An-Nazi'at النازعات
Those who tear away النازعات
Summary and links in the frieze
In the frieze Asked about the Hour, he need not tell its time: like Moussa, he warns whoever dreads.
Read just before, 80 leads here: The "you" was distracted from the one who dreads (80:9-10); in the next one: "You are only the warner of whoever dreads it" (79:45). 80
It leads to 78: "They ask you about the Hour" (79:42); the next one opens on people asking one another about the immense Information (78:1-2). 78
Closes on “They ask one another”
بسم الله الرحمن الرحيم
ईश्वर के नाम से, जो सर्वदयालु, दयालु है।
उनकी शपथ जो डूबकर खींच लेती हैं, उनकी जो कोमलता से खोल देती हैं, उनकी जो तैरते हुए तैरती हैं, उनकी जो आगे बढ़ते हुए आगे निकलती हैं, उनकी जो मामले संचालित करती हैं — उस दिन जब पहला कंपन कँपाएगा, और उसके पीछे दूसरा आएगा,
والنزعت غرقا والنشطت نشطا والسبحت سبحا فالسبقت سبقا فالمدبرت امرا يوم ترجف الراجفة تتبعها الرادفة
उस दिन कुछ मर्म काँपते होंगे, और उनकी दृष्टियाँ विनीत होंगी।
قلوب يوميذ واجفة ابصرها خشعة
वे कहते हैं: “क्या हम सचमुच अपनी पहली अवस्था में वापस लाए जाएँगे, जब हम गली हुई हड्डियाँ हो चुके होंगे?”
يقولون اءنا لمردودون في الحافرة اءذا كنا عظما نخرة
उन्होंने कहा: “तब तो यह घाटे का पलटवार होता!” जबकि वह केवल एक ही गर्जन होगा, और देखो, वे खड़े हैं, संसार की सतह पर।
قالوا تلك اذا كرة خاسرة فانما هي زجرة وحدة فاذا هم بالساهرة
क्या तुम तक मूसा की वार्ता पहुँची है? जब उसके अभिभावक ने उसे तुवा की पवित्र की हुई घाटी में पुकारा,
هل اتىك حديث موسى اذ نادىه ربه بالواد المقدس طوى
“फ़िरऔन के पास जाओ, वह हर मर्यादा से आगे निकल गया है; उससे कहो: ‘क्या तुम चाहोगे कि तुम शुद्ध हो जाओ, और मैं तुम्हें तुम्हारे अभिभावक की ओर मार्ग दिखाऊँ, ताकि तुम उससे भय रखो?’”
اذهب الى فرعون انه طغى فقل هل لك الى ان تزكى واهديك الى ربك فتخشى
तब उसने उसे सबसे बड़ा संकेत दिखाया; परंतु उसने झुठलाया और अवज्ञा की, फिर वह पीठ फेरकर प्रयास करता हुआ चला गया, उसने इकट्ठा किया, पुकारा और कहा: “मैं तुम्हारा स्वामी हूँ, सबसे ऊँचा।” तब ईश्वर ने उसे अंतिम जीवन और पहले जीवन के निवारक उदाहरण से पकड़ लिया।
فارىه الءاية الكبرى فكذب وعصى ثم ادبر يسعى فحشر فنادى فقال انا ربكم الاعلى فاخذه الله نكال الءاخرة والاولى
इसमें अवश्य उसके लिए एक सीख है जो भय रखता है।
ان في ذلك لعبرة لمن يخشى
क्या तुम्हें रचना अधिक कठिन है, या आकाश?
ءانتم اشد خلقا ام السماء
उसने उसे बनाया, उसकी छत ऊँची की, फिर उसे सँवारा; उसकी रात अँधेरी की और उससे पूर्वाह्न की उजास निकाली।
بنىها رفع سمكها فسوىها واغطش ليلها واخرج ضحىها
और धरती को, इसके बाद, उसने प्रस्फुटित किया: उससे उसका पानी और उसका चरागाह निकाला, और पहाड़ों को उसने जमा दिया — तुम्हारे लिए और तुम्हारे पशुधन के लिए उपभोग।
والارض بعد ذلك دحىها اخرج منها ماءها ومرعىها والجبال ارسىها متعا لكم ولانعمكم
फिर जब वह बड़ा विप्लव आएगा, उस दिन जब मनुष्य स्मरण करेगा कि उसने किसके लिए प्रयास किया था, और भट्ठी उसे दिखाई जाएगी जो देखता है,
فاذا جاءت الطامة الكبرى يوم يتذكر الانسن ما سعى وبرزت الجحيم لمن يرى
तो जिसने हर मर्यादा से आगे निकलकर निकट जीवन को चुना, भट्ठी निश्चय ही उसकी शरण होगी;
فاما من طغى وءاثر الحيوة الدنيا فان الجحيم هي الماوى
और जो अपने अभिभावक के सामने खड़े होने से डरा, और जिसने स्व को भावना से रोका, उद्यान निश्चय ही उसकी शरण होगा।
واما من خاف مقام ربه ونهى النفس عن الهوى فان الجنة هي الماوى
वे तुमसे उस घड़ी के विषय में पूछते हैं: वह कब लंगर डालेगी?
يسلونك عن الساعة ايان مرسىها
उसके स्मरण से तुम्हारा क्या लेना-देना?
فيم انت من ذكرىها
तुम्हारे अभिभावक ही की ओर उसकी अंतिम सीमा है।
الى ربك منتهىها
तुम तो केवल उसे चेतावनी देने वाला हो जो उससे भय रखता है।
انما انت منذر من يخشىها
जिस दिन वे उसे देखेंगे, उन्हें ऐसा लगेगा कि उन्होंने केवल एक संध्या या एक प्रभात बिताया था।
كانهم يوم يرونها لم يلبثوا الا عشية او ضحىها