ال عمران
Al-Imran
The Rope of God
بسم ٱلله ٱلرحمن ٱلرحيم
ईश्वर के नाम से, जो सर्वदयालु, दयालु है।
अलिफ़. लाम. मीम.
الم
ईश्वर, उसके सिवा कोई देवता नहीं,
ٱلله لآ إله إلا هو
जीवित, अपने आप बना रहने वाला। उसने तुम पर ग्रंथ उतारा, पूर्ण सत्य के साथ, उसकी पुष्टि करता हुआ जो उससे पहले है,
ٱلحى ٱلقيوم نزل عليك ٱلكتب بٱلحق مصدقا لما بين يديه
और उसने पहले तौरात और इंजील उतारीं, लोगों के लिए मार्गदर्शन, और उसने विवेक उतारा।
وأنزل ٱلتورىة وٱلإنجيل من قبل هدى للناس وأنزل ٱلفرقان
निश्चय ही, जिन्होंने ईश्वर के संकेतों को नकारा, उनके लिए कठोर दंड होगा।
إن ٱلذين كفروا بايت ٱلله لهم عذاب شديد
ईश्वर सर्वशक्तिमान, प्रतिशोध वाला है।
وٱلله عزيز ذو ٱنتقام
निश्चय ही ईश्वर से कुछ भी छिपा नहीं है, न धरती पर और न आकाश में।
إن ٱلله لا يخفى عليه شىء في ٱلأرض ولا في ٱلسمآء
वही है जो गर्भाशयों में तुम्हें रूप देता है जैसी उसकी मर्ज़ी हो।
هو ٱلذي يصوركم في ٱلأرحام كيف يشآء
उसके सिवा कोई देवता नहीं,
لآ إله إلا هو
सर्वशक्तिमान, प्रज्ञावान।
ٱلعزيز ٱلحكيم
वही है जिसने तुम पर ग्रंथ उतारा;
هو ٱلذي أنزل عليك ٱلكتب منه
उसमें कुछ एकार्थक संकेत हैं, जो ग्रंथ की मूल-प्रति हैं, और दूसरे, समरूपता के अधीन।
ءايت محكمت هن أم ٱلكتب وأخر متشبهت
रही बात उनकी जिनके मर्मों में टेढ़ापन है, वे ग्रंथ में उसी का अनुसरण करते हैं जो समरूपता वाला है, परीक्षा की खोज में और उसकी व्याख्या की खोज में;
فأما ٱلذين في قلوبهم زيغ فيتبعون ما تشبه منه ٱبتغآء ٱلفتنة وٱبتغآء تأويله
जबकि उसकी व्याख्या ईश्वर के सिवा कोई नहीं जानता।
وما يعلم تأويله إلا ٱلله
और जो ज्ञान में जड़ जमाए हुए हैं वे कहते हैं: “हम उस पर विश्वास करते हैं; सब कुछ हमारे अभिभावक की ओर से है”;
وٱلرسخون في ٱلعلم يقولون ءامنا به كل من عند ربنا
और इसे केवल मेधा रखने वाले ही स्मरण करते हैं।
وما يذكر إلآ أولوا ٱلألبب
“हमारे अभिभावक, हमें मार्ग दिखा देने के बाद हमारे मर्मों को टेढ़ा न कीजिए, और अपनी ओर से हमें दया प्रदान कीजिए;
ربنا لا تزغ قلوبنا بعد إذ هديتنا وهب لنا من لدنك رحمة
क्योंकि आप ही प्रदाता हैं।
إنك أنت ٱلوهاب
हमारे अभिभावक, आप लोगों को एक ऐसे दिन के लिए एकत्र करने वाले हैं जिसमें कोई संदेह नहीं,
ربنآ إنك جامع ٱلناس ليوم لا ريب فيه
क्योंकि ईश्वर अपने वादे से नहीं चूकता।”
إن ٱلله لا يخلف ٱلميعاد
निश्चय ही, जो नकारते हैं, न उनकी संपत्ति और न उनके बच्चे ईश्वर के सामने उनके किसी काम आएँगे।
إن ٱلذين كفروا لن تغني عنهم أمولهم ولآ أولدهم من ٱلله شيا
और वही आग का ईंधन हैं, फ़िरऔन के कुल के बर्ताव की तरह,
وأولئك هم وقود ٱلنار كدأب ءال فرعون
और उनके भी जो उनसे पहले थे, जिन्होंने हमारे संकेतों को झुठलाया; तब ईश्वर ने उन्हें उनके दोषों के कारण पकड़ लिया।
وٱلذين من قبلهم كذبوا بايتنا فأخذهم ٱلله بذنوبهم
ईश्वर सज़ा देने में कठोर है।
وٱلله شديد ٱلعقاب
नकारने वालों से कहो: “तुम पराजित किए जाओगे, और जहन्नम की ओर इकट्ठा किए जाओगे।”
قل للذين كفروا ستغلبون وتحشرون إلى جهنم
और कितना भयानक बिछौना!
وبئس ٱلمهاد
तुम्हारे लिए इन दो टुकड़ियों में एक संकेत था, जो एक-दूसरे से मिलीं:
قد كان لكم ءاية في فئتين ٱلتقتا
एक ईश्वर की राह में लड़ रही थी, और दूसरी नकार रही थी; तुम उन्हें, नंगी आँख से, जितने वे थे उससे दुगुना देखते थे।
فئة تقتل في سبيل ٱلله وأخرى كافرة يرونهم مثليهم رأي ٱلعين
ईश्वर अपनी सहायता से जिस पर उसकी मर्ज़ी हो, उसे सुदृढ़ करता है।
وٱلله يؤيد بنصره من يشآء
इसमें अवश्य दृष्टियों वालों के लिए एक सीख है।
إن في ذلك لعبرة لأولي ٱلأبصر
लोगों के लिए कामनाओं का प्रेम सजाया गया है: स्त्रियाँ, बेटे, सोने और चाँदी के ढेर लगे क्विंटल, निशान लगे घोड़े, पशुधन और खेती।
زين للناس حب ٱلشهوت من ٱلنسآء وٱلبنين وٱلقنطير ٱلمقنطرة من ٱلذهب وٱلفضة وٱلخيل ٱلمسومة وٱلأنعم وٱلحرث
यह इहलोक के जीवन का उपभोग है;
ذلك متع ٱلحيوة ٱلدنيا
जबकि ईश्वर के पास ही पुनरागमन का सुंदर स्थान है।
وٱلله عنده حسن ٱلماب
कहो: “क्या मैं तुम्हें इससे बेहतर किसी चीज़ के बारे में सूचित करूँ?
قل أؤنبئكم بخير من ذلكم
सावधानी बरतने वालों के लिए उनके अभिभावक के पास ऐसे उद्यान हैं जिनके नीचे नदियाँ बहती हैं, जिनमें वे सदा रहेंगे, स्वच्छ किए हुए जोड़ीदार, और ईश्वर की ओर से एक प्रसन्नता।”
للذين ٱتقوا عند ربهم جنت تجري من تحتها ٱلأنهر خلدين فيها وأزوج مطهرة ورضون من ٱلله
ईश्वर अपने आज्ञाकारियों पर दृष्टि रखता है,
وٱلله بصير بٱلعباد
जो कहते हैं: “हमारे अभिभावक, हमने निश्चय ही विश्वास किया है; तो हमारे दोष क्षमा कीजिए, और हमें आग के दंड से बचाइए”,
ٱلذين يقولون ربنآ إننآ ءامنا فٱغفر لنا ذنوبنا وقنا عذاب ٱلنار
धैर्यवान, सच्चे, समर्पित, ख़र्च करने वाले, और रात के अंतिम पहरों में क्षमा माँगने वाले।
ٱلصبرين وٱلصدقين وٱلقنتين وٱلمنفقين وٱلمستغفرين بٱلأسحار
ईश्वर साक्ष्य देता है, और अभिकर्ता तथा ज्ञान वाले भी, कि उसके सिवा कोई देवता नहीं, वह निष्पक्षता को बनाए रखता हुआ।
شهد ٱلله أنه لآ إله إلا هو وٱلملئكة وأولوا ٱلعلم قآئما بٱلقسط
उसके सिवा कोई देवता नहीं,
لآ إله إلا هو
सर्वशक्तिमान, प्रज्ञावान।
ٱلعزيز ٱلحكيم
निश्चय ही ईश्वर के पास विधान उसके प्रति खरापन है।
إن ٱلدين عند ٱلله ٱلإسلم
और जिन्हें ग्रंथ दिया गया, उन्होंने मतभेद केवल इसके बाद ही किया कि उनके पास ज्ञान आ गया,
وما ٱختلف ٱلذين أوتوا ٱلكتب إلا من بعد ما جآءهم ٱلعلم
आपस की ज़्यादती के कारण।
بغيا بينهم
और जो ईश्वर के संकेतों को नकारे — ईश्वर निश्चय ही हिसाब में शीघ्र है।
ومن يكفر بايت ٱلله فإن ٱلله سريع ٱلحساب
यदि वे तुमसे विवाद करें, तो कहो: “मैं अपनी दिशा ईश्वर के प्रति खरी करता हूँ, और वे भी जिन्होंने मेरा अनुसरण किया है।”
فإن حآجوك فقل أسلمت وجهي لله ومن ٱتبعن
और उनसे कहो जिन्हें ग्रंथ दिया गया, और उनसे जिनके पास पहले से कोई ग्रंथ न था: “क्या तुम ईश्वर के प्रति खरे हो गए हो?”
وقل للذين أوتوا ٱلكتب وٱلأمين ءأسلمتم
यदि वे ऐसे हो जाएँ, तो वे मार्गदर्शन पा लेते हैं;
فإن أسلموا فقد ٱهتدوا
और यदि वे पीठ फेर लें, तो तुम पर केवल संप्रेषण का दायित्व है।
وإن تولوا فإنما عليك ٱلبلغ
ईश्वर अपने आज्ञाकारियों पर दृष्टि रखता है।
وٱلله بصير بٱلعباد
निश्चय ही, जो ईश्वर के संकेतों को नकारते हैं, सूचनादाताओं को बिना हक़ के मार डालते हैं, और लोगों में से उन्हें मार डालते हैं जो निष्पक्षता का आदेश देते हैं — उन्हें पीड़ादायक दंड का शुभ समाचार दो।
إن ٱلذين يكفرون بايت ٱلله ويقتلون ٱلنبين بغير حق ويقتلون ٱلذين يأمرون بٱلقسط من ٱلناس فبشرهم بعذاب أليم
वही हैं जिनके कर्म इहलोक में और अंतिम जीवन में ढह गए,
أولئك ٱلذين حبطت أعملهم في ٱلدنيا وٱلءاخرة
और उन्हें कोई सहायता नहीं मिलेगी।
وما لهم من نصرين
क्या तुमने उन्हें नहीं देखा जिन्हें ग्रंथ का एक अंश दिया गया, जिन्हें ईश्वर के ग्रंथ की ओर बुलाया जाता है ताकि वह उनके बीच निर्णय करे, फिर उनमें से एक भाग पीठ फेर लेता है, कतराते हुए?
ألم تر إلى ٱلذين أوتوا نصيبا من ٱلكتب يدعون إلى كتب ٱلله ليحكم بينهم ثم يتولى فريق منهم وهم معرضون
यह इसलिए कि उन्होंने कहा: “आग हमें केवल गिने हुए दिनों के लिए ही छुएगी”; और जो वे गढ़ते थे उसने उन्हें उनके विधान में छल लिया।
ذلك بأنهم قالوا لن تمسنا ٱلنار إلآ أياما معدودت وغرهم في دينهم ما كانوا يفترون
फिर कैसा होगा, जब हम उन्हें एक ऐसे दिन के लिए एकत्र कर लेंगे जिसमें कोई संदेह नहीं, और हर स्व वह पूरा-पूरा पाएगा जो उसने कमाया, और उस पर अन्याय नहीं किया जाएगा?
فكيف إذا جمعنهم ليوم لا ريب فيه ووفيت كل نفس ما كسبت وهم لا يظلمون
कहो: “हे ईश्वर, राजत्व के अधिराज! आप जिस पर आपकी मर्ज़ी हो, उसे राजत्व देते हैं, और जिस पर आपकी मर्ज़ी हो, उससे राजत्व छीन लेते हैं; आप जिस पर आपकी मर्ज़ी हो, उसे सशक्त बनाते हैं, और जिस पर आपकी मर्ज़ी हो, उसे अपमानित करते हैं; अच्छाई आपके हाथ में है;
قل ٱللهم ملك ٱلملك تؤتي ٱلملك من تشآء وتنزع ٱلملك ممن تشآء وتعز من تشآء وتذل من تشآء بيدك ٱلخير
क्योंकि आप हर चीज़ का सामर्थ्य रखते हैं।
إنك على كل شىء قدير
आप रात को दिन में प्रविष्ट कराते हैं, और दिन को रात में प्रविष्ट कराते हैं; आप जीवित को मृत से निकालते हैं, और मृत को जीवित से निकालते हैं; और आप जिस पर आपकी मर्ज़ी हो, उसे बिना गिने जीविका देते हैं।”
تولج ٱليل في ٱلنهار وتولج ٱلنهار في ٱليل وتخرج ٱلحى من ٱلميت وتخرج ٱلميت من ٱلحى وترزق من تشآء بغير حساب
विश्वास करने वाले नकारने वालों को हिमायती न बनाएँ, विश्वास करने वालों के अतिरिक्त;
لا يتخذ ٱلمؤمنون ٱلكفرين أوليآء من دون ٱلمؤمنين
और जो ऐसा करे उसका ईश्वर से कुछ भी संबंध नहीं रहता — सिवा इसके कि तुम उनसे पूर्व-सावधानी के तौर पर सावधान रहो।
ومن يفعل ذلك فليس من ٱلله في شىء إلآ أن تتقوا منهم تقىة
और ईश्वर तुम्हें स्वयं के प्रति सतर्क करता है,
ويحذركم ٱلله نفسه
और ईश्वर की ओर ही गंतव्य है।
وإلى ٱلله ٱلمصير
कहो: “तुम अपने सीनों में जो है उसे छिपाओ, या उसे सामने लाओ, ईश्वर उसे जानता है।
قل إن تخفوا ما في صدوركم أو تبدوه يعلمه ٱلله
और वह जानता है जो आकाशों में है और जो धरती पर है।
ويعلم ما في ٱلسموت وما في ٱلأرض
और ईश्वर हर चीज़ का सामर्थ्य रखता है।”
وٱلله على كل شىء قدير
जिस दिन हर स्व अपने द्वारा की गई अच्छाई को उपस्थित पाएगा,
يوم تجد كل نفس ما عملت من خير محضرا
और जो बुराई उसने की, वह चाहेगा कि उस बुराई और उसके बीच एक दूर का अंतराल होता।
وما عملت من سوء تود لو أن بينها وبينه أمدا بعيدا
और ईश्वर तुम्हें स्वयं के प्रति सतर्क करता है।
ويحذركم ٱلله نفسه
ईश्वर अपने आज्ञाकारियों के प्रति करुणामय है।
وٱلله رءوف بٱلعباد
कहो: “यदि तुम ईश्वर से प्रेम करते हो, तो मेरा अनुसरण करो: ईश्वर तुमसे प्रेम करेगा और तुम्हारे दोष क्षमा करेगा।
قل إن كنتم تحبون ٱلله فٱتبعوني يحببكم ٱلله ويغفر لكم ذنوبكم
और ईश्वर अत्यंत क्षमाशील, दयालु है।”
وٱلله غفور رحيم
कहो: “ईश्वर की और संदेशवाहक की बात मानो”;
قل أطيعوا ٱلله وٱلرسول
और यदि वे पीठ फेर लें, तो ईश्वर निश्चय ही नकारने वालों से प्रेम नहीं करता।
فإن تولوا فإن ٱلله لا يحب ٱلكفرين
ईश्वर ने आदम, नूह, इब्राहीम के कुल और इमरान के कुल को सभी प्राणियों से ऊपर चुना, एक-दूसरे की संतति।
إن ٱلله ٱصطفى ءادم ونوحا وءال إبرهيم وءال عمرن على ٱلعلمين ذرية بعضها من بعض
ईश्वर सुनने वाला, सर्वज्ञ है।
وٱلله سميع عليم
जब इमरान की स्त्री ने कहा: “मेरे अभिभावक, जो मेरे पेट में है उसे मैं आपके लिए मन्नत मानती हूँ, हर चीज़ से स्वतंत्र किया हुआ; तो उसे मुझसे स्वीकार कीजिए;
إذ قالت ٱمرأت عمرن رب إني نذرت لك ما في بطني محررا فتقبل مني
क्योंकि आप ही सुनने वाले, सर्वज्ञ हैं।”
إنك أنت ٱلسميع ٱلعليم
फिर जब उसने उसे जन्म दिया, तो उसने कहा: “मेरे अभिभावक, मैंने निश्चय ही उसे जन्म दिया है, एक लड़की” — जबकि ईश्वर उसे सबसे अच्छी तरह जानता था जिसे उसने जन्म दिया था —
فلما وضعتها قالت رب إني وضعتهآ أنثى وٱلله أعلم بما وضعت
“और नर मादा जैसा नहीं है;
وليس ٱلذكر كٱلأنثى
मैंने उसका गुण मरयम रखा है,
وإني سميتها مريم
और मैं उसे और उसकी संतति को आपकी छत्रछाया में रखती हूँ, निष्कासित बहकाने वाले के विरुद्ध।”
وإني أعيذها بك وذريتها من ٱلشيطن ٱلرجيم
उसके अभिभावक ने उसे सुंदर स्वागत के साथ अपनाया, और उसे सुंदर वृद्धि के साथ बढ़ाया,
فتقبلها ربها بقبول حسن وأنبتها نباتا حسنا
और उसकी देखभाल का ज़िम्मा ज़करिया को सौंपा।
وكفلها زكريا
जब-जब ज़करिया संपर्क-कक्ष में उसके यहाँ प्रवेश करता, वह उसके पास जीविका पाता।
كلما دخل عليها زكريا ٱلمحراب وجد عندها رزقا
उसने कहा: “हे मरयम! यह तुम्हारे पास कहाँ से आया?”
قال يمريم أنى لك هذا
उसने कहा: “यह ईश्वर की ओर से है।
قالت هو من عند ٱلله
ईश्वर जिस पर उसकी मर्ज़ी हो, उसे बिना गिने जीविका देता है।”
إن ٱلله يرزق من يشآء بغير حساب
वहीं, ज़करिया ने अपने अभिभावक को पुकारा।
هنالك دعا زكريا ربه
उसने कहा: “मेरे अभिभावक, अपनी ओर से मुझे एक अच्छी संतति प्रदान कीजिए; क्योंकि आप पुकार सुनने वाले हैं।”
قال رب هب لي من لدنك ذرية طيبة إنك سميع ٱلدعآء
अभिकर्ताओं ने उसे आवाज़ दी, जब वह संपर्क-कक्ष में संपर्क बाँध रहा था: “ईश्वर तुम्हें यह्या का शुभ समाचार देता है, जो ईश्वर की ओर से आए एक बोल की पुष्टि करता हुआ, एक सरदार, पूर्ण निग्रह वाला पुरुष, और एक सूचनादाता होगा, उनमें से जो भले हैं।”
فنادته ٱلملئكة وهو قآئم يصلي في ٱلمحراب أن ٱلله يبشرك بيحيى مصدقا بكلمة من ٱلله وسيدا وحصورا ونبيا من ٱلصلحين
उसने कहा: “मेरे अभिभावक, मेरा लड़का कैसे होगा, जबकि बुढ़ापा मुझ तक पहुँच चुका है, और मेरी स्त्री बाँझ है?”
قال رب أنى يكون لي غلم وقد بلغني ٱلكبر وٱمرأتي عاقر
उसने कहा: “ऐसा ही है:
قال كذلك
ईश्वर वह करता है जो उसकी मर्ज़ी हो।”
ٱلله يفعل ما يشآء
उसने कहा: “मेरे अभिभावक, मेरे लिए एक संकेत निर्धारित कीजिए।”
قال رب ٱجعل لي ءاية
उसने कहा: “तुम्हारा संकेत यह होगा कि तुम तीन दिन तक लोगों से केवल इशारों से ही बोलोगे।
قال ءايتك ألا تكلم ٱلناس ثلثة أيام إلا رمزا
और अपने अभिभावक का बहुत स्मरण करो, और संध्या और भोर में महिमा गाओ।”
وٱذكر ربك كثيرا وسبح بٱلعشي وٱلإبكر
और जब अभिकर्ताओं ने कहा: “हे मरयम! ईश्वर ने तुम्हें चुना, तुम्हें स्वच्छ किया, और सभी प्राणियों की स्त्रियों से ऊपर तुम्हें चुना।
وإذ قالت ٱلملئكة يمريم إن ٱلله ٱصطفىك وطهرك وٱصطفىك على نسآء ٱلعلمين
हे मरयम! अपने अभिभावक के प्रति समर्पित रहो, माथा टेको, और घुटने टेकने वालों के साथ घुटने टेको।”
يمريم ٱقنتي لربك وٱسجدي وٱركعي مع ٱلركعين
यह उसकी सूचनाओं में से है जो इंद्रियों से परे है, जिन्हें हम तुम पर प्रकट करते हैं।
ذلك من أنبآء ٱلغيب نوحيه إليك
तुम उनके पास नहीं थे जब वे अपने सरकंडे डाल रहे थे: उनमें से कौन मरयम की देखभाल का ज़िम्मा लेगा,
وما كنت لديهم إذ يلقون أقلمهم أيهم يكفل مريم
और तुम उनके पास नहीं थे जब वे झगड़ रहे थे। जब अभिकर्ताओं ने कहा: “हे मरयम! ईश्वर तुम्हें अपनी ओर से आए एक बोल का शुभ समाचार देता है,
وما كنت لديهم إذ يختصمون إذ قالت ٱلملئكة يمريم إن ٱلله يبشرك بكلمة منه
जिसका गुण अल-मसीह होगा, ईसा, मरयम का पुत्र, इहलोक और अंतिम जीवन में उच्च प्रतिष्ठा वाला, और निकट किए गए जनों में से।
ٱسمه ٱلمسيح عيسى ٱبن مريم وجيها في ٱلدنيا وٱلءاخرة ومن ٱلمقربين
और वह लोगों से पालने में और प्रौढ़ अवस्था में बोलेगा,
ويكلم ٱلناس في ٱلمهد وكهلا
और उनमें से होगा जो भले हैं।”
ومن ٱلصلحين
उसने कहा: “मेरे अभिभावक, मेरा बच्चा कैसे होगा, जबकि किसी मानव ने मुझे छुआ नहीं?”
قالت رب أنى يكون لي ولد ولم يمسسني بشر
उसने कहा: “ऐसा ही है:
قال كذلك
ईश्वर वह रचता है जो उसकी मर्ज़ी हो।
ٱلله يخلق ما يشآء
जब वह किसी चीज़ को तय करता है, तो उससे केवल इतना कहता है: ‘हो जा’,
إذا قضى أمرا فإنما يقول له كن
और वह हो जाती है।”
فيكون
“और वह उसे संहिता, प्रज्ञा, तौरात और इंजील सिखाएगा, और इसराईल की संतान के लिए संदेशवाहक: मैं तुम्हारे अभिभावक की ओर से तुम्हारे पास एक संकेत लाया हूँ:
ويعلمه ٱلكتب وٱلحكمة وٱلتورىة وٱلإنجيل ورسولا إلى بني إسرءيل أني قد جئتكم باية من ربكم
मैं तुम्हारे लिए चिकनी मिट्टी से एक पक्षी का रूप रचता हूँ, फिर उसमें फूँकता हूँ, और वह पक्षी बन जाता है, ईश्वर की अनुमति से।
أني أخلق لكم من ٱلطين كهية ٱلطير فأنفخ فيه فيكون طيرا بإذن ٱلله
और मैं जन्म से अंधे और कोढ़ी को स्वस्थ करता हूँ, और मृतकों को पुनः जीवन देता हूँ, ईश्वर की अनुमति से।
وأبرئ ٱلأكمه وٱلأبرص وأحي ٱلموتى بإذن ٱلله
और मैं तुम्हें उसके बारे में सूचित करता हूँ जो तुम खाते हो और जो तुम अपने घरों में जमा करते हो।
وأنبئكم بما تأكلون وما تدخرون في بيوتكم
उसमें अवश्य तुम्हारे लिए एक संकेत है, यदि तुम विश्वास करने वाले हो।
إن في ذلك لءاية لكم إن كنتم مؤمنين
और तौरात का जो भाग मुझसे पहले है उसकी पुष्टि करता हुआ, और इसलिए कि तुम्हारे लिए उसका कुछ भाग वैध ठहराऊँ जो तुम पर वर्जित किया गया था।
ومصدقا لما بين يدى من ٱلتورىة ولأحل لكم بعض ٱلذي حرم عليكم
और मैं तुम्हारे अभिभावक की ओर से तुम्हारे पास एक संकेत लाया हूँ;
وجئتكم باية من ربكم
इसलिए ईश्वर के प्रति सावधान रहो और मेरी बात मानो,
فٱتقوا ٱلله وأطيعون
क्योंकि ईश्वर मेरा अभिभावक और तुम्हारा अभिभावक है; तो उसकी आज्ञा का पालन करो।
إن ٱلله ربي وربكم فٱعبدوه
यह एक सीधा पथ है।”
هذا صرط مستقيم
जब ईसा ने उनकी ओर से नकार भाँप लिया, तो उसने कहा: “ईश्वर की ओर मेरे सहायक कौन हैं?”
فلمآ أحس عيسى منهم ٱلكفر قال من أنصاري إلى ٱلله
शिष्यों ने कहा: “हम ईश्वर के सहायक हैं।
قال ٱلحواريون نحن أنصار ٱلله
हम ईश्वर पर विश्वास करते हैं, और साक्षी रहो कि हम उसके प्रति खरे हैं।
ءامنا بٱلله وٱشهد بأنا مسلمون
हमारे अभिभावक, आपने जो उतारा उस पर हमने विश्वास किया, और हमने संदेशवाहक का अनुसरण किया; तो हमें साक्षियों में लिख लीजिए।”
ربنآ ءامنا بمآ أنزلت وٱتبعنا ٱلرسول فٱكتبنا مع ٱلشهدين
और उन्होंने षड्यंत्र किया, और ईश्वर ने षड्यंत्र किया,
ومكروا ومكر ٱلله
और ईश्वर षड्यंत्र करने वालों में सबसे बेहतर है।
وٱلله خير ٱلمكرين
जब ईश्वर ने कहा: “हे ईसा! मैं निश्चय ही तुम्हें निष्ठापूर्वक सँभालूँगा, तुम्हें अपनी ओर ऊँचा करूँगा, और तुम्हें उनसे स्वच्छ करूँगा जिन्होंने नकारा,
إذ قال ٱلله يعيسى إني متوفيك ورافعك إلى ومطهرك من ٱلذين كفروا
और जिन्होंने तुम्हारा अनुसरण किया उन्हें उनके ऊपर रखूँगा जिन्होंने नकारा, पेशी के दिन तक।
وجاعل ٱلذين ٱتبعوك فوق ٱلذين كفروا إلى يوم ٱلقيمة
फिर मेरी ही ओर तुम्हारा लौटना है, और मैं तुम्हारे बीच उस विषय में निर्णय करूँगा जिसमें तुम मतभेद करते थे।
ثم إلى مرجعكم فأحكم بينكم فيما كنتم فيه تختلفون
रही बात उनकी जिन्होंने नकारा, मैं उन्हें इहलोक में और अंतिम जीवन में कठोर दंड दूँगा,
فأما ٱلذين كفروا فأعذبهم عذابا شديدا في ٱلدنيا وٱلءاخرة
और उन्हें कोई सहायता नहीं मिलेगी।
وما لهم من نصرين
और रही बात उनकी जिन्होंने विश्वास किया और भले कर्म किए, वह उन्हें उनके पुरस्कार पूरे-पूरे चुकाएगा।
وأما ٱلذين ءامنوا وعملوا ٱلصلحت فيوفيهم أجورهم
ईश्वर अन्यायियों से प्रेम नहीं करता।”
وٱلله لا يحب ٱلظلمين
यह वह है जो हम तुम्हें संकेतों में से और प्रज्ञा से भरे स्मरण में से सुनाते हैं।
ذلك نتلوه عليك من ٱلءايت وٱلذكر ٱلحكيم
निश्चय ही ईश्वर के पास ईसा का उदाहरण आदम के उदाहरण जैसा है:
إن مثل عيسى عند ٱلله كمثل ءادم
उसने उसे मिट्टी से रचा, फिर उससे कहा: “हो जा”,
خلقه من تراب ثم قال له كن
और वह हो गया।
فيكون
सत्य तुम्हारे अभिभावक की ओर से है;
ٱلحق من ربك
तो वाद-प्रतिवाद में पड़ने वालों में से न होना।
فلا تكن من ٱلممترين
जो कोई इस विषय में तुमसे विवाद करे, इसके बाद कि तुम्हारे पास ज्ञान आ चुका है, उससे कहो: “आओ, हम अपने बेटों को और तुम्हारे बेटों को बुलाएँ, अपनी स्त्रियों को और तुम्हारी स्त्रियों को, हम स्वयं को और तुम स्वयं को, फिर गिड़गिड़ाएँ, और झूठों पर ईश्वर का धिक्कार बुलाएँ।”
فمن حآجك فيه من بعد ما جآءك من ٱلعلم فقل تعالوا ندع أبنآءنا وأبنآءكم ونسآءنا ونسآءكم وأنفسنا وأنفسكم ثم نبتهل فنجعل لعنت ٱلله على ٱلكذبين
यही अवश्य सच्चा वृत्तांत है,
إن هذا لهو ٱلقصص ٱلحق
और ईश्वर के सिवा कोई देवता नहीं।
وما من إله إلا ٱلله
और ईश्वर अवश्य सर्वशक्तिमान, प्रज्ञावान है।
وإن ٱلله لهو ٱلعزيز ٱلحكيم
यदि वे पीठ फेर लें, तो ईश्वर निश्चय ही बिगाड़ने वालों के विषय में सर्वज्ञ है।
فإن تولوا فإن ٱلله عليم بٱلمفسدين
कहो: “हे ग्रंथ वालो! हमारे और तुम्हारे बीच एक निष्पक्ष बोल की ओर आओ: कि हम ईश्वर के सिवा किसी की आज्ञा का पालन न करें, कि हम उसके साथ किसी को साझी न ठहराएँ, और कि हममें से कोई दूसरों को ईश्वर के अतिरिक्त स्वामी न बनाए।”
قل يأهل ٱلكتب تعالوا إلى كلمة سوآء بيننا وبينكم ألا نعبد إلا ٱلله ولا نشرك به شيا ولا يتخذ بعضنا بعضا أربابا من دون ٱلله
यदि वे पीठ फेर लें, तो कहो: “साक्षी रहो कि हम ईश्वर के प्रति खरे हैं।”
فإن تولوا فقولوا ٱشهدوا بأنا مسلمون
हे ग्रंथ वालो! तुम इब्राहीम के विषय में विवाद क्यों करते हो,
يأهل ٱلكتب لم تحآجون في إبرهيم
जबकि तौरात और इंजील उसके बाद ही उतारी गईं?
ومآ أنزلت ٱلتورىة وٱلإنجيل إلا من بعده
तो क्या तुम बुद्धि से काम नहीं लेते?
أفلا تعقلون
देखो, तुम वही हो जो उस विषय में विवाद करते हो जिसका तुम्हें कुछ ज्ञान है; परंतु तुम उस विषय में विवाद क्यों करते हो जिसका तुम्हें कोई ज्ञान नहीं?
هأنتم هؤلآء حججتم فيما لكم به علم فلم تحآجون فيما ليس لكم به علم
ईश्वर जानता है,
وٱلله يعلم
और तुम नहीं जानते।
وأنتم لا تعلمون
इब्राहीम न पुनरुन्मुख था और न सहायक, बल्कि वह पूरी तरह ईश्वर की ओर मुड़ा हुआ था, उसके प्रति खरा,
ما كان إبرهيم يهوديا ولا نصرانيا ولكن كان حنيفا مسلما
और वह साझी ठहराने वालों में से नहीं था।
وما كان من ٱلمشركين
लोगों में इब्राहीम के सबसे निकट अवश्य वे हैं जिन्होंने उसका अनुसरण किया, तथा यह सूचनादाता और वे जिन्होंने विश्वास किया।
إن أولى ٱلناس بإبرهيم للذين ٱتبعوه وهذا ٱلنبي وٱلذين ءامنوا
ईश्वर विश्वास करने वालों का आश्रयदाता है।
وٱلله ولي ٱلمؤمنين
ग्रंथ वालों में से एक समूह तुम्हें भटकाना चाहता था;
ودت طآئفة من أهل ٱلكتب لو يضلونكم
परंतु वे केवल स्वयं को ही भटकाते हैं, और उन्हें इसका आभास नहीं।
وما يضلون إلآ أنفسهم وما يشعرون
हे ग्रंथ वालो! तुम ईश्वर के संकेतों को क्यों नकारते हो, जबकि तुम उनके साक्षी हो?
يأهل ٱلكتب لم تكفرون بايت ٱلله وأنتم تشهدون
हे ग्रंथ वालो! तुम सत्य पर असत्य का आवरण क्यों चढ़ाते हो, और सत्य को क्यों दबाते हो, जबकि तुम जानते हो?
يأهل ٱلكتب لم تلبسون ٱلحق بٱلبطل وتكتمون ٱلحق وأنتم تعلمون
और ग्रंथ वालों में से एक समूह ने कहा: “जो विश्वास करने वालों पर उतारा गया उस पर दिन के आरंभ में विश्वास करो, और उसके अंत में उसे नकार दो, शायद वे लौटें।”
وقالت طآئفة من أهل ٱلكتب ءامنوا بٱلذي أنزل على ٱلذين ءامنوا وجه ٱلنهار وٱكفروا ءاخره لعلهم يرجعون
“और केवल उसी पर भरोसा करो जो तुम्हारे विधान का अनुसरण करता है।”
ولا تؤمنوا إلا لمن تبع دينكم
कहो: “मार्गदर्शन निश्चय ही ईश्वर का मार्गदर्शन है” — इस डर से कि किसी को वैसा ही न दे दिया जाए जैसा तुम्हें दिया गया, या वे तुम्हारे अभिभावक के पास तुमसे विवाद न करें।
قل إن ٱلهدى هدى ٱلله أن يؤتى أحد مثل مآ أوتيتم أو يحآجوكم عند ربكم
कहो: “अनुग्रह ईश्वर के हाथ में है,
قل إن ٱلفضل بيد ٱلله
वह उसे उसको देता है जिस पर उसकी मर्ज़ी हो।
يؤتيه من يشآء
ईश्वर विस्तृत, सर्वज्ञ है।”
وٱلله وسع عليم
वह अपनी दया जिस पर उसकी मर्ज़ी हो, उसके लिए विशेष रखता है।
يختص برحمته من يشآء
और ईश्वर विशाल अनुग्रह रखता है।
وٱلله ذو ٱلفضل ٱلعظيم
और ग्रंथ वालों में कुछ ऐसे हैं जो, यदि तुम उन्हें भरोसे से एक क्विंटल सौंपो, तो उसे तुम्हारे हवाले कर देते हैं;
ومن أهل ٱلكتب من إن تأمنه بقنطار يؤده إليك
और कुछ ऐसे हैं जो, यदि तुम उन्हें भरोसे से एक दीनार सौंपो, तो उसे तुम्हारे हवाले तभी तक करते हैं जब तक तुम उसकी माँग करते हुए उन पर बने रहते हो।
ومنهم من إن تأمنه بدينار لا يؤده إليك إلا ما دمت عليه قآئما
यह इसलिए कि वे कहते हैं: “जिनके पास पहले से कोई ग्रंथ न था, उनके प्रति हम पर कोई दायित्व नहीं”,
ذلك بأنهم قالوا ليس علينا في ٱلأمين سبيل
और वे ईश्वर के विरुद्ध झूठ कहते हैं, जानते हुए।
ويقولون على ٱلله ٱلكذب وهم يعلمون
क्यों नहीं: जो अपनी संधि निभाए और सावधान रहे — ईश्वर निश्चय ही सावधानी बरतने वालों से प्रेम करता है।
بلى من أوفى بعهده وٱتقى فإن ٱلله يحب ٱلمتقين
निश्चय ही, जो ईश्वर की संधि और अपनी शपथों के बदले एक तुच्छ मूल्य ख़रीदते हैं — वही हैं जिनका अंतिम जीवन में कोई हिस्सा नहीं होगा; ईश्वर उनसे बोलेगा नहीं, पेशी के दिन उन पर नज़र नहीं डालेगा, और उन्हें शुद्ध नहीं करेगा।
إن ٱلذين يشترون بعهد ٱلله وأيمنهم ثمنا قليلا أولئك لا خلق لهم في ٱلءاخرة ولا يكلمهم ٱلله ولا ينظر إليهم يوم ٱلقيمة ولا يزكيهم
और उनके लिए पीड़ादायक दंड होगा।
ولهم عذاب أليم
और उनमें अवश्य एक भाग है जो ग्रंथ के साथ अपनी जीभें मरोड़ता है, ताकि तुम उसे ग्रंथ का उद्धरण समझो, जबकि वह ग्रंथ का हिस्सा नहीं है,
وإن منهم لفريقا يلون ألسنتهم بٱلكتب لتحسبوه من ٱلكتب وما هو من ٱلكتب
और वे कहते हैं: “यह ईश्वर की ओर से है”,
ويقولون هو من عند ٱلله
जबकि वह ईश्वर की ओर से नहीं है,
وما هو من عند ٱلله
और वे ईश्वर के विरुद्ध झूठ कहते हैं, जानते हुए।
ويقولون على ٱلله ٱلكذب وهم يعلمون
किसी ऐसे मानव के लिए यह उचित नहीं, जिसे ईश्वर ने ग्रंथ, निर्णय और सूचना देने का दायित्व दिया हो, कि वह फिर लोगों से कहे: “ईश्वर के अतिरिक्त मेरे आज्ञाकारी बनो”; बल्कि: “आध्यात्मिक स्वामी बनो, उसके कारण जो तुम ग्रंथ में से सिखाते हो और जो तुम अध्ययन करते हो।”
ما كان لبشر أن يؤتيه ٱلله ٱلكتب وٱلحكم وٱلنبوة ثم يقول للناس كونوا عبادا لي من دون ٱلله ولكن كونوا ربنين بما كنتم تعلمون ٱلكتب وبما كنتم تدرسون
और वह तुम्हें आदेश नहीं देगा कि तुम अभिकर्ताओं और सूचनादाताओं को स्वामी बनाओ।
ولا يأمركم أن تتخذوا ٱلملئكة وٱلنبين أربابا
क्या वह तुम्हें नकार का आदेश देगा, इसके बाद कि तुम ईश्वर के प्रति खरे हो चुके हो?
أيأمركم بٱلكفر بعد إذ أنتم مسلمون
और जब ईश्वर ने सूचनादाताओं से गंभीर प्रतिज्ञा ली: “जो मैंने तुम्हें ग्रंथ और प्रज्ञा में से दिया है, फिर तुम्हारे पास एक संदेशवाहक आए, जो उसकी पुष्टि करता हो जो तुम्हारे साथ है, तो तुम्हें अवश्य उस पर विश्वास करना होगा, और अवश्य उसकी सहायता करनी होगी।”
وإذ أخذ ٱلله ميثق ٱلنبين لمآ ءاتيتكم من كتب وحكمة ثم جآءكم رسول مصدق لما معكم لتؤمنن به ولتنصرنه
उसने कहा: “क्या तुमने सहमति दी, और इस शर्त पर मेरा जुआठा अपने ऊपर ले लिया?”
قال ءأقررتم وأخذتم على ذلكم إصري
उन्होंने कहा: “हमने सहमति दी।”
قالوا أقررنا
उसने कहा: “तो इसके साक्षी रहो, और मैं तुम्हारे साथ साक्षियों में से हूँ।”
قال فٱشهدوا وأنا معكم من ٱلشهدين
जो इसके बाद पीठ फेर ले — वही अतिक्रमणकारी हैं।
فمن تولى بعد ذلك فأولئك هم ٱلفسقون
तो क्या वे ईश्वर के विधान के अतिरिक्त कोई अन्य विधान खोजेंगे, जबकि जो कोई आकाशों में और धरती पर है वह उसी के प्रति खरा होता है, स्वेच्छा से या विवश होकर,
أفغير دين ٱلله يبغون وله أسلم من في ٱلسموت وٱلأرض طوعا وكرها
और जबकि वे उसी की ओर लौटाए जाएँगे?
وإليه يرجعون
कहो: “हम ईश्वर पर विश्वास करते हैं, उस पर जो हम पर उतारा गया, उस पर जो इब्राहीम, इस्माईल, इसहाक़, याक़ूब और वंशों पर उतारा गया, और उस पर जो मूसा, ईसा और सूचनादाताओं को उनके अभिभावक की ओर से दिया गया; हम उनमें से किसी के बीच भेद नहीं करते, और हम उसी के प्रति खरे हैं।”
قل ءامنا بٱلله ومآ أنزل علينا ومآ أنزل على إبرهيم وإسمعيل وإسحق ويعقوب وٱلأسباط ومآ أوتي موسى وعيسى وٱلنبيون من ربهم لا نفرق بين أحد منهم ونحن له مسلمون
और जो ईश्वर के प्रति खरेपन के अतिरिक्त कोई अन्य विधान खोजे, वह उससे कभी स्वीकार नहीं किया जाएगा,
ومن يبتغ غير ٱلإسلم دينا فلن يقبل منه
और वह अंतिम जीवन में घाटा उठाने वालों में से होगा।
وهو في ٱلءاخرة من ٱلخسرين
ईश्वर उस क़ौम को कैसे मार्ग दिखाएगा जिसने विश्वास करने के बाद नकारा, और यह साक्ष्य देने के बाद कि संदेशवाहक सच्चा है, जबकि उनके पास स्पष्ट प्रमाण आ चुके थे?
كيف يهدي ٱلله قوما كفروا بعد إيمنهم وشهدوا أن ٱلرسول حق وجآءهم ٱلبينت
और ईश्वर अन्यायी क़ौम को मार्ग नहीं दिखाता।
وٱلله لا يهدي ٱلقوم ٱلظلمين
वही हैं जिनका प्रतिफल यह है कि उन पर ईश्वर का, अभिकर्ताओं का और लोगों का, सबका धिक्कार पड़ेगा, जिसमें वे सदा रहेंगे; दंड उनसे हल्का नहीं किया जाएगा, और उन्हें मोहलत नहीं दी जाएगी — सिवा उनके जो इसके बाद पलट आएँ और स्वयं को सुधार लें: ईश्वर निश्चय ही अत्यंत क्षमाशील, दयालु है।
أولئك جزآؤهم أن عليهم لعنة ٱلله وٱلملئكة وٱلناس أجمعين خلدين فيها لا يخفف عنهم ٱلعذاب ولا هم ينظرون إلا ٱلذين تابوا من بعد ذلك وأصلحوا فإن ٱلله غفور رحيم
निश्चय ही, जो विश्वास करने के बाद नकारते हैं, फिर नकार में बढ़ जाते हैं, उनका पश्चात्ताप कभी स्वीकार नहीं किया जाएगा,
إن ٱلذين كفروا بعد إيمنهم ثم ٱزدادوا كفرا لن تقبل توبتهم
और वही भटके हुए हैं।
وأولئك هم ٱلضآلون
निश्चय ही, जो नकारते हैं और नकारते हुए मर जाते हैं, उनमें से किसी से भी सोने से भरी पूरी धरती कभी स्वीकार नहीं की जाएगी, भले ही वह उसे फिरौती में दे दे।
إن ٱلذين كفروا وماتوا وهم كفار فلن يقبل من أحدهم ملء ٱلأرض ذهبا ولو ٱفتدى به
यही हैं जिनके लिए पीड़ादायक दंड होगा,
أولئك لهم عذاب أليم
और उन्हें कोई सहायता नहीं मिलेगी।
وما لهم من نصرين
तुम्हें सद्गुण केवल तभी प्राप्त होगा जब तुम उसमें से ख़र्च करो जिससे तुम प्रेम करते हो।
لن تنالوا ٱلبر حتى تنفقوا مما تحبون
और तुम जो कुछ भी ख़र्च करो, ईश्वर उसके विषय में निश्चय ही सर्वज्ञ है।
وما تنفقوا من شىء فإن ٱلله به عليم
इसराईल की संतान के लिए सारा भोजन वैध था, सिवा उसके जिसे इसराईल ने स्वयं पर वर्जित कर लिया था, तौरात के उतारे जाने से पहले।
كل ٱلطعام كان حلا لبني إسرءيل إلا ما حرم إسرءيل على نفسه من قبل أن تنزل ٱلتورىة
कहो: “तो तौरात लाओ, और उसे सुनाओ, यदि तुम सच्चे हो।”
قل فأتوا بٱلتورىة فٱتلوهآ إن كنتم صدقين
तो जो इसके बाद ईश्वर के विरुद्ध झूठ गढ़े — वही अन्यायी हैं।
فمن ٱفترى على ٱلله ٱلكذب من بعد ذلك فأولئك هم ٱلظلمون
कहो: “ईश्वर ने सच कहा है।
قل صدق ٱلله
तो इब्राहीम के मत का अनुसरण करो, जो पूरी तरह ईश्वर की ओर मुड़ा हुआ था,
فٱتبعوا ملة إبرهيم حنيفا
और वह साझी ठहराने वालों में से नहीं था।”
وما كان من ٱلمشركين
लोगों के लिए रखा गया पहला घर अवश्य वही है जो भीड़-भाड़ के स्थान पर है, आशीषित, और सभी प्राणियों के लिए मार्गदर्शन; उसमें स्पष्ट संकेत हैं।
إن أول بيت وضع للناس للذي ببكة مباركا وهدى للعلمين فيه ءايت بينت
इब्राहीम का पड़ाव,
مقام إبرهيم
और जो उसमें प्रवेश करता है वह निरापद है।
ومن دخله كان ءامنا
और घर का हज लोगों पर ईश्वर का कर्तव्य है, उसके लिए जिसमें वहाँ की राह लेने की समाई हो;
ولله على ٱلناس حج ٱلبيت من ٱستطاع إليه سبيلا
और जो नकारे — ईश्वर निश्चय ही धनी है, किसी भी प्राणी पर निर्भर नहीं।
ومن كفر فإن ٱلله غني عن ٱلعلمين
कहो: “हे ग्रंथ वालो! तुम ईश्वर के संकेतों को क्यों नकारते हो, जबकि तुम जो करते हो ईश्वर उसका साक्षी है?”
قل يأهل ٱلكتب لم تكفرون بايت ٱلله وٱلله شهيد على ما تعملون
कहो: “हे ग्रंथ वालो! तुम उसके लिए ईश्वर की राह क्यों रोकते हो जिसने विश्वास किया, उसे टेढ़ी करने की खोज में, जबकि तुम उसके साक्षी हो?”
قل يأهل ٱلكتب لم تصدون عن سبيل ٱلله من ءامن تبغونها عوجا وأنتم شهدآء
और ईश्वर तुम जो करते हो उससे लापरवाह नहीं है।
وما ٱلله بغفل عما تعملون
हे विश्वास करने वालो! यदि तुम उनमें से, जिन्हें ग्रंथ दिया गया, एक भाग की बात मानो, तो वे तुम्हें तुम्हारे विश्वास के बाद नकार की ओर वापस ले जाएँगे।
يأيها ٱلذين ءامنوا إن تطيعوا فريقا من ٱلذين أوتوا ٱلكتب يردوكم بعد إيمنكم كفرين
और तुम कैसे नकारोगे, जबकि तुम्हें ईश्वर के संकेत सुनाए जाते हैं, और उसका संदेशवाहक तुम्हारे बीच है?
وكيف تكفرون وأنتم تتلى عليكم ءايت ٱلله وفيكم رسوله
और जो ईश्वर से दृढ़ता से जुड़ जाए, उसे सीधे पथ की ओर पहले ही मार्ग दिखाया जा चुका है।
ومن يعتصم بٱلله فقد هدي إلى صرط مستقيم
हे विश्वास करने वालो! ईश्वर के प्रति वैसे सावधान रहो जैसे उसके प्रति सावधान रहना चाहिए,
يأيها ٱلذين ءامنوا ٱتقوا ٱلله حق تقاته
और तुम मरो तो केवल उसके प्रति खरे रहते हुए ही।
ولا تموتن إلا وأنتم مسلمون
और सब ईश्वर की रस्सी से दृढ़ता से जुड़ो,
وٱعتصموا بحبل ٱلله جميعا
और फूट में न पड़ो।
ولا تفرقوا
और अपने ऊपर ईश्वर के उपकार का स्मरण करो, जब तुम शत्रु थे, और उसने तुम्हारे मर्मों में मेल करा दिया, ऐसा कि तुम उसके उपकार से भाई बन गए;
وٱذكروا نعمت ٱلله عليكم إذ كنتم أعدآء فألف بين قلوبكم فأصبحتم بنعمته إخونا
और तुम आग के एक गड्ढे के किनारे पर थे, और उसने तुम्हें उससे उबार लिया।
وكنتم على شفا حفرة من ٱلنار فأنقذكم منها
इसी प्रकार ईश्वर तुम्हारे लिए अपने संकेत स्पष्ट करता है, शायद तुम मार्गदर्शन पाओ।
كذلك يبين ٱلله لكم ءايته لعلكم تهتدون
और तुममें से एक ऐसा समुदाय हो जो अच्छाई की ओर बुलाए, जो मान्य है उसका आदेश दे, और जो अमान्य है उससे मना करे।
ولتكن منكم أمة يدعون إلى ٱلخير ويأمرون بٱلمعروف وينهون عن ٱلمنكر
और वही सफल होने वाले हैं।
وأولئك هم ٱلمفلحون
और उनकी तरह न हो जाओ जो फूट में पड़ गए और मतभेद करने लगे, इसके बाद कि स्पष्ट प्रमाण उनके पास आ गए।
ولا تكونوا كٱلذين تفرقوا وٱختلفوا من بعد ما جآءهم ٱلبينت
और यही हैं जिनके लिए विशाल दंड होगा, उस दिन जब कुछ चेहरे उजले होंगे और कुछ चेहरे स्याह होंगे।
وأولئك لهم عذاب عظيم يوم تبيض وجوه وتسود وجوه
रही बात उनकी जिनके चेहरे स्याह हो गए होंगे: “क्या तुमने अपने विश्वास के बाद नकारा? तो दंड चखो, नकारने के कारण।”
فأما ٱلذين ٱسودت وجوههم أكفرتم بعد إيمنكم فذوقوا ٱلعذاب بما كنتم تكفرون
और रही बात उनकी जिनके चेहरे उजले हो गए होंगे, वे ईश्वर की दया में होंगे,
وأما ٱلذين ٱبيضت وجوههم ففي رحمة ٱلله
जिसमें वे सदा रहेंगे।
هم فيها خلدون
ये ईश्वर के संकेत हैं, जो हम तुम्हें पूर्ण सत्य के साथ सुनाते हैं।
تلك ءايت ٱلله نتلوها عليك بٱلحق
और ईश्वर सभी प्राणियों के लिए कोई अन्याय नहीं चाहता।
وما ٱلله يريد ظلما للعلمين
और ईश्वर का है जो आकाशों में है और जो धरती पर है,
ولله ما في ٱلسموت وما في ٱلأرض
और ईश्वर की ओर ही सारे मामले लौटते हैं।
وإلى ٱلله ترجع ٱلأمور
तुम सबसे बेहतर समुदाय हो जिसे लोगों के लिए निकाला गया है: तुम जो मान्य है उसका आदेश देते हो, जो अमान्य है उससे मना करते हो, और ईश्वर पर विश्वास करते हो।
كنتم خير أمة أخرجت للناس تأمرون بٱلمعروف وتنهون عن ٱلمنكر وتؤمنون بٱلله
और यदि ग्रंथ वाले विश्वास करते, तो यह उनके लिए बेहतर होता।
ولو ءامن أهل ٱلكتب لكان خيرا لهم
उनमें विश्वास करने वाले हैं,
منهم ٱلمؤمنون
परंतु उनमें से अधिकतर अतिक्रमणकारी हैं।
وأكثرهم ٱلفسقون
वे तुम्हें कभी हानि नहीं पहुँचा पाएँगे,
لن يضروكم
सिवा एक कष्ट के।
إلآ أذى
और यदि वे तुमसे लड़ें, तो तुम्हारी ओर पीठ फेर लेंगे;
وإن يقتلوكم يولوكم ٱلأدبار
फिर उनकी सहायता नहीं की जाएगी।
ثم لا ينصرون
अपमान उन पर चिपका दिया गया है, जहाँ कहीं वे अचानक पाए जाएँ,
ضربت عليهم ٱلذلة أين ما ثقفوا
सिवा ईश्वर की एक रस्सी और लोगों की एक रस्सी के; वे ईश्वर के क्रोध के भागी हैं,
إلا بحبل من ٱلله وحبل من ٱلناس وبآءو بغضب من ٱلله
और दरिद्रता उन पर चिपका दी गई है।
وضربت عليهم ٱلمسكنة
यह इसलिए कि वे ईश्वर के संकेतों को नकारते थे, और सूचनादाताओं को बिना हक़ के मार डालते थे।
ذلك بأنهم كانوا يكفرون بايت ٱلله ويقتلون ٱلأنبيآء بغير حق
यह इसलिए कि उन्होंने अवज्ञा की और सीमाएँ पार कीं।
ذلك بما عصوا وكانوا يعتدون
वे सब बराबर नहीं हैं:
ليسوا سوآء
ग्रंथ वालों में एक सीधा समुदाय है, जो रात की घड़ियों में ईश्वर के संकेत सुनाता है, माथा टेकते हुए।
من أهل ٱلكتب أمة قآئمة يتلون ءايت ٱلله ءانآء ٱليل وهم يسجدون
वे ईश्वर पर और अंतिम दिन पर विश्वास करते हैं, जो मान्य है उसका आदेश देते हैं, जो अमान्य है उससे मना करते हैं, और जो सबसे बेहतर है उसकी ओर दौड़ पड़ते हैं।
يؤمنون بٱلله وٱليوم ٱلءاخر ويأمرون بٱلمعروف وينهون عن ٱلمنكر ويسرعون في ٱلخيرت
और वे उनमें से हैं जो भले हैं।
وأولئك من ٱلصلحين
और वे जो भी अच्छाई करें, वह उनके लिए कभी नकारी नहीं जाएगी।
وما يفعلوا من خير فلن يكفروه
ईश्वर सावधानी बरतने वालों के विषय में सर्वज्ञ है।
وٱلله عليم بٱلمتقين
निश्चय ही, जो नकारते हैं, न उनकी संपत्ति और न उनके बच्चे ईश्वर के सामने उनके किसी काम आएँगे,
إن ٱلذين كفروا لن تغني عنهم أمولهم ولآ أولدهم من ٱلله شيا
और वही आग वाले हैं, वे उसमें सदा रहते हैं।
وأولئك أصحب ٱلنار هم فيها خلدون
इस इहलोक के जीवन में वे जो ख़र्च करते हैं उसका उदाहरण कड़ाके की ठंडी हवा जैसा है, जो एक ऐसी क़ौम की खेती पर आ पड़ती है जिसने स्वयं पर अन्याय किया, और उसे नष्ट कर देती है।
مثل ما ينفقون في هذه ٱلحيوة ٱلدنيا كمثل ريح فيها صر أصابت حرث قوم ظلموا أنفسهم فأهلكته
और ईश्वर ने उन पर अन्याय नहीं किया,
وما ظلمهم ٱلله
परंतु वे स्वयं पर ही अन्याय करते हैं।
ولكن أنفسهم يظلمون
हे विश्वास करने वालो! अपनों के अतिरिक्त किसी को अंतरंग राज़दार न बनाओ: वे तुम्हें उलझन में डालने में कोई कसर नहीं छोड़ते, और चाहते हैं कि तुम त्रस्त हो।
يأيها ٱلذين ءامنوا لا تتخذوا بطانة من دونكم لا يألونكم خبالا ودوا ما عنتم
घृणा उनके मुँहों से पहले ही सामने आ चुकी है, और जो उनके सीने छिपाते हैं वह कहीं अधिक गंभीर है।
قد بدت ٱلبغضآء من أفوههم وما تخفي صدورهم أكبر
हमने तुम्हारे लिए संकेत पहले ही स्पष्ट कर दिए हैं, यदि तुम बुद्धि से काम लेते हो।
قد بينا لكم ٱلءايت إن كنتم تعقلون
देखो, तुम वही हो जो उनसे प्रेम करते हो, जबकि वे तुमसे प्रेम नहीं करते, और तुम पूरे ग्रंथ पर विश्वास करते हो।
هأنتم أولآء تحبونهم ولا يحبونكم وتؤمنون بٱلكتب كله
और जब वे तुमसे मिलते हैं, तो कहते हैं: “हमने विश्वास किया”;
وإذا لقوكم قالوا ءامنا
परंतु जब वे अकेले होते हैं, तो तुम पर रोष के कारण अपनी उँगलियों के सिरे काटते हैं।
وإذا خلوا عضوا عليكم ٱلأنامل من ٱلغيظ
कहो: “अपने रोष में मर जाओ।”
قل موتوا بغيظكم
ईश्वर निश्चय ही सीनों के भीतर जो है उसके विषय में सर्वज्ञ है।
إن ٱلله عليم بذات ٱلصدور
यदि तुम्हें कोई भलाई छू जाए, तो उन्हें बुरा लगता है,
إن تمسسكم حسنة تسؤهم
और यदि तुम पर कोई बुराई आ पड़े, तो वे उससे हर्षित होते हैं।
وإن تصبكم سيئة يفرحوا بها
परंतु यदि तुम धैर्य रखो और सावधान रहो, तो उनकी चाल तुम्हें कुछ भी हानि नहीं पहुँचाएगी,
وإن تصبروا وتتقوا لا يضركم كيدهم شيا
क्योंकि ईश्वर उसे पूरी तरह घेरे हुए है जो वे करते हैं।
إن ٱلله بما يعملون محيط
और जब तुम सुबह-सुबह अपने परिवार को छोड़कर निकले, विश्वास करने वालों को लड़ाई के मोर्चों पर ठहराने के लिए।
وإذ غدوت من أهلك تبوئ ٱلمؤمنين مقعد للقتال
ईश्वर सुनने वाला, सर्वज्ञ है।
وٱلله سميع عليم
जब तुम्हारे दो गुट पीछे हटने को हुए, जबकि ईश्वर उन दोनों का आश्रयदाता था —
إذ همت طآئفتان منكم أن تفشلا وٱلله وليهما
और विश्वास करने वालों को ईश्वर को ही मुख़्तार बनाना चाहिए।
وعلى ٱلله فليتوكل ٱلمؤمنون
ईश्वर ने बद्र में निश्चय ही तुम्हारी सहायता की, जब तुम हीन थे।
ولقد نصركم ٱلله ببدر وأنتم أذلة
अतः ईश्वर के प्रति सावधान रहो, शायद तुम कृतज्ञ हो जाओ।
فٱتقوا ٱلله لعلكم تشكرون
जब तुम विश्वास करने वालों से कह रहे थे: “क्या तुम्हारे लिए यह पर्याप्त नहीं कि तुम्हारा अभिभावक तीन हज़ार उतारे गए अभिकर्ताओं से तुम्हें मज़बूत करे?”
إذ تقول للمؤمنين ألن يكفيكم أن يمدكم ربكم بثلثة ءالف من ٱلملئكة منزلين
क्यों नहीं: यदि तुम धैर्य रखो और सावधान रहो, और वे यहीं, उसी क्षण तुम्हारे पास आ जाएँ, तो तुम्हारा अभिभावक पाँच हज़ार अलग से अंकित अभिकर्ताओं से तुम्हें मज़बूत करेगा।
بلى إن تصبروا وتتقوا ويأتوكم من فورهم هذا يمددكم ربكم بخمسة ءالف من ٱلملئكة مسومين
और ईश्वर ने इसे तुम्हारे लिए केवल एक शुभ समाचार बनाया, और इसलिए कि तुम्हारे मर्म इससे चैन पाएँ।
وما جعله ٱلله إلا بشرى لكم ولتطمئن قلوبكم به
और सहायता केवल ईश्वर के पास से आती है, जो सर्वशक्तिमान, प्रज्ञावान है, ताकि वह नकारने वालों का एक भाग काट दे, या उन्हें पछाड़ दे, और वे निराश होकर चले जाएँ। इस मामले में तुम्हारा कोई प्रभाव नहीं: या तो वह अनुकंपा के साथ उनकी ओर पलटे, या उन्हें दंड दे, क्योंकि वे अन्यायी हैं।
وما ٱلنصر إلا من عند ٱلله ٱلعزيز ٱلحكيم ليقطع طرفا من ٱلذين كفروا أو يكبتهم فينقلبوا خآئبين ليس لك من ٱلأمر شىء أو يتوب عليهم أو يعذبهم فإنهم ظلمون
और जो आकाशों में है और जो धरती पर है, वह ईश्वर का है।
ولله ما في ٱلسموت وما في ٱلأرض
वह जिस पर उसकी मर्ज़ी हो, उसे क्षमा करता है, और जिस पर उसकी मर्ज़ी हो, उसे दंड देता है।
يغفر لمن يشآء ويعذب من يشآء
और ईश्वर अत्यंत क्षमाशील, दयालु है।
وٱلله غفور رحيم
हे विश्वास करने वालो! दोगुने पर दोगुने किए गए ब्याज को मत खाओ।
يأيها ٱلذين ءامنوا لا تأكلوا ٱلربوا أضعفا مضعفة
और ईश्वर के प्रति सावधान रहो, शायद तुम सफल हो जाओ।
وٱتقوا ٱلله لعلكم تفلحون
और उस आग से सावधान रहो, जो नकारने वालों के लिए तैयार की गई है।
وٱتقوا ٱلنار ٱلتي أعدت للكفرين
और ईश्वर और संदेशवाहक की बात मानो, शायद तुम पर दया की जाए।
وأطيعوا ٱلله وٱلرسول لعلكم ترحمون
और शीघ्रता करो अपने अभिभावक की क्षमा की ओर, और एक ऐसे उद्यान की ओर जिसका विस्तार आकाशों और धरती के बराबर है, जो उनके लिए तैयार किया गया है जो सावधान रहते हैं, जो सुविधा और हानि में ख़र्च करते हैं, अपना रोष रोक लेते हैं, और लोगों के प्रति दरगुज़र करते हैं।
وسارعوا إلى مغفرة من ربكم وجنة عرضها ٱلسموت وٱلأرض أعدت للمتقين ٱلذين ينفقون في ٱلسرآء وٱلضرآء وٱلكظمين ٱلغيظ وٱلعافين عن ٱلناس
ईश्वर भलाई करने वालों से प्रेम करता है।
وٱلله يحب ٱلمحسنين
और वे जो, जब कोई निर्लज्जता करते हैं या स्वयं पर अन्याय करते हैं, तो ईश्वर का स्मरण करते हैं और अपने दोषों के लिए क्षमा माँगते हैं —
وٱلذين إذا فعلوا فحشة أو ظلموا أنفسهم ذكروا ٱلله فٱستغفروا لذنوبهم
और ईश्वर के सिवा कौन दोषों को क्षमा करता है? —
ومن يغفر ٱلذنوب إلا ٱلله
और जो जानते हुए, जो उन्होंने किया उस पर डटे नहीं रहते।
ولم يصروا على ما فعلوا وهم يعلمون
ये वे हैं जिनका प्रतिफल उनके अभिभावक की ओर से क्षमा है, और ऐसे उद्यान जिनके नीचे नदियाँ बहती हैं, जिनमें वे सदा रहेंगे।
أولئك جزآؤهم مغفرة من ربهم وجنت تجري من تحتها ٱلأنهر خلدين فيها
और कर्म करने वालों के लिए कितना उत्तम पुरस्कार है!
ونعم أجر ٱلعملين
तुमसे पहले रीतियाँ बीत चुकी हैं;
قد خلت من قبلكم سنن
अतः धरती में घूमो और नज़र डालो कि झुठलाने वालों का परिणाम कैसा रहा।
فسيروا في ٱلأرض فٱنظروا كيف كان عقبة ٱلمكذبين
यह लोगों के लिए एक स्पष्ट विवरण है, और सावधानी बरतने वालों के लिए एक मार्गदर्शन और एक उपदेश।
هذا بيان للناس وهدى وموعظة للمتقين
और ढीले मत पड़ो, और दुखी मत हो: यदि तुम विश्वास करने वाले हो, तो तुम सबसे ऊपर हो।
ولا تهنوا ولا تحزنوا وأنتم ٱلأعلون إن كنتم مؤمنين
यदि तुम्हें कोई घाव छू जाए, तो उस क़ौम को भी ऐसा ही घाव छू चुका है।
إن يمسسكم قرح فقد مس ٱلقوم قرح مثله
ऐसे ही चलते हैं दिन: हम उन्हें लोगों के बीच एक से दूसरे तक घुमाते हैं,
وتلك ٱلأيام نداولها بين ٱلناس
ताकि ईश्वर उन्हें छाँट ले जिन्होंने विश्वास किया, और तुममें से साक्षी ले ले —
وليعلم ٱلله ٱلذين ءامنوا ويتخذ منكم شهدآء
ईश्वर अन्यायियों से प्रेम नहीं करता —
وٱلله لا يحب ٱلظلمين
और ताकि ईश्वर उन्हें शुद्ध करे जिन्होंने विश्वास किया, और नकारने वालों को मिटा दे।
وليمحص ٱلله ٱلذين ءامنوا ويمحق ٱلكفرين
या क्या तुमने सोचा था कि उद्यान में प्रवेश कर जाओगे, जबकि ईश्वर ने अभी तक तुममें से संघर्ष करने वालों को नहीं छाँटा, और धैर्य रखने वालों को नहीं छाँटा?
أم حسبتم أن تدخلوا ٱلجنة ولما يعلم ٱلله ٱلذين جهدوا منكم ويعلم ٱلصبرين
तुम निश्चय ही मृत्यु की इच्छा करते थे, उससे मिलने से पहले; सो तुमने उसे देख लिया, और तुम नज़र डाल रहे थे।
ولقد كنتم تمنون ٱلموت من قبل أن تلقوه فقد رأيتموه وأنتم تنظرون
मुहम्मद केवल एक संदेशवाहक है; उससे पहले संदेशवाहक बीत चुके हैं।
وما محمد إلا رسول قد خلت من قبله ٱلرسل
तो यदि वह मर जाए, या मार डाला जाए, तो क्या तुम अपनी एड़ियों के बल पलट जाओगे?
أفإين مات أو قتل ٱنقلبتم على أعقبكم
और जो अपनी एड़ियों के बल पलट जाता है, वह ईश्वर को कुछ भी हानि नहीं पहुँचाता,
ومن ينقلب على عقبيه فلن يضر ٱلله شيا
और ईश्वर कृतज्ञों को प्रतिफल देगा।
وسيجزي ٱلله ٱلشكرين
और किसी भी स्व के लिए यह उचित नहीं कि वह मरे, ईश्वर की अनुमति के सिवा,
وما كان لنفس أن تموت إلا بإذن ٱلله
निर्धारित अवधि वाली बही के अनुसार।
كتبا مؤجلا
और जो इहलोक का प्रतिदान चाहता है, उसे हम वह देते हैं;
ومن يرد ثواب ٱلدنيا نؤته منها
और जो अंतिम जीवन का प्रतिदान चाहता है, उसे हम वह देते हैं।
ومن يرد ثواب ٱلءاخرة نؤته منها
और हम कृतज्ञों को प्रतिफल देंगे।
وسنجزي ٱلشكرين
कितने ही सूचनादाता मार डाले गए, जिनके साथ अभिभावक से जुड़े बहुत से जन थे!
وكأين من نبي قتل معه ربيون كثير
ईश्वर की राह में जो उन पर आ पड़ा, उससे वे ढीले नहीं पड़े, न कमज़ोर हुए, और न झुके।
فما وهنوا لمآ أصابهم في سبيل ٱلله وما ضعفوا وما ٱستكانوا
ईश्वर धैर्य रखने वालों से प्रेम करता है।
وٱلله يحب ٱلصبرين
और उनका एकमात्र कथन यह था कि उन्होंने कहा: “हमारे अभिभावक, आप हमारे दोष और हमारे आचरण में हमारी अतियाँ क्षमा कीजिए, हमारे क़दम दृढ़ कीजिए, और नकारने वाली क़ौम के विरुद्ध हमारी सहायता कीजिए।”
وما كان قولهم إلآ أن قالوا ربنا ٱغفر لنا ذنوبنا وإسرافنا في أمرنا وثبت أقدامنا وٱنصرنا على ٱلقوم ٱلكفرين
तब ईश्वर ने उन्हें इहलोक का प्रतिदान दिया, और अंतिम जीवन का सुंदर प्रतिदान।
فاتىهم ٱلله ثواب ٱلدنيا وحسن ثواب ٱلءاخرة
ईश्वर भलाई करने वालों से प्रेम करता है।
وٱلله يحب ٱلمحسنين
हे विश्वास करने वालो! यदि तुम नकारने वालों की बात मानो, तो वे तुम्हें तुम्हारी एड़ियों पर वापस ले जाएँगे, और तुम घाटा उठाने वाले बनकर चले जाओगे।
يأيها ٱلذين ءامنوا إن تطيعوا ٱلذين كفروا يردوكم على أعقبكم فتنقلبوا خسرين
बल्कि ईश्वर तुम्हारा सबसे निकट का ज़ामिन है,
بل ٱلله مولىكم
और वह सहायकों में सबसे बेहतर है।
وهو خير ٱلنصرين
हम नकारने वालों के मर्मों में आतंक डालेंगे, इस कारण कि उन्होंने ईश्वर के साथ उसे साझी ठहराया जिसके लिए उसने कोई अधिकार नहीं उतारा।
سنلقي في قلوب ٱلذين كفروا ٱلرعب بمآ أشركوا بٱلله ما لم ينزل به سلطنا
और उनकी शरण आग होगी,
ومأوىهم ٱلنار
और अन्यायियों का निवास कितना निकृष्ट है!
وبئس مثوى ٱلظلمين
ईश्वर ने निश्चय ही तुम्हारे साथ अपना वादा निभाया, जब तुम उसकी अनुमति से उनका संहार कर रहे थे,
ولقد صدقكم ٱلله وعده إذ تحسونهم بإذنه
यहाँ तक कि तुम पीछे हट गए और मामले को लेकर खींचतान में पड़ गए, और तुमने अवज्ञा की, उसके बाद कि उसने तुम्हें वह दिखा दिया जो तुम्हें प्रिय था।
حتى إذا فشلتم وتنزعتم في ٱلأمر وعصيتم من بعد مآ أرىكم ما تحبون
तुममें कुछ ऐसे थे जो इहलोक चाहते थे, और तुममें कुछ ऐसे थे जो अंतिम जीवन चाहते थे;
منكم من يريد ٱلدنيا ومنكم من يريد ٱلءاخرة
फिर उसने तुम्हें उनसे हटा दिया, ताकि वह तुम्हें परखे।
ثم صرفكم عنهم ليبتليكم
उसने निश्चय ही तुम्हारे प्रति दरगुज़र किया है।
ولقد عفا عنكم
ईश्वर विश्वास करने वालों के प्रति अनुग्रह रखता है।
وٱلله ذو فضل على ٱلمؤمنين
जब तुम ऊपर चढ़ते जा रहे थे, किसी की ओर मुड़े बिना, जबकि संदेशवाहक तुम्हारी पंक्तियों के पीछे से तुम्हें बुला रहा था; तब उसने तुम्हें प्रतिदान के रूप में एक व्यथा के बाद एक व्यथा दी, ताकि तुम न उसके लिए दुखी हो जो तुमसे जाता रहा, न उसके लिए जो तुम पर आ पड़ा।
إذ تصعدون ولا تلون على أحد وٱلرسول يدعوكم في أخرىكم فأثبكم غما بغم لكيلا تحزنوا على ما فاتكم ولا مآ أصبكم
और ईश्वर तुम जो करते हो उसकी पूरी ख़बर रखता है।
وٱلله خبير بما تعملون
फिर उसने व्यथा के बाद तुम पर एक सुरक्षा उतारी, एक ऊँघ, जो तुममें से एक गुट पर छा रही थी,
ثم أنزل عليكم من بعد ٱلغم أمنة نعاسا يغشى طآئفة منكم
जबकि एक गुट, जो अपने ही स्व की चिंता में पड़ा था, ईश्वर के विषय में सत्य के विपरीत अज्ञान के युग का एक अनुमान लगा रहा था,
وطآئفة قد أهمتهم أنفسهم يظنون بٱلله غير ٱلحق ظن ٱلجهلية
यह कहते हुए: “क्या मामले में हमारा तनिक भी भाग है?”
يقولون هل لنا من ٱلأمر من شىء
कहो: “मामला, सारा का सारा, निश्चय ही ईश्वर का है।”
قل إن ٱلأمر كله لله
वे अपने भीतर वह छिपाते हैं जो वे तुम्हारे सामने आने नहीं देते,
يخفون في أنفسهم ما لا يبدون لك
यह कहते हुए: “यदि इस मामले में हमारा कुछ भी प्रभाव होता, तो हम यहाँ मार डाले न जाते।”
يقولون لو كان لنا من ٱلأمر شىء ما قتلنا ههنا
कहो: “यदि तुम अपने घरों में होते, तो जिनके लिए हत्या विहित की गई थी वे ज़रूर उन स्थानों की ओर निकल पड़ते जहाँ उन्हें लेटना था” — और ताकि ईश्वर तुम्हारे सीनों में जो है उसे परखे, और तुम्हारे मर्मों में जो है उसे शुद्ध करे।
قل لو كنتم في بيوتكم لبرز ٱلذين كتب عليهم ٱلقتل إلى مضاجعهم وليبتلي ٱلله ما في صدوركم وليمحص ما في قلوبكم
और ईश्वर सीनों के भीतर जो है उसके विषय में सर्वज्ञ है।
وٱلله عليم بذات ٱلصدور
तुममें से जिन्होंने पीठ फेरी, उस दिन जब दोनों दल मिले, उन्हें केवल बहकाने वाले ने फिसलाया, उनके कमाए हुए के एक भाग के कारण।
إن ٱلذين تولوا منكم يوم ٱلتقى ٱلجمعان إنما ٱستزلهم ٱلشيطن ببعض ما كسبوا
ईश्वर ने निश्चय ही उनके प्रति दरगुज़र किया है,
ولقد عفا ٱلله عنهم
क्योंकि ईश्वर अत्यंत क्षमाशील, सहनशील है।
إن ٱلله غفور حليم
हे विश्वास करने वालो! उन जैसे मत हो जिन्होंने नकारा, और जो अपने भाइयों के विषय में कहते हैं, जब वे धरती पर विचरण करते हैं या अभियान पर निकलते हैं: “यदि वे हमारे पास रहते, तो न मरते, और न मार डाले जाते” — ताकि ईश्वर इसे उनके मर्मों में एक संताप बना दे।
يأيها ٱلذين ءامنوا لا تكونوا كٱلذين كفروا وقالوا لإخونهم إذا ضربوا في ٱلأرض أو كانوا غزى لو كانوا عندنا ما ماتوا وما قتلوا ليجعل ٱلله ذلك حسرة في قلوبهم
ईश्वर जीवन देता है और मृत्यु देता है।
وٱلله يحي ويميت
और ईश्वर तुम जो करते हो उस पर दृष्टि रखता है।
وٱلله بما تعملون بصير
और यदि तुम ईश्वर की राह में मार डाले जाओ, या मर जाओ, तो ईश्वर की ओर से क्षमा और दया निश्चय ही उससे बेहतर हैं जो वे जमा करते हैं।
ولئن قتلتم في سبيل ٱلله أو متم لمغفرة من ٱلله ورحمة خير مما يجمعون
और चाहे तुम मरो, या मार डाले जाओ, ईश्वर ही की ओर तुम इकट्ठा किए जाओगे।
ولئن متم أو قتلتم لإلى ٱلله تحشرون
ईश्वर की ओर से एक दया के कारण ही तुम उनके प्रति कोमल हुए;
فبما رحمة من ٱلله لنت لهم
और यदि तुम रूखे, कठोर मर्म वाले होते, तो वे ज़रूर तुम्हारे पास से बिखर जाते।
ولو كنت فظا غليظ ٱلقلب لٱنفضوا من حولك
अतः उनके प्रति दरगुज़र करो, उनके लिए क्षमा माँगो, और मामले में उनसे परामर्श करो;
فٱعف عنهم وٱستغفر لهم وشاورهم في ٱلأمر
और जब तुम्हारा संकल्प हो जाए, तो ईश्वर को मुख़्तार बनाओ,
فإذا عزمت فتوكل على ٱلله
क्योंकि ईश्वर मुख़्तार बनाने वालों से प्रेम करता है।
إن ٱلله يحب ٱلمتوكلين
यदि ईश्वर तुम्हारी सहायता करे, तो कोई तुम्हें पराजित नहीं कर सकता;
إن ينصركم ٱلله فلا غالب لكم
और यदि वह तुम्हें त्याग दे, तो उसके बाद कौन तुम्हारी सहायता कर सकता है?
وإن يخذلكم فمن ذا ٱلذي ينصركم من بعده
और विश्वास करने वालों को ईश्वर को ही मुख़्तार बनाना चाहिए।
وعلى ٱلله فليتوكل ٱلمؤمنون
किसी सूचनादाता के लिए यह उचित नहीं कि वह ग़बन करे;
وما كان لنبي أن يغل
और जो ग़बन करता है, वह पेशी के दिन उसे लेकर आएगा जो उसने ग़बन से निकाला होगा,
ومن يغلل يأت بما غل يوم ٱلقيمة
फिर हर स्व वह पूरा-पूरा पाएगा जो उसने कमाया, और उस पर अन्याय नहीं किया जाएगा।
ثم توفى كل نفس ما كسبت وهم لا يظلمون
तो क्या वह जो ईश्वर की प्रसन्नता का अनुसरण करता है, उसके समान है जो ईश्वर के कोप का भागी हुआ, और जिसकी शरण जहन्नम होगी?
أفمن ٱتبع رضون ٱلله كمن بآء بسخط من ٱلله ومأوىه جهنم
और कितना भयानक गंतव्य!
وبئس ٱلمصير
ईश्वर के पास उनकी श्रेणियाँ हैं।
هم درجت عند ٱلله
ईश्वर उस पर दृष्टि रखता है जो वे करते हैं।
وٱلله بصير بما يعملون
ईश्वर ने विश्वास करने वालों पर निश्चय ही कृपा की, जब उसने उनके बीच एक संदेशवाहक उठाया, उन्हीं में से, जो उन्हें उसके संकेत सुनाता है, उन्हें शुद्ध करता है, और उन्हें ग्रंथ और प्रज्ञा सिखाता है, जबकि इससे पहले वे अवश्य स्पष्ट भटकाव में थे।
لقد من ٱلله على ٱلمؤمنين إذ بعث فيهم رسولا من أنفسهم يتلوا عليهم ءايته ويزكيهم ويعلمهم ٱلكتب وٱلحكمة وإن كانوا من قبل لفي ضلل مبين
तो यह कैसे, कि जब तुम पर कोई विपत्ति आ पड़ती है, जबकि तुम उसकी दोगुनी पहुँचा चुके थे, तुम कहते हो: “यह कहाँ से आया?”
أولمآ أصبتكم مصيبة قد أصبتم مثليها قلتم أنى هذا
कहो: “यह तुम्हारी अपनी ओर से आया है।”
قل هو من عند أنفسكم
ईश्वर निश्चय ही हर चीज़ का सामर्थ्य रखता है।
إن ٱلله على كل شىء قدير
और जो तुम पर आ पड़ा, उस दिन जब दोनों दल मिले, वह ईश्वर की अनुमति से था, और इसलिए कि वह विश्वास करने वालों को छाँटे, और उन्हें छाँटे जिन्होंने पाखंड किया,
ومآ أصبكم يوم ٱلتقى ٱلجمعان فبإذن ٱلله وليعلم ٱلمؤمنين وليعلم ٱلذين نافقوا
और जिनसे कहा गया: “आओ, ईश्वर की राह में लड़ो, या उन्हें पीछे हटाओ”;
وقيل لهم تعالوا قتلوا في سبيل ٱلله أو ٱدفعوا
उन्होंने कहा: “यदि हम लड़ना जानते, तो ज़रूर तुम्हारा अनुसरण करते।”
قالوا لو نعلم قتالا لٱتبعنكم
उस दिन वे विश्वास की अपेक्षा नकार के अधिक निकट थे,
هم للكفر يومئذ أقرب منهم للإيمن
अपने मुँह से वह कहते हुए जो उनके मर्मों में नहीं था।
يقولون بأفوههم ما ليس في قلوبهم
ईश्वर उसे सबसे अच्छी तरह जानता है जो वे दबा रखते हैं।
وٱلله أعلم بما يكتمون
जो बैठे रह गए, उन्होंने अपने भाइयों के विषय में कहा: “यदि वे हमारी बात मानते, तो मार डाले न जाते।”
ٱلذين قالوا لإخونهم وقعدوا لو أطاعونا ما قتلوا
कहो: “तो अपने से मृत्यु को टाल दो, यदि तुम सच्चे हो।”
قل فٱدرءوا عن أنفسكم ٱلموت إن كنتم صدقين
और यह कदापि न सोचो कि जो ईश्वर की राह में मार डाले गए वे मृत हैं।
ولا تحسبن ٱلذين قتلوا في سبيل ٱلله أموتا
बल्कि वे जीवित हैं, अपने अभिभावक के पास, जीविका पाते हुए, ईश्वर ने उन्हें अपने अनुग्रह से जो दिया उससे हर्षित होते हुए, और उनके लिए उल्लसित होते हुए जो उनके पीछे रह गए और अभी उनसे आ नहीं मिले: उन पर कोई डर नहीं, और न वे दुखी होंगे।
بل أحيآء عند ربهم يرزقون فرحين بمآ ءاتىهم ٱلله من فضله ويستبشرون بٱلذين لم يلحقوا بهم من خلفهم ألا خوف عليهم ولا هم يحزنون
वे ईश्वर के एक उपकार और एक अनुग्रह से उल्लसित होते हैं, और इससे कि ईश्वर विश्वास करने वालों का पुरस्कार बिखरने नहीं देता, उनका जिन्होंने घाव आ पड़ने के बाद ईश्वर और संदेशवाहक को उत्तर दिया।
يستبشرون بنعمة من ٱلله وفضل وأن ٱلله لا يضيع أجر ٱلمؤمنين ٱلذين ٱستجابوا لله وٱلرسول من بعد مآ أصابهم ٱلقرح
उनमें से जिन्होंने भलाई की और जो सावधान रहे, उनके लिए एक विशाल पुरस्कार है।
للذين أحسنوا منهم وٱتقوا أجر عظيم
जिनसे लोगों ने कहा: “लोग निश्चय ही तुम्हारे विरुद्ध एकत्र हो गए हैं, अतः उनसे भय रखो” — तो इससे उनका विश्वास बढ़ गया।
ٱلذين قال لهم ٱلناس إن ٱلناس قد جمعوا لكم فٱخشوهم فزادهم إيمنا
और उन्होंने कहा: “ईश्वर हमारे लिए पर्याप्त है; कितना उत्तम मुख़्तार!”
وقالوا حسبنا ٱلله ونعم ٱلوكيل
तब वे ईश्वर के एक उपकार और एक अनुग्रह के साथ चले गए, इस हाल में कि उन्हें कोई बुराई नहीं छू पाई थी, और उन्होंने ईश्वर की प्रसन्नता का अनुसरण किया।
فٱنقلبوا بنعمة من ٱلله وفضل لم يمسسهم سوء وٱتبعوا رضون ٱلله
ईश्वर विशाल अनुग्रह रखता है।
وٱلله ذو فضل عظيم
यह तो केवल वही बहकाने वाला है जो तुम्हें अपने हिमायतियों से डराता है; अतः उनसे मत डरो,
إنما ذلكم ٱلشيطن يخوف أوليآءه فلا تخافوهم
परंतु मुझसे डरो, यदि तुम विश्वास करने वाले हो।
وخافون إن كنتم مؤمنين
और तुम्हें वे दुखी न करें जो नकार में शीघ्रता करते हैं,
ولا يحزنك ٱلذين يسرعون في ٱلكفر
क्योंकि वे ईश्वर को कुछ भी हानि नहीं पहुँचाएँगे।
إنهم لن يضروا ٱلله شيا
ईश्वर चाहता है कि अंतिम जीवन में उन्हें कोई भाग न दे,
يريد ٱلله ألا يجعل لهم حظا في ٱلءاخرة
और उनके लिए विशाल दंड होगा।
ولهم عذاب عظيم
निश्चय ही, जिन्होंने विश्वास के बदले नकार ख़रीदा, वे ईश्वर को कुछ भी हानि नहीं पहुँचाएँगे, और उनके लिए पीड़ादायक दंड होगा।
إن ٱلذين ٱشتروا ٱلكفر بٱلإيمن لن يضروا ٱلله شيا ولهم عذاب أليم
और नकारने वाले यह कदापि न सोचें कि जो ढील हम उन्हें देते हैं वह उनके अपने लिए कोई अच्छाई है:
ولا يحسبن ٱلذين كفروا أنما نملي لهم خير لأنفسهم
हम उन्हें वह केवल इसलिए देते हैं कि वे अपराध में बढ़ते जाएँ,
إنما نملي لهم ليزدادوا إثما
और उनके लिए अपमानजनक दंड होगा।
ولهم عذاب مهين
ईश्वर को यह शोभा नहीं देता कि वह विश्वास करने वालों को उस स्थिति में छोड़े रखे जिसमें तुम हो, नीच को अच्छे से छाँटे बिना,
ما كان ٱلله ليذر ٱلمؤمنين على مآ أنتم عليه حتى يميز ٱلخبيث من ٱلطيب
और ईश्वर को यह शोभा नहीं देता कि वह तुम्हें वह भेदने दे जो इंद्रियों से परे है,
وما كان ٱلله ليطلعكم على ٱلغيب
परंतु ईश्वर अपने संदेशवाहकों में से, जिस पर उसकी मर्ज़ी हो, उसे चुनता है।
ولكن ٱلله يجتبي من رسله من يشآء
अतः ईश्वर पर और उसके संदेशवाहकों पर विश्वास करो;
فامنوا بٱلله ورسله
और यदि तुम विश्वास करो और सावधान रहो, तो तुम्हारे लिए एक विशाल पुरस्कार होगा।
وإن تؤمنوا وتتقوا فلكم أجر عظيم
और जो उसमें कंजूसी करते हैं जो ईश्वर ने उन्हें अपने अनुग्रह से दिया, वे यह कदापि न सोचें कि यह उनके लिए कोई अच्छाई है;
ولا يحسبن ٱلذين يبخلون بمآ ءاتىهم ٱلله من فضله هو خيرا لهم
बल्कि यह उनके लिए एक बुराई है।
بل هو شر لهم
पेशी के दिन उन पर उसका छल्ला कसा जाएगा जिसमें उन्होंने कंजूसी की थी।
سيطوقون ما بخلوا به يوم ٱلقيمة
और आकाशों और धरती की विरासत ईश्वर को मिलती है।
ولله ميرث ٱلسموت وٱلأرض
और ईश्वर तुम जो करते हो उसकी पूरी ख़बर रखता है।
وٱلله بما تعملون خبير
ईश्वर ने उनका कथन ज़रूर सुन लिया जिन्होंने कहा: “ईश्वर निर्धन है, और हम धनी हैं।”
لقد سمع ٱلله قول ٱلذين قالوا إن ٱلله فقير ونحن أغنيآء
हम लिख लेंगे जो उन्होंने कहा, और सूचनादाताओं की उनकी हत्या भी, बिना हक़, और हम कहेंगे: “दहन के दंड का स्वाद चखो।
سنكتب ما قالوا وقتلهم ٱلأنبيآء بغير حق ونقول ذوقوا عذاب ٱلحريق
यह उसके बदले जो तुम्हारे हाथों ने आगे बढ़ाया; और ईश्वर बाध्य आज्ञाकारियों पर ज़रा भी अन्याय नहीं करता।”
ذلك بما قدمت أيديكم وأن ٱلله ليس بظلام للعبيد
जिन्होंने कहा: “ईश्वर ने हमें संधि से बाँधा है कि हम किसी संदेशवाहक पर भरोसा न करें, जब तक वह हमारे पास ऐसी भेंट न लाए जिसे आग भस्म कर दे”,
ٱلذين قالوا إن ٱلله عهد إلينآ ألا نؤمن لرسول حتى يأتينا بقربان تأكله ٱلنار
कहो: “मुझसे पहले तुम्हारे पास संदेशवाहक स्पष्ट प्रमाणों के साथ आए, और उसके साथ भी जो तुमने कहा; तो फिर तुमने उन्हें क्यों मार डाला, यदि तुम सच्चे हो?”
قل قد جآءكم رسل من قبلي بٱلبينت وبٱلذي قلتم فلم قتلتموهم إن كنتم صدقين
यदि वे तुम्हें झुठलाएँ, तो तुमसे पहले भी संदेशवाहक झुठलाए जा चुके हैं, जो स्पष्ट प्रमाणों, प्रपत्रों और प्रकाशमान ग्रंथ के साथ आए थे।
فإن كذبوك فقد كذب رسل من قبلك جآءو بٱلبينت وٱلزبر وٱلكتب ٱلمنير
प्रत्येक स्व मृत्यु का स्वाद चखेगा,
كل نفس ذآئقة ٱلموت
और तुम्हें तुम्हारे पुरस्कार पूरे-पूरे केवल पेशी के दिन ही दिए जाएँगे।
وإنما توفون أجوركم يوم ٱلقيمة
अतः जो आग से दूर किया गया और उद्यान में प्रविष्ट कराया गया, वह विजयी हो गया।
فمن زحزح عن ٱلنار وأدخل ٱلجنة فقد فاز
और इहलोक का जीवन केवल एक छलने वाला उपभोग है।
وما ٱلحيوة ٱلدنيآ إلا متع ٱلغرور
तुम अपनी संपत्ति और अपने स्व में अवश्य परखे जाओगे, और तुम अवश्य, उनकी ओर से जिन्हें तुमसे पहले ग्रंथ दिया गया और उनकी ओर से जिन्होंने साझी ठहराया, बहुत-से कष्ट सुनोगे।
لتبلون في أمولكم وأنفسكم ولتسمعن من ٱلذين أوتوا ٱلكتب من قبلكم ومن ٱلذين أشركوا أذى كثيرا
परंतु यदि तुम धैर्य रखो और सावधान रहो, तो यह निश्चय ही उन मामलों में से है जिनमें संकल्प चाहिए।
وإن تصبروا وتتقوا فإن ذلك من عزم ٱلأمور
और जब ईश्वर ने उनसे गंभीर प्रतिज्ञा ली जिन्हें ग्रंथ दिया गया था: “तुम इसे लोगों के लिए अवश्य स्पष्ट करोगे, और इसे दबा नहीं रखोगे”; परंतु उन्होंने इसे अपनी पीठ के पीछे फेंक दिया, और इसके बदले एक तुच्छ मूल्य ख़रीदा।
وإذ أخذ ٱلله ميثق ٱلذين أوتوا ٱلكتب لتبيننه للناس ولا تكتمونه فنبذوه ورآء ظهورهم وٱشتروا به ثمنا قليلا
कितना भयानक है जो वे ख़रीदते हैं!
فبئس ما يشترون
यह कदापि न सोचो कि जो अपने किए पर हर्षित होते हैं, और जिन्हें यह प्रिय है कि जो उन्होंने नहीं किया उस पर उनकी प्रशंसा हो — यह कदापि न सोचो कि वे दंड से बच निकलेंगे।
لا تحسبن ٱلذين يفرحون بمآ أتوا ويحبون أن يحمدوا بما لم يفعلوا فلا تحسبنهم بمفازة من ٱلعذاب
और उनके लिए पीड़ादायक दंड होगा।
ولهم عذاب أليم
और आकाशों और धरती का राजत्व ईश्वर का है।
ولله ملك ٱلسموت وٱلأرض
और ईश्वर हर चीज़ का सामर्थ्य रखता है।
وٱلله على كل شىء قدير
आकाशों और धरती की रचना में, और रात और दिन की अदला-बदली में, मेधा रखने वालों के लिए अवश्य संकेत हैं, जो खड़े, बैठे, या करवट के बल लेटे हुए ईश्वर का स्मरण करते हैं, और आकाशों और धरती की रचना पर सोच-विचार करते हैं:
إن في خلق ٱلسموت وٱلأرض وٱختلف ٱليل وٱلنهار لءايت لأولي ٱلألبب ٱلذين يذكرون ٱلله قيما وقعودا وعلى جنوبهم ويتفكرون في خلق ٱلسموت وٱلأرض
“हमारे अभिभावक, आपने इसे व्यर्थ नहीं रचा। आपकी महिमा हो!
ربنا ما خلقت هذا بطلا سبحنك
अतः हमें आग के दंड से बचाइए।
فقنا عذاب ٱلنار
हमारे अभिभावक, आप जिसे आग में प्रवेश कराते हैं, उसे आपने निश्चय ही लज्जा से ढक दिया,
ربنآ إنك من تدخل ٱلنار فقد أخزيته
और अन्यायियों के लिए कोई सहायता नहीं।
وما للظلمين من أنصار
हमारे अभिभावक, हमने एक उद्घोषक को विश्वास की ओर बुलाते हुए सुना: अपने अभिभावक पर विश्वास करो — और हमने विश्वास किया।
ربنآ إننا سمعنا مناديا ينادي للإيمن أن ءامنوا بربكم فامنا
हमारे अभिभावक, अतः हमारे दोष क्षमा कीजिए, हमारे बुरे कर्म हमारे लिए ढक दीजिए, और हमें सद्गुणियों के साथ निष्ठा से सँभाल लीजिए।
ربنا فٱغفر لنا ذنوبنا وكفر عنا سياتنا وتوفنا مع ٱلأبرار
हमारे अभिभावक, और हमें वह दीजिए जिसका आपने अपने संदेशवाहकों के माध्यम से हमसे वादा किया, और पेशी के दिन हमें लज्जा से मत ढकिए,
ربنا وءاتنا ما وعدتنا على رسلك ولا تخزنا يوم ٱلقيمة
क्योंकि आप अपने वादे से नहीं चूकते।”
إنك لا تخلف ٱلميعاد
तब उनके अभिभावक ने उन्हें उत्तर दिया: “मैं तुममें से कर्म करने वाले के कर्म को बिखरने नहीं देता, चाहे पुरुष हो या स्त्री —
فٱستجاب لهم ربهم أني لآ أضيع عمل عمل منكم من ذكر أو أنثى
तुम एक-दूसरे में से हो।
بعضكم من بعض
जिन्होंने प्रवास किया, अपने ठिकानों से निकाले गए, मेरी राह में कष्ट दिए गए, लड़े और मार डाले गए, उनके बुरे कर्म मैं अवश्य ढक दूँगा, और उन्हें मैं अवश्य ऐसे उद्यानों में प्रवेश कराऊँगा जिनके नीचे नदियाँ बहती हैं” — ईश्वर की ओर से प्रतिदान।
فٱلذين هاجروا وأخرجوا من ديرهم وأوذوا في سبيلي وقتلوا وقتلوا لأكفرن عنهم سياتهم ولأدخلنهم جنت تجري من تحتها ٱلأنهر ثوابا من عند ٱلله
और ईश्वर ही के पास सुंदर प्रतिदान है।
وٱلله عنده حسن ٱلثواب
नकारने वालों का देशों में इधर-उधर फिरना तुम्हें छल न दे।
لا يغرنك تقلب ٱلذين كفروا في ٱلبلد
यह थोड़ा-सा उपभोग है,
متع قليل
फिर उनकी शरण जहन्नम होगी,
ثم مأوىهم جهنم
और कितना भयानक बिछौना!
وبئس ٱلمهاد
परंतु जो अपने अभिभावक के प्रति सावधान रहे, उनके लिए ऐसे उद्यान होंगे जिनके नीचे नदियाँ बहती हैं, जिनमें वे सदा रहेंगे, ईश्वर की ओर से आतिथ्य के रूप में।
لكن ٱلذين ٱتقوا ربهم لهم جنت تجري من تحتها ٱلأنهر خلدين فيها نزلا من عند ٱلله
और जो ईश्वर के पास है वह सद्गुणियों के लिए बेहतर है।
وما عند ٱلله خير للأبرار
और ग्रंथ वालों में कुछ ऐसे अवश्य हैं जो ईश्वर पर विश्वास करते हैं, और उस पर जो तुम पर उतारा गया, और उस पर जो उन पर उतारा गया, ईश्वर के प्रति विनीत होकर,
وإن من أهل ٱلكتب لمن يؤمن بٱلله ومآ أنزل إليكم ومآ أنزل إليهم خشعين لله
और ईश्वर के संकेतों के बदले तुच्छ मूल्य नहीं ख़रीदते।
لا يشترون بايت ٱلله ثمنا قليلا
ये वे हैं जिनका पुरस्कार उनके अभिभावक के पास है,
أولئك لهم أجرهم عند ربهم
क्योंकि ईश्वर हिसाब में शीघ्र है।
إن ٱلله سريع ٱلحساب
हे विश्वास करने वालो! धैर्य रखो, धैर्य में बढ़ जाओ, दृढ़ता से तत्पर रहो, और ईश्वर के प्रति सावधान रहो, शायद तुम सफल हो जाओ।
يأيها ٱلذين ءامنوا ٱصبروا وصابروا ورابطوا وٱتقوا ٱلله لعلكم تفلحون