوك بكل سحار عليم
तो भ्रमकार एक ज्ञात दिन के निश्चित वादे के समय के लिए एकत्र किए गए।
فجمع السحره لميقت يوم معلوم
और लोगों से कहा गया: “क्या तुम एकत्र होगे, इस आशा में कि हम भ्रमकारों का अनुसरण करेंगे, यदि वे विजेता हुए?”
وقيل للناس هل انتم مجتمعون لعلنا نتبع السحره ان كانوا هم الغلبين
जब भ्रमकार आए, तो उन्होंने फ़िरऔन से कहा: “क्या हमारे लिए सचमुच कोई पुरस्कार होगा, यदि हम विजेता हुए?”
فلما جا السحره قالوا لفرعون اين لنا لاجرا ان كنا نحن الغلبين
उसने कहा: “हाँ, और तब तुम अवश्य निकट किए गए जनों में से होगे।”
قال نعم وانكم اذا لمن المقربين
मूसा ने उनसे कहा: “जो तुम्हें फेंकना है फेंको।”
قال لهم موسي القوا ما انتم ملقون
उन्होंने अपनी रस्सियाँ और लाठियाँ फेंकीं और कहा: “फ़िरऔन की शक्ति की शपथ, हम ही अवश्य विजेता होंगे!”
فالقوا حبالهم وعصيهم وقالوا بعزه فرعون انا لنحن الغلبون
तब मूसा ने अपनी लाठी फेंकी, और देखो वह उसे निगल रही थी जिसका वे स्वांग भरते थे।
فالقي موسي عصاه فاذا هي تلقف ما يافكون
तब भ्रमकार माथा टेके हुए गिरा दिए गए।
فالقي السحره سجدين
उन्होंने कहा: “हम सभी प्राणियों के अभिभावक पर विश्वास करते हैं, मूसा और हारून के अभिभावक पर।”
قالوا امنا برب العلمين رب موسي وهرون
उसने कहा: “तुमने मेरे तुम्हें अनुमति देने से पहले ही उस पर भरोसा कर लिया! वह अवश्य तुम सबमें सबसे बड़ा है, जिसने तुम्हें भ्रम सिखाया।
قال امنتم له قبل ان اذن لكم انه لكبيركم الذي علمكم السحر
तो तुम शीघ्र ही जान लोगे।
فلسوف تعلمون
मैं तुम्हारे हाथ और पैर विपरीत ओर से अवश्य काटूँगा, और मैं तुम सबको एक साथ अवश्य सूली पर चढ़ाऊँगा।”
لاقطعن ايديكم وارجلكم من خلف ولاصلبنكم اجمعين
उन्होंने कहा: “कोई हानि नहीं!
قالوا لا ضير
हम अपने अभिभावक की ओर ही पलटते हैं।
انا الي ربنا منقلبون
हम आशा करते हैं कि हमारा अभिभावक हमारी भूलें क्षमा करे, क्योंकि हम विश्वास करने वालों में पहले हैं।”
انا نطمع ان يغفر لنا ربنا خطينا ان كنا اول المومنين
और हमने मूसा पर प्रकट किया: “मेरे आज्ञाकारियों को लेकर रात में निकलो; तुम्हारा पीछा किया जाएगा।”
واوحينا الي موسي ان اسر بعبادي انكم متبعون
फ़िरऔन ने राजधानियों में इकट्ठा करने वाले भेजे:
فارسل فرعون في المداين حشرين
“ये अवश्य एक कम संख्या वाला गिरोह हैं, और वे हमें अवश्य क्रोधित करते हैं, और हम सब अवश्य एक साथ एक सतर्क शक्ति हैं।”
ان هولا لشرذمه قليلون وانهم لنا لغايظون وانا لجميع حذرون
तो हमने उन्हें उद्यानों और सोतों से, और ख़ज़ानों और एक सम्मानित पद से निकाला।
فاخرجنهم من جنت وعيون وكنوز ومقام كريم
ऐसा ही।
كذلك
और हमने इसराईल की संतान को उनका उत्तराधिकारी बनाया, और उन्होंने भोर होते उनका पीछा किया।
واورثنها بني اسريل فاتبعوهم مشرقين
और जब दोनों दल एक-दूसरे को दिखे, तो मूसा के साथियों ने कहा: “हम तो अवश्य पकड़े गए!”
فلما ترا الجمعان قال اصحب موسي انا لمدركون
उसने कहा: “कदापि नहीं!
قال كلا
मेरा अभिभावक निश्चय ही मेरे साथ है; वह मुझे मार्ग दिखाएगा।”
ان معي ربي سيهدين
तब हमने मूसा पर प्रकट किया: “अपनी लाठी से समुद्र को मारो।” वह फट गया, और हर भाग एक विशाल चोटी जैसा हो गया।
فاوحينا الي موسي ان اضرب بعصاك البحر فانفلق فكان كل فرق كالطود العظيم
और हमने वहाँ दूसरों को निकट पहुँचाया।
وازلفنا ثم الاخرين
और हमने मूसा को और जो उसके साथ थे उन सबको उबारा, फिर दूसरों को डुबो दिया।
وانجينا موسي ومن معه اجمعين ثم اغرقنا الاخرين
इसमें अवश्य एक संकेत है।
ان في ذلك لايه
परंतु उनमें से अधिकतर विश्वास करने वाले नहीं हैं।
وما كان اكثرهم مومنين
और तुम्हारा अभिभावक अवश्य सर्वशक्तिमान, दयालु है।
وان ربك لهو العزيز الرحيم
और उन्हें इब्राहीम की सूचना सुनाओ, जब उसने अपने पिता और अपनी क़ौम से कहा: “तुम किसकी आज्ञा का पालन करते हो?”
واتل عليهم نبا ابرهيم اذ قال لابيه وقومه ما تعبدون
उन्होंने कहा: “हम मूर्तियों की आज्ञा का पालन करते हैं, और उनके पास डटे रहते हैं।”
قالوا نعبد اصناما فنظل لها عكفين
उसने कहा: “क्या वे तुम्हें सुनती हैं जब तुम उन्हें पुकारते हो, या तुम्हारे काम आती हैं, या तुम्हें हानि पहुँचाती हैं?”
قال هل يسمعونكم اذ تدعون او ينفعونكم او يضرون
उन्होंने कहा: “नहीं, बल्कि हमने अपने पूर्वजों को ऐसा ही करते पाया।”
قالوا بل وجدنا ابانا كذلك يفعلون
उसने कहा: “तो क्या तुमने देखा कि तुम किसकी आज्ञा का पालन करते थे, तुम और तुम्हारे सबसे दूर के पूर्वज? वे निश्चय ही मेरे शत्रु हैं,
قال افريتم ما كنتم تعبدون انتم واباوكم الاقدمون فانهم عدو لي
सिवा सभी प्राणियों के अभिभावक के, जिसने मुझे रचा और जो मुझे मार्ग दिखाता है,
الا رب العلمين الذي خلقني فهو يهدين
और जो मुझे खिलाता और पिलाता है, और जब मैं रोगी होता हूँ तो मुझे स्वस्थ करता है,
والذي هو يطعمني ويسقين واذا مرضت فهو يشفين
और जो मुझे मृत्यु देगा फिर मुझे पुनः जीवन देगा,
والذي يميتني ثم يحيين
और जिससे मैं आशा करता हूँ कि चुकौती के दिन मेरी भूल क्षमा करे।
والذي اطمع ان يغفر لي خطيتي يوم الدين
मेरे अभिभावक, मुझे निर्णय प्रदान कीजिए और मुझे भलों के साथ मिला दीजिए,
رب هب لي حكما والحقني بالصلحين
और मुझे बाद वालों में सच्ची ज़बान प्रदान कीजिए,
واجعل لي لسان صدق في الاخرين
और मुझे उपकार के उद्यान के उत्तराधिकारियों में से बना दीजिए,
واجعلني من ورثه جنه النعيم
और मेरे पिता को क्षमा कीजिए, क्योंकि वह भटके हुओं में से था,
واغفر لابي انه كان من الضالين
और जिस दिन वे उठाए जाएँगे उस दिन मुझे लज्जित न कीजिए, जिस दिन न संपत्ति काम आएगी न पुत्र, सिवा उसके जो ईश्वर के पास अक्षत मर्म के साथ आए।”
ولا تخزني يوم يبعثون يوم لا ينفع مال ولا بنون الا من اتي الله بقلب سليم
और उद्यान सावधानी बरतने वालों के निकट लाया जाएगा,
وازلفت الجنه للمتقين
और भट्ठी दिशाहीनों को दिखाई जाएगी।
وبرزت الجحيم للغاوين
और उनसे कहा जाएगा: “कहाँ हैं वे जिनकी तुम ईश्वर के अतिरिक्त आज्ञा का पालन करते थे,
وقيل لهم اين ما كنتم تعبدون من دون الله
क्या वे तुम्हारी सहायता करते हैं, या स्वयं की सहायता करते हैं?”
هل ينصرونكم او ينتصرون
उसमें वे औंधे गिराए जाएँगे, वे और दिशाहीन, और इब्लीस की सेनाएँ, सब एक साथ।
فكبكبوا فيها هم والغاون وجنود ابليس اجمعون
वे उसमें झगड़ते हुए कहेंगे: “ईश्वर की शपथ, हम अवश्य स्पष्ट भटकाव में थे, जब हम तुम्हें सभी प्राणियों के अभिभावक के बराबर ठहराते थे।
قالوا وهم فيها يختصمون تالله ان كنا لفي ضلل مبين اذ نسويكم برب العلمين
और हमें तो केवल बहिष्कृतों ने भटकाया।
وما اضلنا الا المجرمون
अब हमारे न कोई सिफ़ारिश करने वाले हैं, न कोई गर्मजोशी वाला मित्र।
فما لنا من شفعين ولا صديق حميم
काश हमें पलटवार का अवसर मिलता, तो हम विश्वास करने वालों में से होते!”
فلو ان لنا كره فنكون من المومنين
इसमें अवश्य एक संकेत है।
ان في ذلك لايه
परंतु उनमें से अधिकतर विश्वास करने वाले नहीं हैं।
وما كان اكثرهم مومنين
और तुम्हारा अभिभावक अवश्य सर्वशक्तिमान, दयालु है।
وان ربك لهو العزيز الرحيم
नूह की क़ौम ने भेजे गए जनों को झुठलाया, जब उनके भाई नूह ने उनसे कहा: “क्या तुम सावधान नहीं रहते? मैं निश्चय ही तुम्हारे लिए एक भरोसेमंद संदेशवाहक हूँ।
كذبت قوم نوح المرسلين اذ قال لهم اخوهم نوح الا تتقون اني لكم رسول امين
तो ईश्वर के प्रति सावधान रहो और मेरी बात मानो।
فاتقوا الله واطيعون
और मैं इसके लिए तुमसे कोई पुरस्कार नहीं माँगता;
وما اسلكم عليه من اجر
मेरा पुरस्कार केवल सभी प्राणियों के अभिभावक के ज़िम्मे है।
ان اجري الا علي رب العلمين
तो ईश्वर के प्रति सावधान रहो और मेरी बात मानो।”
فاتقوا الله واطيعون
उन्होंने कहा: “क्या हम तुम पर भरोसा कर लें जबकि सबसे नीच जनों ने तुम्हारा अनुसरण किया है?”
قالوا انومن لك واتبعك الارذلون
उसने कहा: “वे क्या करते थे, इसका मुझे क्या ज्ञान?
قال وما علمي بما كانوا يعملون
उनका हिसाब केवल मेरे अभिभावक के ज़िम्मे है, काश तुम्हें इसका आभास होता।
ان حسابهم الا علي ربي لو تشعرون
और मैं विश्वास करने वालों को दुत्कारने वालों में से नहीं हूँ; मैं तो केवल एक स्पष्ट चेतावनी देने वाला हूँ।”
وما انا بطارد المومنين ان انا الا نذير مبين
उन्होंने कहा: “हे नूह, यदि तुम न रुके, तो तुम अवश्य निष्कासित किए गए जनों में होगे।”
قالوا لين لم تنته ينوح لتكونن من المرجومين
उसने कहा: “मेरे अभिभावक, मेरी क़ौम ने निश्चय ही मुझे झुठला दिया है। तो मेरे और उनके बीच एक द्वार खोल दीजिए, और मुझे तथा मेरे साथ के विश्वास करने वालों को उबार लीजिए।”
قال رب ان قومي كذبون فافتح بيني وبينهم فتحا ونجني ومن معي من المومنين
तो हमने उसे और जो उसके साथ थे उन्हें भरे हुए जलयान में उबार लिया।
فانجينه ومن معه في الفلك المشحون
फिर हमने उसके बाद शेष को डुबो दिया।
ثم اغرقنا بعد الباقين
इसमें अवश्य एक संकेत है।
ان في ذلك لايه
परंतु उनमें से अधिकतर विश्वास करने वाले नहीं हैं।
وما كان اكثرهم مومنين
और तुम्हारा अभिभावक अवश्य सर्वशक्तिमान, दयालु है।
وان ربك لهو العزيز الرحيم
आद ने भेजे गए जनों को झुठलाया, जब उनके भाई हूद ने उनसे कहा: “क्या तुम सावधान नहीं रहते? मैं निश्चय ही तुम्हारे लिए एक भरोसेमंद संदेशवाहक हूँ।
كذبت عاد المرسلين اذ قال لهم اخوهم هود الا تتقون اني لكم رسول امين
तो ईश्वर के प्रति सावधान रहो और मेरी बात मानो।
فاتقوا الله واطيعون
और मैं इसके लिए तुमसे कोई पुरस्कार नहीं माँगता;
وما اسلكم عليه من اجر
मेरा पुरस्कार केवल सभी प्राणियों के अभिभावक के ज़िम्मे है।
ان اجري الا علي رب العلمين
क्या तुम हर टीले पर खेल के लिए एक संकेत बनाते हो, और कारख़ाने अपनाते हो इस आशा में कि सदा रहोगे, और जब तुम पकड़ते हो तो अत्याचारियों की तरह पकड़ते हो?
اتبنون بكل ريع ايه تعبثون وتتخذون مصانع لعلكم تخلدون واذا بطشتم بطشتم جبارين
तो ईश्वर के प्रति सावधान रहो और मेरी बात मानो।
فاتقوا الله واطيعون
और उसके प्रति सावधान रहो जिसने तुम्हें उससे सुसज्जित किया जो तुम जानते हो: उसने तुम्हें पशुधन, पुत्रों, उद्यानों और सोतों से सुसज्जित किया,
واتقوا الذي امدكم بما تعلمون امدكم بانعم وبنين وجنت وعيون
क्योंकि मैं तुम्हारे लिए एक विशाल दिन के दंड से डरता हूँ।”
اني اخاف عليكم عذاب يوم عظيم
उन्होंने कहा: “हमारे लिए बराबर है, चाहे तुम उपदेश दो या उपदेश देने वालों में न रहो; यह तो केवल प्राचीनों का स्वभाव है, और हमें दंड नहीं दिया जाएगा।”
قالوا سوا علينا اوعظت ام لم تكن من الوعظين ان هذا الا خلق الاولين وما نحن بمعذبين
तो उन्होंने उसे झुठलाया, और हमने उन्हें नष्ट कर दिया।
فكذبوه فاهلكنهم
इसमें अवश्य एक संकेत है।
ان في ذلك لايه
परंतु उनमें से अधिकतर विश्वास करने वाले नहीं हैं।
وما كان اكثرهم مومنين
और तुम्हारा अभिभावक अवश्य सर्वशक्तिमान, दयालु है।
وان ربك لهو العزيز الرحيم
समूद ने भेजे गए जनों को झुठलाया, जब उनके भाई सालेह ने उनसे कहा: “क्या तुम सावधान नहीं रहते? मैं निश्चय ही तुम्हारे लिए एक भरोसेमंद संदेशवाहक हूँ।
كذبت ثمود المرسلين اذ قال لهم اخوهم صلح الا تتقون اني لكم رسول امين
तो ईश्वर के प्रति सावधान रहो और मेरी बात मानो।
فاتقوا الله واطيعون
और मैं इसके लिए तुमसे कोई पुरस्कार नहीं माँगता;
وما اسلكم عليه من اجر
मेरा पुरस्कार केवल सभी प्राणियों के अभिभावक के ज़िम्मे है।
ان اجري الا علي رب العلمين
क्या तुम्हें यहाँ सुरक्षा में छोड़ दिया जाएगा, उद्यानों और सोतों के बीच, और खेतों और नरम गुच्छों वाले खजूर के पेड़ों के बीच, जबकि तुम पहाड़ों में कुशल कारीगर बनकर घर तराशते हो?
اتتركون في ما ههنا امنين في جنت وعيون وزروع ونخل طلعها هضيم وتنحتون من الجبال بيوتا فرهين
तो ईश्वर के प्रति सावधान रहो और मेरी बात मानो।
فاتقوا الله واطيعون
और उन अतिवादियों के आदेश की बात न मानो, जो धरती में बिगाड़ फैलाते हैं और कुछ सुधारते नहीं।”
ولا تطيعوا امر المسرفين الذين يفسدون في الارض ولا يصلحون
उन्होंने कहा: “तुम तो केवल भ्रम के शिकारों में से हो; तुम हमारे जैसे ही एक मानव हो; तो कोई संकेत ले आओ, यदि तुम सच्चों में से हो।”
قالوا انما انت من المسحرين ما انت الا بشر مثلنا فات بايه ان كنت من الصدقين
उसने कहा: “यह एक ऊँटनी है; उसके लिए पानी पीने की एक बारी है,
قال هذه ناقه لها شرب
और तुम्हारे लिए एक ज्ञात दिन पर पानी पीने की बारी है।
ولكم شرب يوم معلوم
और उसे किसी बुराई से न छुओ, नहीं तो एक विशाल दिन का दंड तुम्हें आ पकड़ेगा।”
ولا تمسوها بسو فياخذكم عذاب يوم عظيم
फिर भी उन्होंने उसका अंग-भंग कर दिया, फिर पछतावे से भरे हुए पाए गए, और दंड ने उन्हें आ पकड़ा।
فعقروها فاصبحوا ندمين فاخذهم العذاب
इसमें अवश्य एक संकेत है।
ان في ذلك لايه
परंतु उनमें से अधिकतर विश्वास करने वाले नहीं हैं।
وما كان اكثرهم مومنين
और तुम्हारा अभिभावक अवश्य सर्वशक्तिमान, दयालु है।
وان ربك لهو العزيز الرحيم
लूत की क़ौम ने भेजे गए जनों को झुठलाया, जब उनके भाई लूत ने उनसे कहा: “क्या तुम सावधान नहीं रहते? मैं निश्चय ही तुम्हारे लिए एक भरोसेमंद संदेशवाहक हूँ।
كذبت قوم لوط المرسلين اذ قال لهم اخوهم لوط الا تتقون اني لكم رسول امين
तो ईश्वर के प्रति सावधान रहो और मेरी बात मानो।
فاتقوا الله واطيعون
और मैं इसके लिए तुमसे कोई पुरस्कार नहीं माँगता;
وما اسلكم عليه من اجر
मेरा पुरस्कार केवल सभी प्राणियों के अभिभावक के ज़िम्मे है।
ان اجري الا علي رب العلمين
क्या तुम सभी प्राणियों में से नरों के पास जाते हो, और उसे छोड़ देते हो जो तुम्हारे अभिभावक ने तुम्हारे लिए जोड़ीदार के रूप में रचा?
اتاتون الذكران من العلمين وتذرون ما خلق لكم ربكم من ازوجكم
बल्कि तुम तो ऐसी क़ौम हो जो सीमाएँ पार करती है।”
بل انتم قوم عادون
उन्होंने कहा: “हे लूत, यदि तुम न रुके, तो तुम अवश्य निकाल दिए गए जनों में होगे।”
قالوا لين لم تنته يلوط لتكونن من المخرجين
उसने कहा: “मैं निश्चय ही तुम्हारे कृत्य से घृणा करने वालों में से हूँ।
قال اني لعملكم من القالين
मेरे अभिभावक, मुझे और मेरे परिवार को उससे उबार लीजिए जो वे करते हैं।”
رب نجني واهلي مما يعملون
तो हमने उसे और उसके परिवार को, सबको, उबार लिया, सिवा एक बुढ़िया के जो पीछे रह जाने वालों में थी; फिर हमने दूसरों को नष्ट कर दिया।
فنجينه واهله اجمعين الا عجوزا في الغبرين ثم دمرنا الاخرين
और हमने उन पर एक वर्षा बरसाई;
وامطرنا عليهم مطرا
कितनी बुरी वर्षा थी उनकी जिन्हें चेतावनी दी जा चुकी थी!
فسا مطر المنذرين
इसमें अवश्य एक संकेत है।
ان في ذلك لايه
परंतु उनमें से अधिकतर विश्वास करने वाले नहीं हैं।
وما كان اكثرهم مومنين
और तुम्हारा अभिभावक अवश्य सर्वशक्तिमान, दयालु है।
وان ربك لهو العزيز الرحيم
झाड़ी वालों ने भेजे गए जनों को झुठलाया, जब शुऐब ने उनसे कहा: “क्या तुम सावधान नहीं रहते? मैं निश्चय ही तुम्हारे लिए एक भरोसेमंद संदेशवाहक हूँ।
كذب اصحب ليكه المرسلين اذ قال لهم شعيب الا تتقون اني لكم رسول امين
तो ईश्वर के प्रति सावधान रहो और मेरी बात मानो।
فاتقوا الله واطيعون
और मैं इसके लिए तुमसे कोई पुरस्कार नहीं माँगता;
وما اسلكم عليه من اجر
मेरा पुरस्कार केवल सभी प्राणियों के अभिभावक के ज़िम्मे है।
ان اجري الا علي رب العلمين
नाप पूरा दो,
اوفوا الكيل
और घाटा पहुँचाने वालों में से न होओ।
ولا تكونوا من المخسرين
और सीधे तराज़ू से तौलो,
وزنوا بالقسطاس المستقيم
और लोगों को उनकी चीज़ों में हानि न पहुँचाओ,
ولا تبخسوا الناس اشياهم
और धरती पर बिगाड़ने वाले बनकर उपद्रव न मचाओ।
ولا تعثوا في الارض مفسدين
और उसके प्रति सावधान रहो जिसने तुम्हें और पहले वालों की बहुतायत को रचा।”
واتقوا الذي خلقكم والجبله الاولين
उन्होंने कहा: “तुम तो केवल भ्रम के शिकारों में से हो; तुम हमारे जैसे ही एक मानव हो, और हम अवश्य तुम्हारे झूठों में से होने का अनुमान लगाते हैं। तो हम पर आकाश का एक टुकड़ा गिरा दो, यदि तुम सच्चों में से हो।”
قالوا انما انت من المسحرين وما انت الا بشر مثلنا وان نظنك لمن الكذبين فاسقط علينا كسفا من السما ان كنت من الصدقين
उसने कहा: “मेरा अभिभावक उसे सबसे अच्छा जानता है जो तुम करते हो।”
قال ربي اعلم بما تعملون
तो उन्होंने उसे झुठलाया, और छत्र वाले दिन के दंड ने उन्हें आ पकड़ा।
فكذبوه فاخذهم عذاب يوم الظله
वह एक विशाल दिन का दंड था।
انه كان عذاب يوم عظيم
इसमें अवश्य एक संकेत है।
ان في ذلك لايه
परंतु उनमें से अधिकतर विश्वास करने वाले नहीं हैं।
وما كان اكثرهم مومنين
और तुम्हारा अभिभावक अवश्य सर्वशक्तिमान, दयालु है।
وان ربك لهو العزيز الرحيم
और यह अवश्य सभी प्राणियों के अभिभावक की ओर से आया एक अवतरण है।
وانه لتنزيل رب العلمين
इसके साथ भरोसेमंद प्रवाह तुम्हारे मर्म पर उतरा है, ताकि तुम चेतावनी देने वालों में से हो, त्रुटिहीन, स्पष्ट भाषा में।
نزل به الروح الامين علي قلبك لتكون من المنذرين بلسان عربي مبين
और यह अवश्य प्राचीनों के प्रपत्रों में है।
وانه لفي زبر الاولين
क्या उनके लिए यह संकेत नहीं कि इसराईल की संतान के ज्ञानी इसे जानते हैं?
اولم يكن لهم ايه ان يعلمه علموا بني اسريل
और यदि हम इसे उनमें से किसी पर उतारते जिसकी भाषा त्रुटिहीन नहीं है, और वह इसे उनके सामने पढ़ता, तो वे इस पर विश्वास न करते।
ولو نزلنه علي بعض الاعجمين فقراه عليهم ما كانوا به مومنين
इसी प्रकार हमने इसे बहिष्कृतों के मर्मों में प्रविष्ट कराया; वे इस पर विश्वास नहीं करेंगे जब तक वे पीड़ादायक दंड न देख लें, जो उन पर अचानक आएगा, बिना इसके कि उन्हें उसका आभास हो, और तब वे कहेंगे: “क्या हमें मोहलत दी जाएगी?”
كذلك سلكنه في قلوب المجرمين لا يومنون به حتي يروا العذاب الاليم فياتيهم بغته وهم لا يشعرون فيقولوا هل نحن منظرون
तो क्या वे हमारे दंड को जल्दी माँग रहे हैं?
افبعذابنا يستعجلون
क्या तुमने देखा? यदि हमने उन्हें वर्षों तक उपभोग दिया, फिर उन पर वह आ पड़ा जिसका उनसे वादा किया जाता था, तो उन्हें दिया गया वह उपभोग उनके किस काम आया?
افريت ان متعنهم سنين ثم جاهم ما كانوا يوعدون ما اغني عنهم ما كانوا يمتعون
और हमने किसी बस्ती को नष्ट नहीं किया जब तक उसके पास चेतावनी देने वाले न आ गए हों, स्मरण के रूप में;
وما اهلكنا من قريه الا لها منذرون ذكري
और हम कभी अन्यायी नहीं रहे।
وما كنا ظلمين
और इसके साथ बहकाने वाले नहीं उतरे; यह उनके योग्य नहीं, और वे ऐसा कर भी नहीं सकते।
وما تنزلت به الشيطين وما ينبغي لهم وما يستطيعون
वे तो सुनने से अवश्य दूर रखे गए हैं।
انهم عن السمع لمعزولون
इसलिए ईश्वर के साथ किसी अन्य देवता को न पुकारो, नहीं तो तुम दंडित किए गए जनों में होगे।
فلا تدع مع الله الها اخر فتكون من المعذبين
और अपने निकटतम स्वजनों को चेतावनी दो, और अपने अनुयायियों में से जो विश्वास करने वाले हैं उनके लिए अपना पंख झुकाओ।
وانذر عشيرتك الاقربين واخفض جناحك لمن اتبعك من المومنين
यदि वे तुम्हारी अवज्ञा करें, तो कहो: “मैं उससे निश्चय ही बरी हूँ जो तुम करते हो।”
فان عصوك فقل اني بري مما تعملون
और सर्वशक्तिमान, दयालु को मुख़्तार बनाओ, जो तुम्हें देखता है जब तुम खड़े होते हो, और माथा टेकने वालों के बीच तुम्हारे क़दमों का आगे-पीछे होना।
وتوكل علي العزيز الرحيم الذي يريك حين تقوم وتقلبك في السجدين
वही निश्चय ही सुनने वाला, सर्वज्ञ है।
انه هو السميع العليم
क्या मैं तुम्हें सूचित करूँ कि बहकाने वाले किस पर उतरते हैं? वे हर पक्के स्वांग भरने वाले पर उतरते हैं, जो अपराधों से लदा है। वे कान लगाते हैं, और उनमें से अधिकतर झूठे हैं।
هل انبيكم علي من تنزل الشيطين تنزل علي كل افاك اثيم يلقون السمع واكثرهم كذبون
और लुभावने वक्ता, उनका अनुसरण तो दिशाहीन करते हैं।
والشعرا يتبعهم الغاون
क्या तुमने नहीं देखा कि वे हर घाटी में बड़बड़ाते फिरते हैं, और वे वह कहते हैं जो कभी करते नहीं?
الم تر انهم في كل واد يهيمون وانهم يقولون ما لا يفعلون
सिवा उनके जिन्होंने विश्वास किया, भले कर्म किए, ईश्वर का बहुत स्मरण किया, और अन्याय सहने के बाद अपनी सहायता स्वयं की;
الا الذين امنوا وعملوا الصلحت وذكروا الله كثيرا وانتصروا من بعد ما ظلموا
और जिन्होंने अन्याय किया वे शीघ्र जान लेंगे कि उनका पलटना किस पलटाव पर समाप्त होगा।
وسيعلم الذين ظلموا اي منقلب ينقلبون