الجاثية
Al-Jathiya
Emotion Taken as a Deity
بسم الله الرحمن الرحيم
ईश्वर के नाम से, जो सर्वदयालु, दयालु है।
हा. मीम.
حم
ग्रंथ का अवतरण ईश्वर की ओर से है, जो सर्वशक्तिमान, प्रज्ञावान है।
تنزيل الكتب من الله العزيز الحكيم
आकाशों और धरती में विश्वास करने वालों के लिए अवश्य संकेत हैं।
ان في السموت والارض لايت للمومنين
और तुम्हारी रचना में, और उन चलने-फिरने वालों में जिन्हें वह छितराता है, उस क़ौम के लिए संकेत हैं जिसे यक़ीन है; और रात और दिन की अदला-बदली में, उस जीविका में जिसे ईश्वर आकाश से उतारता है और जिससे वह धरती को उसकी मृत्यु के बाद पुनः जीवन देता है, और हवाओं की विविधता में, बुद्धि से काम लेने वाली क़ौम के लिए संकेत हैं।
وفي خلقكم وما يبث من دابه ايت لقوم يوقنون واختلف اليل والنهار وما انزل الله من السما من رزق فاحيا به الارض بعد موتها وتصريف الريح ايت لقوم يعقلون
ये ईश्वर के संकेत हैं, जिन्हें हम तुम्हें पूर्ण सत्य के साथ सुनाते हैं।
تلك ايت الله نتلوها عليك بالحق
तो ईश्वर और उसके संकेतों के बाद वे किस वार्ता पर विश्वास करेंगे?
فباي حديث بعد الله وايته يومنون
हाय हर पक्के स्वांगी और अपराधी पर, जो ईश्वर के संकेतों को अपने सामने सुनाए जाते सुनता है, फिर घमंड से फूलकर अड़ा रहता है, मानो उसने उन्हें सुना ही न हो।
ويل لكل افاك اثيم يسمع ايت الله تتلي عليه ثم يصر مستكبرا كان لم يسمعها
इसलिए उसे पीड़ादायक दंड का शुभ समाचार दो।
فبشره بعذاب اليم
और जब उसे हमारे संकेतों में से कुछ पता चलता है, तो वह उन्हें मज़ाक़ का विषय बना लेता है।
واذا علم من ايتنا شيا اتخذها هزوا
यही हैं जिनके लिए अपमानजनक दंड होगा।
اوليك لهم عذاب مهين
उनके परे जहन्नम है; और जो उन्होंने कमाया वह उनके किसी काम न आएगा, और न वे हिमायती जो उन्होंने ईश्वर के अतिरिक्त बना लिए।
من ورايهم جهنم ولا يغني عنهم ما كسبوا شيا ولا ما اتخذوا من دون الله اوليا
और उनके लिए विशाल दंड होगा।
ولهم عذاب عظيم
यह एक मार्गदर्शन है,
هذا هدي
और जो अपने अभिभावक के संकेतों को नकारते हैं, उनके लिए पीड़ादायक मलिनता का दंड होगा।
والذين كفروا بايت ربهم لهم عذاب من رجز اليم
ईश्वर वही है जिसने तुम्हारे लिए समुद्र को वश में किया, ताकि उसके आदेश से जलयान उसमें चलें, और ताकि तुम उसके अनुग्रह में से खोजो, और शायद तुम कृतज्ञ हो जाओ।
الله الذي سخر لكم البحر لتجري الفلك فيه بامره ولتبتغوا من فضله ولعلكم تشكرون
और उसने तुम्हारे लिए वह सब वश में किया जो आकाशों में है और जो धरती पर है, वह सब उसी की ओर से।
وسخر لكم ما في السموت وما في الارض جميعا منه
इसमें अवश्य सोच-विचार करने वाली क़ौम के लिए संकेत हैं।
ان في ذلك لايت لقوم يتفكرون
उनसे कहो जो विश्वास करते हैं कि वे उन्हें क्षमा करें जो ईश्वर के दिनों की आशा नहीं रखते, ताकि वह एक क़ौम को उसका प्रतिफल दे जो वे कमाते थे।
قل للذين امنوا يغفروا للذين لا يرجون ايام الله ليجزي قوما بما كانوا يكسبون
जो कोई भला कर्म करता है, वह अपने ही लिए है,
من عمل صلحا فلنفسه
और जो कोई बुरा करता है, वह अपने ही विरुद्ध है,
ومن اسا فعليها
फिर तुम्हारे अभिभावक की ओर ही तुम लौटाए जाओगे।
ثم الي ربكم ترجعون
हमने निश्चय ही इसराईल की संतान को ग्रंथ, निर्णय और सूचना देने का दायित्व दिया; हमने उन्हें अच्छी चीज़ों की जीविका दी और उन्हें सभी प्राणियों पर वरीयता दी; और हमने उन्हें आदेश के विषय में स्पष्ट प्रमाण दिए।
ولقد اتينا بني اسريل الكتب والحكم والنبوه ورزقنهم من الطيبت وفضلنهم علي العلمين واتينهم بينت من الامر
वे ज्ञान आ जाने के बाद ही मतभेद में पड़े,
فما اختلفوا الا من بعد ما جاهم العلم
आपस की ज़्यादती के कारण।
بغيا بينهم
तुम्हारा अभिभावक निश्चय ही पेशी के दिन उनके बीच फ़ैसला करेगा, उस विषय में जिसमें वे मतभेद करते थे।
ان ربك يقضي بينهم يوم القيمه فيما كانوا فيه يختلفون
फिर हमने तुम्हें आदेश से निकली, विधान द्वारा बनी राह पर रखा: उसका अनुसरण करो,
ثم جعلنك علي شريعه من الامر فاتبعها
और उनकी भावनाओं का अनुसरण मत करो जो नहीं जानते,
ولا تتبع اهوا الذين لا يعلمون
क्योंकि वे ईश्वर के सामने तुम्हारे किसी काम न आएँगे,
انهم لن يغنوا عنك من الله شيا
और अन्यायी एक-दूसरे के हिमायती हैं,
وان الظلمين بعضهم اوليا بعض
जबकि ईश्वर उनका आश्रयदाता है जो सावधानी बरतने वाले हैं।
والله ولي المتقين
ये लोगों के लिए दूरदृष्टियाँ हैं, उस क़ौम के लिए मार्गदर्शन और दया जिसे यक़ीन है।
هذا بصير للناس وهدي ورحمه لقوم يوقنون
या फिर क्या जिन्होंने बुरे कर्म किए वे समझते हैं कि हम उन्हें उनके समान ठहराएँगे जिन्होंने विश्वास किया और भले कर्म किए, कि उनका जीवन और उनकी मृत्यु बराबर हो?
ام حسب الذين اجترحوا السيات ان نجعلهم كالذين امنوا وعملوا الصلحت سوا محياهم ومماتهم
कितना बुरा है उनका निर्णय!
سا ما يحكمون
और ईश्वर ने आकाशों और धरती को पूर्ण सत्य के साथ रचा,
وخلق الله السموت والارض بالحق
और ताकि हर स्व को उसके कमाए के अनुसार प्रतिफल मिले, और उन पर अन्याय न हो।
ولتجزي كل نفس بما كسبت وهم لا يظلمون
क्या तुमने उसे देखा जिसने अपनी भावना को अपना देवता बना लिया? ईश्वर ने उसे पूरे ज्ञान के साथ भटका दिया, उसके श्रवण और उसके मर्म पर मुहर लगा दी, और उसकी दृष्टि पर वह रख दिया जो उसे ढक दे। तो ईश्वर के बाद उसे कौन मार्ग दिखाएगा?
افريت من اتخذ الهه هويه واضله الله علي علم وختم علي سمعه وقلبه وجعل علي بصره غشوه فمن يهديه من بعد الله
तो क्या तुम स्मरण नहीं करते?
افلا تذكرون
और उन्होंने कहा: “हमारे इहलोक के जीवन के सिवा कुछ नहीं, हम मरते हैं और हम जीते हैं, और हमें समय के सिवा कुछ नष्ट नहीं करता।”
وقالوا ما هي الا حياتنا الدنيا نموت ونحيا وما يهلكنا الا الدهر
उन्हें इसका कोई ज्ञान नहीं,
وما لهم بذلك من علم
वे केवल अनुमान लगाते हैं।
ان هم الا يظنون
और जब उन्हें हमारे संकेत स्पष्ट सुनाए जाते हैं, तो उनका एकमात्र तर्क यही कहना होता है: “हमारे पूर्वजों को ले आओ, यदि तुम सच्चे हो।”
واذا تتلي عليهم ايتنا بينت ما كان حجتهم الا ان قالوا ايتوا باباينا ان كنتم صدقين
कहो: “ईश्वर तुम्हें जीवन देता है, फिर तुम्हें मृत्यु देता है, फिर वह तुम्हें पेशी के दिन एकत्र करेगा, जिसमें कोई संदेह नहीं,
قل الله يحييكم ثم يميتكم ثم يجمعكم الي يوم القيمه لا ريب فيه
परंतु अधिकतर लोग नहीं जानते।”
ولكن اكثر الناس لا يعلمون
और ईश्वर का ही है आकाशों और धरती का राजत्व,
ولله ملك السموت والارض
और जिस दिन घड़ी आ खड़ी होगी, उस दिन असत्य के कारीगर घाटा उठाने वाले होंगे।
ويوم تقوم الساعه يوميذ يخسر المبطلون
और तुम हर समुदाय को घुटने टेके हुए देखोगे,
وتري كل امه جاثيه
हर समुदाय को उसकी बही की ओर बुलाया जाएगा।
كل امه تدعي الي كتبها
“आज तुम्हें उसका प्रतिफल दिया जा रहा है जो तुम करते थे।”
اليوم تجزون ما كنتم تعملون
“यह हमारी बही है, वह तुम पर पूरा सत्य बोलती है,
هذا كتبنا ينطق عليكم بالحق
क्योंकि हम उसकी प्रतिलिपि कराते थे जो तुम करते थे।”
انا كنا نستنسخ ما كنتم تعملون
रही बात उनकी जिन्होंने विश्वास किया और भले कर्म किए, उनका अभिभावक उन्हें अपनी दया में प्रवेश देगा;
فاما الذين امنوا وعملوا الصلحت فيدخلهم ربهم في رحمته
यही स्पष्ट विजय है।
ذلك هو الفوز المبين
और रही बात उनकी जो नकारते हैं: “क्या मेरे संकेत तुम्हें सुनाए नहीं जाते थे? परंतु तुम घमंड से फूल गए और तुम बहिष्कृतों की क़ौम थे।”
واما الذين كفروا افلم تكن ايتي تتلي عليكم فاستكبرتم وكنتم قوما مجرمين
और जब कहा जाता था: “ईश्वर का वादा निश्चय ही सत्य है, और घड़ी, उसके विषय में कोई संदेह नहीं”, तो तुम कहते थे: “हमें अंदाज़ा नहीं कि घड़ी क्या है, हम केवल अनुमान लगाते हैं, और हमें उसका यक़ीन नहीं।”
واذا قيل ان وعد الله حق والساعه لا ريب فيها قلتم ما ندري ما الساعه ان نظن الا ظنا وما نحن بمستيقنين
और उनके सामने उनके किए के बुरे परिणाम आ जाएँगे,
وبدا لهم سيات ما عملوا
और जिसका वे मज़ाक़ उड़ाते थे वह उन्हें लपेट लेगा।
وحاق بهم ما كانوا به يستهزون
और कहा जाएगा: “आज हम तुम्हें भुला देते हैं, जैसे तुमने अपने इस दिन से मिलने को भुला दिया; तुम्हारी शरण आग है, और तुम्हें कोई सहायता न मिलेगी।”
وقيل اليوم ننسيكم كما نسيتم لقا يومكم هذا وماويكم النار وما لكم من نصرين
“यह इसलिए कि तुमने ईश्वर के संकेतों को मज़ाक़ का विषय बनाया, और इहलोक के जीवन ने तुम्हें छल लिया।”
ذلكم بانكم اتخذتم ايت الله هزوا وغرتكم الحيوه الدنيا
इसलिए आज न उन्हें उसमें से निकाला जाएगा, और न उनसे खेद प्रकट करने को कहा जाएगा।
فاليوم لا يخرجون منها ولا هم يستعتبون
इसलिए प्रशंसा ईश्वर के लिए है, आकाशों के अभिभावक, धरती के अभिभावक, सभी प्राणियों के अभिभावक।
فلله الحمد رب السموت ورب الارض رب العلمين
और आकाशों और धरती में बड़ाई उसी की है,
وله الكبريا في السموت والارض
और वही सर्वशक्तिमान, प्रज्ञावान है।
وهو العزيز الحكيم