Al-Layl الليل
The Night واليل
The section and its links
The immense Information, the Day, then the “Say” suras (78, then 79-114)
Read the section from its beginning: sura 78
What was shown before: The immense Information is set out in 78. 78
بسم الله الرحمن الرحيم
ईश्वर के नाम से, जो सर्वदयालु, दयालु है।
रात की शपथ जब वह सब कुछ ढक लेती है! दिन की जब वह उजागर होता है! उसकी जिसने नर और मादा को रचा! तुम्हारे प्रयास अवश्य बिखरे हुए हैं।
واليل اذا يغشى والنهار اذا تجلى وما خلق الذكر والانثى ان سعيكم لشتى
रहा वह जो देता है, सावधान रहता है और सबसे सुंदर को सच्चा ठहराता है, हम उसके लिए सरलता की ओर राह आसान करेंगे।
فاما من اعطى واتقى وصدق بالحسنى فسنيسره لليسرى
परंतु रहा वह जो कंजूसी करता है, अपने को धनी समझता है और सबसे सुंदर को झुठलाता है, हम उसके लिए कठिनाई की ओर राह आसान करेंगे।
واما من بخل واستغنى وكذب بالحسنى فسنيسره للعسرى
और उसकी संपत्ति उसके कुछ काम न आएगी जब वह गिरेगा।
وما يغني عنه ماله اذا تردى
मार्गदर्शन अवश्य हमारे ज़िम्मे है, और अंतिम जीवन और पहला जीवन अवश्य हमारा है।
ان علينا للهدى وان لنا للءاخرة والاولى
इसलिए मैंने तुम्हें एक भड़कती आग की चेतावनी दे दी है, जिसमें केवल सबसे अभागा जलेगा, जिसने झुठलाया और पीठ फेरी।
فانذرتكم نارا تلظى لا يصلىها الا الاشقى الذي كذب وتولى
और उससे दूर रखा जाएगा सबसे अधिक सावधानी बरतने वाला, जो शुद्ध होने के लिए अपनी संपत्ति देता है,
وسيجنبها الاتقى الذي يوتي ماله يتزكى
और उसके पास किसी का ऐसा उपकार नहीं जिसका प्रतिफल देना हो, सिवा अपने परम-उच्च अभिभावक की दिशा खोजने के।
وما لاحد عنده من نعمة تجزى الا ابتغاء وجه ربه الاعلى
और वह निश्चय ही शीघ्र संतुष्ट हो जाएगा।
ولسوف يرضى