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القرآن

الملك

Al-Mulk

The Dominion

अध्याय 67 · 30 पद

بسم الله الرحمن الرحيم

ईश्वर के नाम से, जो सर्वदयालु, दयालु है।

67:1

आशीषमय है वह जिसके हाथों में राजत्व है, और वह हर चीज़ का सामर्थ्य रखता है,

تبرك الذي بيده الملك وهو علي كل شي قدير

जिसने मृत्यु और जीवन को रचा ताकि तुम्हें परखे: तुममें कौन सबसे अच्छा कर्म करता है।

الذي خلق الموت والحيوه ليبلوكم ايكم احسن عملا

और वही सर्वशक्तिमान, अत्यंत क्षमाशील है।

وهو العزيز الغفور

वही जिसने सात आकाश तह-दर-तह रचे।

الذي خلق سبع سموت طباقا

67:3

तुम सर्वदयालु की रचना में कोई असंगति नहीं देखते।

ما تري في خلق الرحمن من تفوت

67:3

दृष्टि लौटाओ: क्या तुम्हें कोई दरार दिखती है?

فارجع البصر هل تري من فطور

67:4

फिर दो बार दृष्टि लौटाओ: दृष्टि तुम्हारे पास ठुकराई हुई और हाँफती हुई पलटेगी।

ثم ارجع البصر كرتين ينقلب اليك البصر خاسيا وهو حسير

67:5

हमने निश्चय ही सबसे निकट के आकाश को दीपों से सजाया, और हमने उन्हें बहकाने वालों पर प्रहार बनाया, और उनके लिए दहकते अंगार का दंड जुटा रखा है।

ولقد زينا السما الدنيا بمصبيح وجعلنها رجوما للشيطين واعتدنا لهم عذاب السعير

67:6

और जिन्होंने अपने अभिभावक को नकारा, उनके लिए जहन्नम का दंड है,

وللذين كفروا بربهم عذاب جهنم

और कितना भयानक गंतव्य!

وبيس المصير

जब वे उसमें फेंके जाएँगे, तो वे उसकी दहाड़ सुनेंगे, जबकि वह उबल रही होगी, क्रोध से फट पड़ने को तैयार।

اذا القوا فيها سمعوا لها شهيقا وهي تفور تكاد تميز من الغيظ

हर बार जब कोई भीड़ उसमें फेंकी जाएगी, तो उसके प्रहरी उनसे पूछेंगे: “क्या तुम्हारे पास कोई चेतावनी देने वाला नहीं आया?”

كلما القي فيها فوج سالهم خزنتها الم ياتكم نذير

वे कहेंगे: “क्यों नहीं, हमारे पास एक चेतावनी देने वाला आया, परंतु हमने झुठलाया और कहा: ‘ईश्वर ने कुछ नहीं उतारा, तुम तो केवल एक बड़े भटकाव में हो।’”

قالوا بلي قد جانا نذير فكذبنا وقلنا ما نزل الله من شي ان انتم الا في ضلل كبير

और वे कहेंगे: “यदि हमने सुना होता या बुद्धि से काम लिया होता, तो हम दहकते अंगार वालों में न होते।”

وقالوا لو كنا نسمع او نعقل ما كنا في اصحب السعير

तब वे अपने दोष को स्वीकार करेंगे:

فاعترفوا بذنبهم

67:11

दूर हों दहकते अंगार वाले!

فسحقا لاصحب السعير

67:12

जो अपने अभिभावक का भय मानते हैं, भले ही वह उनकी इंद्रियों से परे है, उनके लिए निश्चय ही क्षमा और बड़ा पुरस्कार है।

ان الذين يخشون ربهم بالغيب لهم مغفره واجر كبير

और तुम अपना कथन गुप्त रखो या उसे ऊँचे स्वर में कहो,

واسروا قولكم او اجهروا به

क्योंकि वह सीनों के भीतर जो है उसके विषय में सर्वज्ञ है।

انه عليم بذات الصدور

जिसने रचा, क्या वह नहीं जानेगा, जबकि वह सूक्ष्म, पूरी ख़बर रखने वाला है?

الا يعلم من خلق وهو اللطيف الخبير

वही है जिसने तुम्हारे लिए धरती को अनुकूल बना दिया; अतः उसके विस्तारों में चलो और उसकी जीविका में से खाओ।

هو الذي جعل لكم الارض ذلولا فامشوا في مناكبها وكلوا من رزقه

67:15

और उसी की ओर फैलाव है।

واليه النشور

क्या तुम उससे निर्भय हो जो आकाश में है, कि वह धरती को तुम्हें निगलवा दे, और तब वह थरथराने लगे?

امنتم من في السما ان يخسف بكم الارض فاذا هي تمور

या क्या तुम उससे निर्भय हो जो आकाश में है, कि वह तुम पर कंकड़ों की बौछार भेज दे?

ام امنتم من في السما ان يرسل عليكم حاصبا

तब तुम जान लोगे कि मेरी चेतावनी का क्या हाल है।

فستعلمون كيف نذير

उनसे पहले वालों ने निश्चय ही झुठलाया,

ولقد كذب الذين من قبلهم

और कैसा रहा मेरा अमान्य ठहराना!

فكيف كان نكير

67:19

क्या उन्होंने अपने ऊपर पक्षियों को नहीं देखा, जो अपने पंख पंक्तिबद्ध करते और समेटते हैं?

اولم يروا الي الطير فوقهم صفت ويقبضن

67:19

उन्हें सर्वदयालु के सिवा कोई नहीं थामता,

ما يمسكهن الا الرحمن

क्योंकि वह हर चीज़ पर दृष्टि रखता है।

انه بكل شي بصير

67:20

या वह कौन है जो तुम्हारे लिए सेना बने और सर्वदयालु के अतिरिक्त तुम्हारी सहायता करे?

امن هذا الذي هو جند لكم ينصركم من دون الرحمن

67:20

नकारने वाले केवल भुलावे में हैं।

ان الكفرون الا في غرور

67:21

या वह कौन है जो तुम्हें जीविका दे, यदि वह अपनी जीविका रोक ले?

امن هذا الذي يرزقكم ان امسك رزقه

परंतु वे उद्दंडता और विकर्षण में धँसे हैं।

بل لجوا في عتو ونفور

67:22

क्या वह जो अपने चेहरे के बल औंधा चलता है अधिक मार्गदर्शन पाया हुआ है, या वह जो सीधे पथ पर चलता है?

افمن يمشي مكبا علي وجهه اهدي امن يمشي سويا علي صرط مستقيم

67:23

कहो: “वही है जिसने तुम्हें उत्पन्न किया और तुम्हारे लिए श्रवण, दृष्टियाँ और चेतनाएँ रखीं।

قل هو الذي انشاكم وجعل لكم السمع والابصر والافده

तुम कितने कम कृतज्ञ हो!”

قليلا ما تشكرون

कहो: “वही है जिसने तुम्हें धरती में बिखेर दिया, और उसी की ओर तुम इकट्ठा किए जाओगे।”

قل هو الذي ذراكم في الارض واليه تحشرون

और वे कहते हैं: “यह वादा कब है, यदि तुम सच्चे हो?”

ويقولون متي هذا الوعد ان كنتم صدقين

कहो: “ज्ञान केवल ईश्वर का है; मैं तो बस एक स्पष्ट चेतावनी देने वाला हूँ।”

قل انما العلم عند الله وانما انا نذير مبين

67:27

फिर जब वे उसे निकट देखेंगे, तो जिन्होंने नकारा उनके चेहरों पर अप्रसन्नता छप जाएगी, और कहा जाएगा: “यह वही है जो तुम माँगते थे।”

فلما راوه زلفه سيت وجوه الذين كفروا وقيل هذا الذي كنتم به تدعون

67:28

कहो: “क्या तुम देखते हो? ईश्वर मुझे और मेरे साथ वालों को नष्ट करे, या हम पर दया करे, तो नकारने वालों को पीड़ादायक दंड से कौन शरण देगा?”

قل اريتم ان اهلكني الله ومن معي او رحمنا فمن يجير الكفرين من عذاب اليم

कहो: “वही सर्वदयालु है; हम उस पर विश्वास करते हैं और उसी को हम मुख़्तार बनाते हैं।

قل هو الرحمن امنا به وعليه توكلنا

तुम शीघ्र ही जान लोगे कि स्पष्ट भटकाव में कौन है।”

فستعلمون من هو في ضلل مبين

कहो: “क्या तुम देखते हो? यदि तुम्हारा पानी धरती में धँस जाए, तो तुम्हारे पास सोते का पानी कौन ले आएगा?”

قل اريتم ان اصبح ماوكم غورا فمن ياتيكم بما معين

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