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The Rhetoricians

अध्याय 26 · 227 पद

بسم ٱلله ٱلرحمن ٱلرحيم

ईश्वर के नाम से, जो सर्वदयालु, दयालु है।

26:1

ता. सीन. मीम.

طسم

26:2

ये स्पष्ट ग्रंथ के संकेत हैं।

تلك ءايت ٱلكتب ٱلمبين

26:3

शायद तुम अपने आप को इसलिए घुलाकर नष्ट कर लो कि वे विश्वास करने वाले नहीं हैं।

لعلك بخع نفسك ألا يكونوا مؤمنين

यदि हमारी मर्ज़ी होती, तो हम उन पर आकाश से एक संकेत उतारते जिसके सामने उनकी गर्दनें झुकी रह जातीं।

إن نشأ ننزل عليهم من ٱلسمآء ءاية فظلت أعنقهم لها خضعين

और सर्वदयालु की ओर से उनके पास कोई नया स्मरण नहीं आता जिससे वे मुँह न फेर लें।

وما يأتيهم من ذكر من ٱلرحمن محدث إلا كانوا عنه معرضين

उन्होंने झुठला दिया है; शीघ्र ही उनके पास उसकी सूचनाएँ आएँगी जिसका वे मज़ाक़ उड़ाते थे।

فقد كذبوا فسيأتيهم أنبؤا ما كانوا به يستهزءون

क्या उन्होंने धरती को नहीं देखा, हमने उसमें हर उदार जोड़े में से कितना उगाया?

أولم يروا إلى ٱلأرض كم أنبتنا فيها من كل زوج كريم

26:8

इसमें अवश्य एक संकेत है।

إن في ذلك لءاية

26:8

परंतु उनमें से अधिकतर विश्वास करने वाले नहीं हैं।

وما كان أكثرهم مؤمنين

26:9

और तुम्हारा अभिभावक अवश्य सर्वशक्तिमान, दयालु है।

وإن ربك لهو ٱلعزيز ٱلرحيم

26:10–11

और जब तुम्हारे अभिभावक ने मूसा को पुकारा: “अन्यायी क़ौम के पास जाओ, फ़िरऔन की क़ौम के पास।

وإذ نادى ربك موسى أن ٱئت ٱلقوم ٱلظلمين قوم فرعون

26:10–11

क्या वे सावधानी नहीं बरतेंगे?”

ألا يتقون

26:12–14

उसने कहा: “मेरे अभिभावक, मुझे डर है कि वे मुझे झुठलाएँगे; और मेरा सीना तंग होता है, और मेरी ज़बान नहीं खुलती: इसलिए हारून की ओर भेज दीजिए। उनका मुझ पर एक दोष है, और मुझे डर है कि वे मुझे मार डालेंगे।”

قال رب إني أخاف أن يكذبون ويضيق صدري ولا ينطلق لساني فأرسل إلى هرون ولهم على ذنب فأخاف أن يقتلون

उसने कहा: “कदापि नहीं!

قال كلا

तुम दोनों हमारे संकेतों के साथ जाओ; हम निश्चय ही तुम्हारे साथ हैं, सुन रहे हैं।

فٱذهبا بايتنآ إنا معكم مستمعون

26:16–17

इसलिए फ़िरऔन के पास जाओ और उससे कहो: ‘हम निश्चय ही सभी प्राणियों के अभिभावक के संदेशवाहक हैं; इसराईल की संतान को हमारे साथ जाने दो।’”

فأتيا فرعون فقولآ إنا رسول رب ٱلعلمين أن أرسل معنا بني إسرءيل

26:18–19

उसने कहा: “क्या हमने तुम्हें बचपन में अपने बीच नहीं पाला, और क्या तुमने अपने जीवन के कई वर्ष हमारे बीच नहीं बिताए? तुमने वह काम किया जो तुमने किया, और तुम नकारने वालों में से हो।”

قال ألم نربك فينا وليدا ولبثت فينا من عمرك سنين وفعلت فعلتك ٱلتي فعلت وأنت من ٱلكفرين

उसने कहा: “मैंने उसे उस समय किया जब मैं भटके हुओं में से था।

قال فعلتهآ إذا وأنا من ٱلضآلين

फिर मैं तुमसे भागा जब मुझे तुमसे डर लगा; फिर मेरे अभिभावक ने मुझे निर्णय प्रदान किया और मुझे भेजे गए जनों में से एक बनाया।

ففررت منكم لما خفتكم فوهب لي ربي حكما وجعلني من ٱلمرسلين

26:22

और यह उपकार, जिससे तुम समझते हो कि मुझ पर कृपा कर रहे हो, यह है कि तुमने इसराईल की संतान को पराधीन कर लिया!”

وتلك نعمة تمنها على أن عبدت بني إسرءيل

26:23

फ़िरऔन ने कहा: “और सभी प्राणियों का अभिभावक क्या है?”

قال فرعون وما رب ٱلعلمين

26:24

उसने कहा: “आकाशों और धरती का और जो उनके बीच है उसका अभिभावक, यदि तुम यक़ीन रखने वालों में से हो।”

قال رب ٱلسموت وٱلأرض وما بينهمآ إن كنتم موقنين

उसने अपने आसपास वालों से कहा: “क्या तुम सुनते नहीं?”

قال لمن حوله ألا تستمعون

26:26

उसने कहा: “तुम्हारा अभिभावक और तुम्हारे पहले पूर्वजों का अभिभावक।”

قال ربكم ورب ءابآئكم ٱلأولين

26:27

उसने कहा: “तुम्हारा यह संदेशवाहक, जो तुम्हारी ओर भेजा गया है, अवश्य विक्षिप्त है।”

قال إن رسولكم ٱلذي أرسل إليكم لمجنون

26:28

उसने कहा: “पूरब और पश्चिम का और जो उनके बीच है उसका अभिभावक, यदि तुम बुद्धि से काम लेते।”

قال رب ٱلمشرق وٱلمغرب وما بينهمآ إن كنتم تعقلون

उसने कहा: “यदि तुमने मेरे अतिरिक्त कोई और देवता अपनाया, तो मैं तुम्हें अवश्य क़ैदियों में डाल दूँगा।”

قال لئن ٱتخذت إلها غيري لأجعلنك من ٱلمسجونين

उसने कहा: “चाहे मैं तुम्हारे पास कोई स्पष्ट चीज़ ले आऊँ?”

قال أولو جئتك بشىء مبين

उसने कहा: “तो उसे ले आओ, यदि तुम सच्चों में से हो।”

قال فأت به إن كنت من ٱلصدقين

तब उसने अपनी लाठी फेंकी, और देखो वह एक स्पष्ट सर्प हो गई; और उसने अपना हाथ निकाला, और देखो वह नज़र डालने वालों के लिए श्वेत था।

فألقى عصاه فإذا هي ثعبان مبين ونزع يده فإذا هي بيضآء للنظرين

26:34–35

उसने अपने आसपास के दरबार से कहा: “यह अवश्य एक ज्ञानी भ्रमकार है, जो अपने भ्रम से तुम्हें तुम्हारी धरती से निकालना चाहता है। तो तुम क्या सलाह देते हो?”

قال للملإ حوله إن هذا لسحر عليم يريد أن يخرجكم من أرضكم بسحره فماذا تأمرون

उन्होंने कहा: “उसे और उसके भाई को लंबित रखो, और राजधानियों में इकट्ठा करने वाले उठाओ, जो हर बड़े ज्ञानी भ्रमकार को तुम्हारे पास ले आएँ।”

قالوا أرجه وأخاه وٱبعث في ٱلمدآئن حشرين يأتوك بكل سحار عليم

तो भ्रमकार एक ज्ञात दिन के निश्चित वादे के समय के लिए एकत्र किए गए।

فجمع ٱلسحرة لميقت يوم معلوم

और लोगों से कहा गया: “क्या तुम एकत्र होगे, इस आशा में कि हम भ्रमकारों का अनुसरण करेंगे, यदि वे विजेता हुए?”

وقيل للناس هل أنتم مجتمعون لعلنا نتبع ٱلسحرة إن كانوا هم ٱلغلبين

26:41

जब भ्रमकार आए, तो उन्होंने फ़िरऔन से कहा: “क्या हमारे लिए सचमुच कोई पुरस्कार होगा, यदि हम विजेता हुए?”

فلما جآء ٱلسحرة قالوا لفرعون أئن لنا لأجرا إن كنا نحن ٱلغلبين

उसने कहा: “हाँ, और तब तुम अवश्य निकट किए गए जनों में से होगे।”

قال نعم وإنكم إذا لمن ٱلمقربين

26:43

मूसा ने उनसे कहा: “जो तुम्हें फेंकना है फेंको।”

قال لهم موسى ألقوا مآ أنتم ملقون

26:44

उन्होंने अपनी रस्सियाँ और लाठियाँ फेंकीं और कहा: “फ़िरऔन की शक्ति की शपथ, हम ही अवश्य विजेता होंगे!”

فألقوا حبالهم وعصيهم وقالوا بعزة فرعون إنا لنحن ٱلغلبون

26:45

तब मूसा ने अपनी लाठी फेंकी, और देखो वह उसे निगल रही थी जिसका वे स्वांग भरते थे।

فألقى موسى عصاه فإذا هي تلقف ما يأفكون

तब भ्रमकार माथा टेके हुए गिरा दिए गए।

فألقي ٱلسحرة سجدين

26:47–48

उन्होंने कहा: “हम सभी प्राणियों के अभिभावक पर विश्वास करते हैं, मूसा और हारून के अभिभावक पर।”

قالوا ءامنا برب ٱلعلمين رب موسى وهرون

उसने कहा: “तुमने मेरे तुम्हें अनुमति देने से पहले ही उस पर भरोसा कर लिया! वह अवश्य तुम सबमें सबसे बड़ा है, जिसने तुम्हें भ्रम सिखाया।

قال ءامنتم له قبل أن ءاذن لكم إنه لكبيركم ٱلذي علمكم ٱلسحر

तो तुम शीघ्र ही जान लोगे।

فلسوف تعلمون

26:49

मैं तुम्हारे हाथ और पैर विपरीत ओर से अवश्य काटूँगा, और मैं तुम सबको एक साथ अवश्य सूली पर चढ़ाऊँगा।”

لأقطعن أيديكم وأرجلكم من خلف ولأصلبنكم أجمعين

26:50

उन्होंने कहा: “कोई हानि नहीं!

قالوا لا ضير

26:50

हम अपने अभिभावक की ओर ही पलटते हैं।

إنآ إلى ربنا منقلبون

26:51

हम आशा करते हैं कि हमारा अभिभावक हमारी भूलें क्षमा करे, क्योंकि हम विश्वास करने वालों में पहले हैं।”

إنا نطمع أن يغفر لنا ربنا خطينآ أن كنآ أول ٱلمؤمنين

26:52

और हमने मूसा पर प्रकट किया: “मेरे आज्ञाकारियों को लेकर रात में निकलो; तुम्हारा पीछा किया जाएगा।”

وأوحينآ إلى موسى أن أسر بعبادي إنكم متبعون

26:53

फ़िरऔन ने राजधानियों में इकट्ठा करने वाले भेजे:

فأرسل فرعون في ٱلمدآئن حشرين

26:54–56

“ये अवश्य एक कम संख्या वाला गिरोह हैं, और वे हमें अवश्य क्रोधित करते हैं, और हम सब अवश्य एक साथ एक सतर्क शक्ति हैं।”

إن هؤلآء لشرذمة قليلون وإنهم لنا لغآئظون وإنا لجميع حذرون

26:57–58

तो हमने उन्हें उद्यानों और सोतों से, और ख़ज़ानों और एक सम्मानित पद से निकाला।

فأخرجنهم من جنت وعيون وكنوز ومقام كريم

26:59

ऐसा ही।

كذلك

26:60

और हमने इसराईल की संतान को उनका उत्तराधिकारी बनाया, और उन्होंने भोर होते उनका पीछा किया।

وأورثنها بني إسرءيل فأتبعوهم مشرقين

26:61

और जब दोनों दल एक-दूसरे को दिखे, तो मूसा के साथियों ने कहा: “हम तो अवश्य पकड़े गए!”

فلما ترءا ٱلجمعان قال أصحب موسى إنا لمدركون

26:62

उसने कहा: “कदापि नहीं!

قال كلآ

26:62

मेरा अभिभावक निश्चय ही मेरे साथ है; वह मुझे मार्ग दिखाएगा।”

إن معي ربي سيهدين

26:63

तब हमने मूसा पर प्रकट किया: “अपनी लाठी से समुद्र को मारो।” वह फट गया, और हर भाग एक विशाल चोटी जैसा हो गया।

فأوحينآ إلى موسى أن ٱضرب بعصاك ٱلبحر فٱنفلق فكان كل فرق كٱلطود ٱلعظيم

और हमने वहाँ दूसरों को निकट पहुँचाया।

وأزلفنا ثم ٱلءاخرين

26:65–66

और हमने मूसा को और जो उसके साथ थे उन सबको उबारा, फिर दूसरों को डुबो दिया।

وأنجينا موسى ومن معه أجمعين ثم أغرقنا ٱلءاخرين

इसमें अवश्य एक संकेत है।

إن في ذلك لءاية

परंतु उनमें से अधिकतर विश्वास करने वाले नहीं हैं।

وما كان أكثرهم مؤمنين

और तुम्हारा अभिभावक अवश्य सर्वशक्तिमान, दयालु है।

وإن ربك لهو ٱلعزيز ٱلرحيم

26:69–70

और उन्हें इब्राहीम की सूचना सुनाओ, जब उसने अपने पिता और अपनी क़ौम से कहा: “तुम किसकी आज्ञा का पालन करते हो?”

وٱتل عليهم نبأ إبرهيم إذ قال لأبيه وقومه ما تعبدون

उन्होंने कहा: “हम मूर्तियों की आज्ञा का पालन करते हैं, और उनके पास डटे रहते हैं।”

قالوا نعبد أصناما فنظل لها عكفين

उसने कहा: “क्या वे तुम्हें सुनती हैं जब तुम उन्हें पुकारते हो, या तुम्हारे काम आती हैं, या तुम्हें हानि पहुँचाती हैं?”

قال هل يسمعونكم إذ تدعون أو ينفعونكم أو يضرون

26:74

उन्होंने कहा: “नहीं, बल्कि हमने अपने पूर्वजों को ऐसा ही करते पाया।”

قالوا بل وجدنآ ءابآءنا كذلك يفعلون

26:75–77

उसने कहा: “तो क्या तुमने देखा कि तुम किसकी आज्ञा का पालन करते थे, तुम और तुम्हारे सबसे दूर के पूर्वज? वे निश्चय ही मेरे शत्रु हैं,

قال أفرءيتم ما كنتم تعبدون أنتم وءابآؤكم ٱلأقدمون فإنهم عدو لي

26:78

सिवा सभी प्राणियों के अभिभावक के, जिसने मुझे रचा और जो मुझे मार्ग दिखाता है,

إلا رب ٱلعلمين ٱلذي خلقني فهو يهدين

26:79–80

और जो मुझे खिलाता और पिलाता है, और जब मैं रोगी होता हूँ तो मुझे स्वस्थ करता है,

وٱلذي هو يطعمني ويسقين وإذا مرضت فهو يشفين

26:81

और जो मुझे मृत्यु देगा फिर मुझे पुनः जीवन देगा,

وٱلذي يميتني ثم يحيين

26:82

और जिससे मैं आशा करता हूँ कि चुकौती के दिन मेरी भूल क्षमा करे।

وٱلذي أطمع أن يغفر لي خطيتي يوم ٱلدين

मेरे अभिभावक, मुझे निर्णय प्रदान कीजिए और मुझे भलों के साथ मिला दीजिए,

رب هب لي حكما وألحقني بٱلصلحين

और मुझे बाद वालों में सच्ची ज़बान प्रदान कीजिए,

وٱجعل لي لسان صدق في ٱلءاخرين

26:85

और मुझे उपकार के उद्यान के उत्तराधिकारियों में से बना दीजिए,

وٱجعلني من ورثة جنة ٱلنعيم

और मेरे पिता को क्षमा कीजिए, क्योंकि वह भटके हुओं में से था,

وٱغفر لأبي إنه كان من ٱلضآلين

26:87–89

और जिस दिन वे उठाए जाएँगे उस दिन मुझे लज्जित न कीजिए, जिस दिन न संपत्ति काम आएगी न पुत्र, सिवा उसके जो ईश्वर के पास अक्षत मर्म के साथ आए।”

ولا تخزني يوم يبعثون يوم لا ينفع مال ولا بنون إلا من أتى ٱلله بقلب سليم

और उद्यान सावधानी बरतने वालों के निकट लाया जाएगा,

وأزلفت ٱلجنة للمتقين

26:91

और भट्ठी दिशाहीनों को दिखाई जाएगी।

وبرزت ٱلجحيم للغاوين

और उनसे कहा जाएगा: “कहाँ हैं वे जिनकी तुम ईश्वर के अतिरिक्त आज्ञा का पालन करते थे,

وقيل لهم أين ما كنتم تعبدون من دون ٱلله

क्या वे तुम्हारी सहायता करते हैं, या स्वयं की सहायता करते हैं?”

هل ينصرونكم أو ينتصرون

26:94–95

उसमें वे औंधे गिराए जाएँगे, वे और दिशाहीन, और इब्लीस की सेनाएँ, सब एक साथ।

فكبكبوا فيها هم وٱلغاون وجنود إبليس أجمعون

26:96–98

वे उसमें झगड़ते हुए कहेंगे: “ईश्वर की शपथ, हम अवश्य स्पष्ट भटकाव में थे, जब हम तुम्हें सभी प्राणियों के अभिभावक के बराबर ठहराते थे।

قالوا وهم فيها يختصمون تٱلله إن كنا لفي ضلل مبين إذ نسويكم برب ٱلعلمين

26:99

और हमें तो केवल बहिष्कृतों ने भटकाया।

ومآ أضلنآ إلا ٱلمجرمون

26:100–101

अब हमारे न कोई सिफ़ारिश करने वाले हैं, न कोई गर्मजोशी वाला मित्र।

فما لنا من شفعين ولا صديق حميم

26:102

काश हमें पलटवार का अवसर मिलता, तो हम विश्वास करने वालों में से होते!”

فلو أن لنا كرة فنكون من ٱلمؤمنين

इसमें अवश्य एक संकेत है।

إن في ذلك لءاية

परंतु उनमें से अधिकतर विश्वास करने वाले नहीं हैं।

وما كان أكثرهم مؤمنين

और तुम्हारा अभिभावक अवश्य सर्वशक्तिमान, दयालु है।

وإن ربك لهو ٱلعزيز ٱلرحيم

26:105–107

नूह की क़ौम ने भेजे गए जनों को झुठलाया, जब उनके भाई नूह ने उनसे कहा: “क्या तुम सावधान नहीं रहते? मैं निश्चय ही तुम्हारे लिए एक भरोसेमंद संदेशवाहक हूँ।

كذبت قوم نوح ٱلمرسلين إذ قال لهم أخوهم نوح ألا تتقون إني لكم رسول أمين

तो ईश्वर के प्रति सावधान रहो और मेरी बात मानो।

فٱتقوا ٱلله وأطيعون

26:109

और मैं इसके लिए तुमसे कोई पुरस्कार नहीं माँगता;

ومآ أسلكم عليه من أجر

26:109

मेरा पुरस्कार केवल सभी प्राणियों के अभिभावक के ज़िम्मे है।

إن أجري إلا على رب ٱلعلمين

तो ईश्वर के प्रति सावधान रहो और मेरी बात मानो।”

فٱتقوا ٱلله وأطيعون

26:111

उन्होंने कहा: “क्या हम तुम पर भरोसा कर लें जबकि सबसे नीच जनों ने तुम्हारा अनुसरण किया है?”

قالوا أنؤمن لك وٱتبعك ٱلأرذلون

26:112

उसने कहा: “वे क्या करते थे, इसका मुझे क्या ज्ञान?

قال وما علمي بما كانوا يعملون

26:113

उनका हिसाब केवल मेरे अभिभावक के ज़िम्मे है, काश तुम्हें इसका आभास होता।

إن حسابهم إلا على ربي لو تشعرون

26:114–115

और मैं विश्वास करने वालों को दुत्कारने वालों में से नहीं हूँ; मैं तो केवल एक स्पष्ट चेतावनी देने वाला हूँ।”

ومآ أنا بطارد ٱلمؤمنين إن أنا إلا نذير مبين

26:116

उन्होंने कहा: “हे नूह, यदि तुम न रुके, तो तुम अवश्य निष्कासित किए गए जनों में होगे।”

قالوا لئن لم تنته ينوح لتكونن من ٱلمرجومين

उसने कहा: “मेरे अभिभावक, मेरी क़ौम ने निश्चय ही मुझे झुठला दिया है। तो मेरे और उनके बीच एक द्वार खोल दीजिए, और मुझे तथा मेरे साथ के विश्वास करने वालों को उबार लीजिए।”

قال رب إن قومي كذبون فٱفتح بيني وبينهم فتحا ونجني ومن معي من ٱلمؤمنين

तो हमने उसे और जो उसके साथ थे उन्हें भरे हुए जलयान में उबार लिया।

فأنجينه ومن معه في ٱلفلك ٱلمشحون

फिर हमने उसके बाद शेष को डुबो दिया।

ثم أغرقنا بعد ٱلباقين

इसमें अवश्य एक संकेत है।

إن في ذلك لءاية

परंतु उनमें से अधिकतर विश्वास करने वाले नहीं हैं।

وما كان أكثرهم مؤمنين

और तुम्हारा अभिभावक अवश्य सर्वशक्तिमान, दयालु है।

وإن ربك لهو ٱلعزيز ٱلرحيم

26:123–125

आद ने भेजे गए जनों को झुठलाया, जब उनके भाई हूद ने उनसे कहा: “क्या तुम सावधान नहीं रहते? मैं निश्चय ही तुम्हारे लिए एक भरोसेमंद संदेशवाहक हूँ।

كذبت عاد ٱلمرسلين إذ قال لهم أخوهم هود ألا تتقون إني لكم رسول أمين

तो ईश्वर के प्रति सावधान रहो और मेरी बात मानो।

فٱتقوا ٱلله وأطيعون

और मैं इसके लिए तुमसे कोई पुरस्कार नहीं माँगता;

ومآ أسلكم عليه من أجر

मेरा पुरस्कार केवल सभी प्राणियों के अभिभावक के ज़िम्मे है।

إن أجري إلا على رب ٱلعلمين

26:128–130

क्या तुम हर टीले पर खेल के लिए एक संकेत बनाते हो, और कारख़ाने अपनाते हो इस आशा में कि सदा रहोगे, और जब तुम पकड़ते हो तो अत्याचारियों की तरह पकड़ते हो?

أتبنون بكل ريع ءاية تعبثون وتتخذون مصانع لعلكم تخلدون وإذا بطشتم بطشتم جبارين

तो ईश्वर के प्रति सावधान रहो और मेरी बात मानो।

فٱتقوا ٱلله وأطيعون

26:132–134

और उसके प्रति सावधान रहो जिसने तुम्हें उससे सुसज्जित किया जो तुम जानते हो: उसने तुम्हें पशुधन, पुत्रों, उद्यानों और सोतों से सुसज्जित किया,

وٱتقوا ٱلذي أمدكم بما تعلمون أمدكم بأنعم وبنين وجنت وعيون

क्योंकि मैं तुम्हारे लिए एक विशाल दिन के दंड से डरता हूँ।”

إني أخاف عليكم عذاب يوم عظيم

उन्होंने कहा: “हमारे लिए बराबर है, चाहे तुम उपदेश दो या उपदेश देने वालों में न रहो; यह तो केवल प्राचीनों का स्वभाव है, और हमें दंड नहीं दिया जाएगा।”

قالوا سوآء علينآ أوعظت أم لم تكن من ٱلوعظين إن هذآ إلا خلق ٱلأولين وما نحن بمعذبين

तो उन्होंने उसे झुठलाया, और हमने उन्हें नष्ट कर दिया।

فكذبوه فأهلكنهم

इसमें अवश्य एक संकेत है।

إن في ذلك لءاية

परंतु उनमें से अधिकतर विश्वास करने वाले नहीं हैं।

وما كان أكثرهم مؤمنين

और तुम्हारा अभिभावक अवश्य सर्वशक्तिमान, दयालु है।

وإن ربك لهو ٱلعزيز ٱلرحيم

26:141–143

समूद ने भेजे गए जनों को झुठलाया, जब उनके भाई सालेह ने उनसे कहा: “क्या तुम सावधान नहीं रहते? मैं निश्चय ही तुम्हारे लिए एक भरोसेमंद संदेशवाहक हूँ।

كذبت ثمود ٱلمرسلين إذ قال لهم أخوهم صلح ألا تتقون إني لكم رسول أمين

तो ईश्वर के प्रति सावधान रहो और मेरी बात मानो।

فٱتقوا ٱلله وأطيعون

और मैं इसके लिए तुमसे कोई पुरस्कार नहीं माँगता;

ومآ أسلكم عليه من أجر

मेरा पुरस्कार केवल सभी प्राणियों के अभिभावक के ज़िम्मे है।

إن أجري إلا على رب ٱلعلمين

26:146–149

क्या तुम्हें यहाँ सुरक्षा में छोड़ दिया जाएगा, उद्यानों और सोतों के बीच, और खेतों और नरम गुच्छों वाले खजूर के पेड़ों के बीच, जबकि तुम पहाड़ों में कुशल कारीगर बनकर घर तराशते हो?

أتتركون في ما ههنآ ءامنين في جنت وعيون وزروع ونخل طلعها هضيم وتنحتون من ٱلجبال بيوتا فرهين

तो ईश्वर के प्रति सावधान रहो और मेरी बात मानो।

فٱتقوا ٱلله وأطيعون

26:151–152

और उन अतिवादियों के आदेश की बात न मानो, जो धरती में बिगाड़ फैलाते हैं और कुछ सुधारते नहीं।”

ولا تطيعوا أمر ٱلمسرفين ٱلذين يفسدون في ٱلأرض ولا يصلحون

उन्होंने कहा: “तुम तो केवल भ्रम के शिकारों में से हो; तुम हमारे जैसे ही एक मानव हो; तो कोई संकेत ले आओ, यदि तुम सच्चों में से हो।”

قالوا إنمآ أنت من ٱلمسحرين مآ أنت إلا بشر مثلنا فأت باية إن كنت من ٱلصدقين

26:155

उसने कहा: “यह एक ऊँटनी है; उसके लिए पानी पीने की एक बारी है,

قال هذه ناقة لها شرب

26:155

और तुम्हारे लिए एक ज्ञात दिन पर पानी पीने की बारी है।

ولكم شرب يوم معلوم

26:156

और उसे किसी बुराई से न छुओ, नहीं तो एक विशाल दिन का दंड तुम्हें आ पकड़ेगा।”

ولا تمسوها بسوء فيأخذكم عذاب يوم عظيم

26:157–158

फिर भी उन्होंने उसका अंग-भंग कर दिया, फिर पछतावे से भरे हुए पाए गए, और दंड ने उन्हें आ पकड़ा।

فعقروها فأصبحوا ندمين فأخذهم ٱلعذاب

इसमें अवश्य एक संकेत है।

إن في ذلك لءاية

परंतु उनमें से अधिकतर विश्वास करने वाले नहीं हैं।

وما كان أكثرهم مؤمنين

और तुम्हारा अभिभावक अवश्य सर्वशक्तिमान, दयालु है।

وإن ربك لهو ٱلعزيز ٱلرحيم

26:160–162

लूत की क़ौम ने भेजे गए जनों को झुठलाया, जब उनके भाई लूत ने उनसे कहा: “क्या तुम सावधान नहीं रहते? मैं निश्चय ही तुम्हारे लिए एक भरोसेमंद संदेशवाहक हूँ।

كذبت قوم لوط ٱلمرسلين إذ قال لهم أخوهم لوط ألا تتقون إني لكم رسول أمين

तो ईश्वर के प्रति सावधान रहो और मेरी बात मानो।

فٱتقوا ٱلله وأطيعون

और मैं इसके लिए तुमसे कोई पुरस्कार नहीं माँगता;

ومآ أسلكم عليه من أجر

मेरा पुरस्कार केवल सभी प्राणियों के अभिभावक के ज़िम्मे है।

إن أجري إلا على رب ٱلعلمين

26:165–166

क्या तुम सभी प्राणियों में से नरों के पास जाते हो, और उसे छोड़ देते हो जो तुम्हारे अभिभावक ने तुम्हारे लिए जोड़ीदार के रूप में रचा?

أتأتون ٱلذكران من ٱلعلمين وتذرون ما خلق لكم ربكم من أزوجكم

26:165–166

बल्कि तुम तो ऐसी क़ौम हो जो सीमाएँ पार करती है।”

بل أنتم قوم عادون

26:167

उन्होंने कहा: “हे लूत, यदि तुम न रुके, तो तुम अवश्य निकाल दिए गए जनों में होगे।”

قالوا لئن لم تنته يلوط لتكونن من ٱلمخرجين

उसने कहा: “मैं निश्चय ही तुम्हारे कृत्य से घृणा करने वालों में से हूँ।

قال إني لعملكم من ٱلقالين

मेरे अभिभावक, मुझे और मेरे परिवार को उससे उबार लीजिए जो वे करते हैं।”

رب نجني وأهلي مما يعملون

तो हमने उसे और उसके परिवार को, सबको, उबार लिया, सिवा एक बुढ़िया के जो पीछे रह जाने वालों में थी; फिर हमने दूसरों को नष्ट कर दिया।

فنجينه وأهله أجمعين إلا عجوزا في ٱلغبرين ثم دمرنا ٱلءاخرين

और हमने उन पर एक वर्षा बरसाई;

وأمطرنا عليهم مطرا

कितनी बुरी वर्षा थी उनकी जिन्हें चेतावनी दी जा चुकी थी!

فسآء مطر ٱلمنذرين

इसमें अवश्य एक संकेत है।

إن في ذلك لءاية

परंतु उनमें से अधिकतर विश्वास करने वाले नहीं हैं।

وما كان أكثرهم مؤمنين

और तुम्हारा अभिभावक अवश्य सर्वशक्तिमान, दयालु है।

وإن ربك لهو ٱلعزيز ٱلرحيم

26:176–178

झाड़ी वालों ने भेजे गए जनों को झुठलाया, जब शुऐब ने उनसे कहा: “क्या तुम सावधान नहीं रहते? मैं निश्चय ही तुम्हारे लिए एक भरोसेमंद संदेशवाहक हूँ।

كذب أصحب ليكة ٱلمرسلين إذ قال لهم شعيب ألا تتقون إني لكم رسول أمين

तो ईश्वर के प्रति सावधान रहो और मेरी बात मानो।

فٱتقوا ٱلله وأطيعون

और मैं इसके लिए तुमसे कोई पुरस्कार नहीं माँगता;

ومآ أسلكم عليه من أجر

मेरा पुरस्कार केवल सभी प्राणियों के अभिभावक के ज़िम्मे है।

إن أجري إلا على رب ٱلعلمين

26:181

नाप पूरा दो,

أوفوا ٱلكيل

26:181

और घाटा पहुँचाने वालों में से न होओ।

ولا تكونوا من ٱلمخسرين

26:182

और सीधे तराज़ू से तौलो,

وزنوا بٱلقسطاس ٱلمستقيم

26:183

और लोगों को उनकी चीज़ों में हानि न पहुँचाओ,

ولا تبخسوا ٱلناس أشيآءهم

26:183

और धरती पर बिगाड़ने वाले बनकर उपद्रव न मचाओ।

ولا تعثوا في ٱلأرض مفسدين

और उसके प्रति सावधान रहो जिसने तुम्हें और पहले वालों की बहुतायत को रचा।”

وٱتقوا ٱلذي خلقكم وٱلجبلة ٱلأولين

26:185–187

उन्होंने कहा: “तुम तो केवल भ्रम के शिकारों में से हो; तुम हमारे जैसे ही एक मानव हो, और हम अवश्य तुम्हारे झूठों में से होने का अनुमान लगाते हैं। तो हम पर आकाश का एक टुकड़ा गिरा दो, यदि तुम सच्चों में से हो।”

قالوا إنمآ أنت من ٱلمسحرين ومآ أنت إلا بشر مثلنا وإن نظنك لمن ٱلكذبين فأسقط علينا كسفا من ٱلسمآء إن كنت من ٱلصدقين

उसने कहा: “मेरा अभिभावक उसे सबसे अच्छा जानता है जो तुम करते हो।”

قال ربي أعلم بما تعملون

तो उन्होंने उसे झुठलाया, और छत्र वाले दिन के दंड ने उन्हें आ पकड़ा।

فكذبوه فأخذهم عذاب يوم ٱلظلة

वह एक विशाल दिन का दंड था।

إنه كان عذاب يوم عظيم

इसमें अवश्य एक संकेत है।

إن في ذلك لءاية

परंतु उनमें से अधिकतर विश्वास करने वाले नहीं हैं।

وما كان أكثرهم مؤمنين

और तुम्हारा अभिभावक अवश्य सर्वशक्तिमान, दयालु है।

وإن ربك لهو ٱلعزيز ٱلرحيم

26:192

और यह अवश्य सभी प्राणियों के अभिभावक की ओर से आया एक अवतरण है।

وإنه لتنزيل رب ٱلعلمين

26:193–195

इसके साथ भरोसेमंद प्रवाह तुम्हारे मर्म पर उतरा है, ताकि तुम चेतावनी देने वालों में से हो, त्रुटिहीन, स्पष्ट भाषा में।

نزل به ٱلروح ٱلأمين على قلبك لتكون من ٱلمنذرين بلسان عربي مبين

26:196

और यह अवश्य प्राचीनों के प्रपत्रों में है।

وإنه لفي زبر ٱلأولين

क्या उनके लिए यह संकेत नहीं कि इसराईल की संतान के ज्ञानी इसे जानते हैं?

أولم يكن لهم ءاية أن يعلمه علمؤا بني إسرءيل

26:198–199

और यदि हम इसे उनमें से किसी पर उतारते जिसकी भाषा त्रुटिहीन नहीं है, और वह इसे उनके सामने पढ़ता, तो वे इस पर विश्वास न करते।

ولو نزلنه على بعض ٱلأعجمين فقرأه عليهم ما كانوا به مؤمنين

26:200–203

इसी प्रकार हमने इसे बहिष्कृतों के मर्मों में प्रविष्ट कराया; वे इस पर विश्वास नहीं करेंगे जब तक वे पीड़ादायक दंड न देख लें, जो उन पर अचानक आएगा, बिना इसके कि उन्हें उसका आभास हो, और तब वे कहेंगे: “क्या हमें मोहलत दी जाएगी?”

كذلك سلكنه في قلوب ٱلمجرمين لا يؤمنون به حتى يروا ٱلعذاب ٱلأليم فيأتيهم بغتة وهم لا يشعرون فيقولوا هل نحن منظرون

तो क्या वे हमारे दंड को जल्दी माँग रहे हैं?

أفبعذابنا يستعجلون

क्या तुमने देखा? यदि हमने उन्हें वर्षों तक उपभोग दिया, फिर उन पर वह आ पड़ा जिसका उनसे वादा किया जाता था, तो उन्हें दिया गया वह उपभोग उनके किस काम आया?

أفرءيت إن متعنهم سنين ثم جآءهم ما كانوا يوعدون مآ أغنى عنهم ما كانوا يمتعون

और हमने किसी बस्ती को नष्ट नहीं किया जब तक उसके पास चेतावनी देने वाले न आ गए हों, स्मरण के रूप में;

ومآ أهلكنا من قرية إلا لها منذرون ذكرى

और हम कभी अन्यायी नहीं रहे।

وما كنا ظلمين

26:210–211

और इसके साथ बहकाने वाले नहीं उतरे; यह उनके योग्य नहीं, और वे ऐसा कर भी नहीं सकते।

وما تنزلت به ٱلشيطين وما ينبغي لهم وما يستطيعون

वे तो सुनने से अवश्य दूर रखे गए हैं।

إنهم عن ٱلسمع لمعزولون

इसलिए ईश्वर के साथ किसी अन्य देवता को न पुकारो, नहीं तो तुम दंडित किए गए जनों में होगे।

فلا تدع مع ٱلله إلها ءاخر فتكون من ٱلمعذبين

26:214–215

और अपने निकटतम स्वजनों को चेतावनी दो, और अपने अनुयायियों में से जो विश्वास करने वाले हैं उनके लिए अपना पंख झुकाओ।

وأنذر عشيرتك ٱلأقربين وٱخفض جناحك لمن ٱتبعك من ٱلمؤمنين

26:216

यदि वे तुम्हारी अवज्ञा करें, तो कहो: “मैं उससे निश्चय ही बरी हूँ जो तुम करते हो।”

فإن عصوك فقل إني بريء مما تعملون

26:217–219

और सर्वशक्तिमान, दयालु को मुख़्तार बनाओ, जो तुम्हें देखता है जब तुम खड़े होते हो, और माथा टेकने वालों के बीच तुम्हारे क़दमों का आगे-पीछे होना।

وتوكل على ٱلعزيز ٱلرحيم ٱلذي يرىك حين تقوم وتقلبك في ٱلسجدين

वही निश्चय ही सुनने वाला, सर्वज्ञ है।

إنه هو ٱلسميع ٱلعليم

26:221–223

क्या मैं तुम्हें सूचित करूँ कि बहकाने वाले किस पर उतरते हैं? वे हर पक्के स्वांग भरने वाले पर उतरते हैं, जो अपराधों से लदा है। वे कान लगाते हैं, और उनमें से अधिकतर झूठे हैं।

هل أنبئكم على من تنزل ٱلشيطين تنزل على كل أفاك أثيم يلقون ٱلسمع وأكثرهم كذبون

26:224

और लुभावने वक्ता, उनका अनुसरण तो दिशाहीन करते हैं।

وٱلشعرآء يتبعهم ٱلغاون

26:225–226

क्या तुमने नहीं देखा कि वे हर घाटी में बड़बड़ाते फिरते हैं, और वे वह कहते हैं जो कभी करते नहीं?

ألم تر أنهم في كل واد يهيمون وأنهم يقولون ما لا يفعلون

सिवा उनके जिन्होंने विश्वास किया, भले कर्म किए, ईश्वर का बहुत स्मरण किया, और अन्याय सहने के बाद अपनी सहायता स्वयं की;

إلا ٱلذين ءامنوا وعملوا ٱلصلحت وذكروا ٱلله كثيرا وٱنتصروا من بعد ما ظلموا

और जिन्होंने अन्याय किया वे शीघ्र जान लेंगे कि उनका पलटना किस पलटाव पर समाप्त होगा।

وسيعلم ٱلذين ظلموا أى منقلب ينقلبون

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