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القرآن

الفرقان

Al-Furqan

The Discernment

अध्याय 25 · 77 पद

بسم ٱلله ٱلرحمن ٱلرحيم

ईश्वर के नाम से, जो सर्वदयालु, दयालु है।

25:1

आशीषमय है वह जिसने अपने आज्ञाकारी पर विवेक उतारा, ताकि वह सभी प्राणियों के लिए चेतावनी देने वाला हो,

تبارك ٱلذي نزل ٱلفرقان على عبده ليكون للعلمين نذيرا

वह जिसका आकाशों और धरती का राजत्व है, जिसने अपने लिए कोई संतान नहीं बनाई और जिसका राजत्व में कोई साझीदार नहीं,

ٱلذي له ملك ٱلسموت وٱلأرض ولم يتخذ ولدا ولم يكن له شريك في ٱلملك

25:2

और जिसने हर चीज़ को रचा और उसे ठीक-ठीक नाप दिया।

وخلق كل شىء فقدره تقديرا

25:3

फिर भी उन्होंने उसके अतिरिक्त ऐसे देवता अपना लिए जो कुछ नहीं रचते और स्वयं रचे जाते हैं, जो अपने लिए न हानि के मालिक हैं न लाभ के, और जो न मृत्यु के मालिक हैं, न जीवन के, न फैलाव के।

وٱتخذوا من دونه ءالهة لا يخلقون شيا وهم يخلقون ولا يملكون لأنفسهم ضرا ولا نفعا ولا يملكون موتا ولا حيوة ولا نشورا

और जिन्होंने नकारा वे कहते हैं: “यह केवल एक स्वांग है जो उसने गढ़ लिया, और एक अन्य समूह ने इसमें उसकी सहायता की।”

وقال ٱلذين كفروا إن هذآ إلآ إفك ٱفترىه وأعانه عليه قوم ءاخرون

वे इस प्रकार अन्याय और जालसाज़ी लेकर आए, यह कहते हुए: “ये प्राचीनों की दंतकथाएँ हैं जिनकी उसने स्वयं प्रतिलिपि बनाई है, और जो सुबह और शाम उसे लिखवाई जाती हैं।”

فقد جآءو ظلما وزورا وقالوا أسطير ٱلأولين ٱكتتبها فهي تملى عليه بكرة وأصيلا

कहो: “उसने इसे उतारा है जो आकाशों और धरती का रहस्य जानता है,

قل أنزله ٱلذي يعلم ٱلسر في ٱلسموت وٱلأرض

क्योंकि वह अत्यंत क्षमाशील, दयालु है।”

إنه كان غفورا رحيما

25:7–8

और वे कहते हैं: “इस संदेशवाहक को क्या हुआ कि वह भोजन खाता है और बाज़ारों में चलता है? उस पर कोई अभिकर्ता क्यों नहीं उतारा गया जो उसके साथ चेतावनी देने वाला होता, या उसकी ओर कोई ख़ज़ाना क्यों नहीं फेंका जाता, या उसके पास कोई उद्यान क्यों नहीं जिसमें से वह खाता!”

وقالوا مال هذا ٱلرسول يأكل ٱلطعام ويمشي في ٱلأسواق لولآ أنزل إليه ملك فيكون معه نذيرا أو يلقى إليه كنز أو تكون له جنة يأكل منها

और अन्यायी कहते हैं: “तुम केवल भ्रम के शिकार एक पुरुष का अनुसरण करते हो।”

وقال ٱلظلمون إن تتبعون إلا رجلا مسحورا

25:9

नज़र डालो कि उन्होंने तुम्हारे विषय में कैसे उदाहरण कई गुना किए, और इस प्रकार वे भटक गए: अब वे कोई राह नहीं पा सकते।

ٱنظر كيف ضربوا لك ٱلأمثل فضلوا فلا يستطيعون سبيلا

आशीषमय है वह जो, यदि उसकी मर्ज़ी हो, तो तुम्हारे लिए इससे बेहतर कर दे: ऐसे उद्यान जिनके नीचे नदियाँ बहती हैं, और वह तुम्हारे लिए महल बना दे।

تبارك ٱلذي إن شآء جعل لك خيرا من ذلك جنت تجري من تحتها ٱلأنهر ويجعل لك قصورا

बल्कि उन्होंने उस घड़ी को झुठलाया है।

بل كذبوا بٱلساعة

और हमने, जो भी उस घड़ी को झुठलाए, उसके लिए दहकते अंगार जुटा रखे हैं। जब वह उन्हें दूर स्थान से देखेगा, तो वे उसका रोष और घरघराहट सुनेंगे।

وأعتدنا لمن كذب بٱلساعة سعيرا إذا رأتهم من مكان بعيد سمعوا لها تغيظا وزفيرا

25:13

और जब उन्हें उसमें, एक तंग स्थान में, एक साथ जकड़कर फेंका जाएगा, तो वे वहाँ अपने सर्वनाश को पुकारेंगे।

وإذآ ألقوا منها مكانا ضيقا مقرنين دعوا هنالك ثبورا

25:14

आज एक सर्वनाश को न पुकारो, बल्कि अनेक सर्वनाशों को पुकारो।

لا تدعوا ٱليوم ثبورا وحدا وٱدعوا ثبورا كثيرا

कहो: “क्या यह बेहतर है, या शाश्वतता का वह उद्यान जिसका वादा सावधानी बरतने वालों से किया गया है?

قل أذلك خير أم جنة ٱلخلد ٱلتي وعد ٱلمتقون

वह उनके लिए प्रतिफल और गंतव्य होगा।”

كانت لهم جزآء ومصيرا

उनके लिए वहाँ वह होगा जो उनकी मर्ज़ी हो, वे वहाँ सदा रहेंगे,

لهم فيها ما يشآءون خلدين

यह तुम्हारे अभिभावक की ओर से एक ऐसा वादा है जिसकी माँग की जाती है।

كان على ربك وعدا مسولا

25:17

और जिस दिन वह उन्हें इकट्ठा करेगा, उन्हें और उन्हें जिनकी वे ईश्वर के अतिरिक्त आज्ञा का पालन करते थे, तो वह कहेगा: “क्या तुमने मेरे इन आज्ञाकारियों को भटकाया, या वे स्वयं राह से भटक गए?”

ويوم يحشرهم وما يعبدون من دون ٱلله فيقول ءأنتم أضللتم عبادي هؤلآء أم هم ضلوا ٱلسبيل

वे कहेंगे: “आपकी महिमा हो! हमारे लिए उचित न था कि हम आपके अतिरिक्त हिमायती अपनाएँ;

قالوا سبحنك ما كان ينبغي لنآ أن نتخذ من دونك من أوليآء

25:18

परंतु आपने उन्हें और उनके पूर्वजों को उपभोग दिया, यहाँ तक कि वे स्मरण को भूल गए और एक क्षीण क़ौम हो गए।”

ولكن متعتهم وءابآءهم حتى نسوا ٱلذكر وكانوا قوما بورا

25:19

उन्होंने तुम्हें उसमें झुठला दिया जो तुम कहते हो; अब वे न टाल सकते हैं और न सहायता कर सकते हैं।

فقد كذبوكم بما تقولون فما تستطيعون صرفا ولا نصرا

और तुममें से जो कोई अन्याय करेगा, हम उसे एक बड़ा दंड चखाएँगे।

ومن يظلم منكم نذقه عذابا كبيرا

25:20

हमने तुमसे पहले भेजे गए जनों में से किसी को भी नहीं भेजा, सिवा इसके कि वे अवश्य भोजन खाते और बाज़ारों में चलते थे।

ومآ أرسلنا قبلك من ٱلمرسلين إلآ إنهم ليأكلون ٱلطعام ويمشون في ٱلأسواق

और हमने तुम्हें, एक-दूसरे के लिए, एक परीक्षा बनाया है।

وجعلنا بعضكم لبعض فتنة

क्या तुम धैर्य रखोगे?

أتصبرون

तुम्हारा अभिभावक दृष्टिवान है।

وكان ربك بصيرا

25:21

और जो हमसे मिलने की आशा नहीं रखते वे कहते हैं: “हम पर अभिकर्ता क्यों नहीं उतारे जाते, या हम अपने अभिभावक को क्यों नहीं देखते!”

وقال ٱلذين لا يرجون لقآءنا لولآ أنزل علينا ٱلملئكة أو نرى ربنا

वे निश्चय ही अपने भीतर बहुत घमंड से फूल गए हैं और उन्होंने विशाल उद्दंडता दिखाई है।

لقد ٱستكبروا في أنفسهم وعتو عتوا كبيرا

25:22

जिस दिन वे अभिकर्ताओं को देखेंगे, उस दिन बहिष्कृतों के लिए कोई शुभ समाचार नहीं होगा,

يوم يرون ٱلملئكة لا بشرى يومئذ للمجرمين

25:22

और वे कहेंगे: “पार न की जा सकने वाली

ويقولون حجرا

25:22

सीमा!”

محجورا

25:23

और हम उनके हर उस कर्म की ओर बढ़े जो उन्होंने किया, और उसे बिखरी हुई धूल बना दिया।

وقدمنآ إلى ما عملوا من عمل فجعلنه هبآء منثورا

25:24

उद्यान वाले, उस दिन, बेहतर आश्रय-स्थल और अधिक सुंदर दोपहर का विश्राम-स्थल पाएँगे।

أصحب ٱلجنة يومئذ خير مستقرا وأحسن مقيلا

25:25

और जिस दिन आकाश बादलों के साथ फट जाएगा, और अभिकर्ता पूर्ण अवतरण के रूप में उतारे जाएँगे,

ويوم تشقق ٱلسمآء بٱلغمم ونزل ٱلملئكة تنزيلا

उस दिन राजत्व, पूर्ण सत्य के साथ, सर्वदयालु का होगा,

ٱلملك يومئذ ٱلحق للرحمن

और नकारने वालों के लिए वह एक कठिन दिन होगा।

وكان يوما على ٱلكفرين عسيرا

25:27–29

और जिस दिन अन्यायी अपने हाथ काटेगा, वह कहेगा: “काश मैंने संदेशवाहक के साथ कोई राह अपनाई होती! हाय मुझ पर! काश मैंने अमुक को घनिष्ठ मित्र न अपनाया होता! उसने निश्चय ही मुझे स्मरण से भटका दिया, इसके बाद कि वह मुझ तक आ चुका था।”

ويوم يعض ٱلظالم على يديه يقول يليتني ٱتخذت مع ٱلرسول سبيلا يويلتى ليتني لم أتخذ فلانا خليلا لقد أضلني عن ٱلذكر بعد إذ جآءني

25:27–29

बहकाने वाला मनुष्य के लिए सदा त्याग देने वाला है।

وكان ٱلشيطن للإنسن خذولا

25:30

और संदेशवाहक ने कहा: “हे मेरे अभिभावक, मेरी क़ौम ने निश्चय ही इस पाठ को उजाड़ छोड़ दिया है।”

وقال ٱلرسول يرب إن قومي ٱتخذوا هذا ٱلقرءان مهجورا

इसी प्रकार हमने हर सूचनादाता के लिए बहिष्कृतों में से एक शत्रु ठहराया।

وكذلك جعلنا لكل نبي عدوا من ٱلمجرمين

और तुम्हारा अभिभावक मार्ग दिखाने वाले और सहायता करने वाले के रूप में पर्याप्त है।

وكفى بربك هاديا ونصيرا

25:32

और जिन्होंने नकारा वे कहते हैं: “उस पर पाठ एक ही बार में क्यों नहीं उतारा गया!”

وقال ٱلذين كفروا لولا نزل عليه ٱلقرءان جملة وحدة

25:32

ऐसा इसलिए, कि हम इससे तुम्हारी चेतना को दृढ़ करें —

كذلك لنثبت به فؤادك

25:32

और हमने इसे एक नपे-तुले क्रम में व्यवस्थित किया है।

ورتلنه ترتيلا

25:33

और वे तुम्हारे पास कोई उदाहरण नहीं लाते, सिवा इसके कि हम तुम्हारे पास सत्य और अधिक सुंदर व्याख्या ले आते हैं।

ولا يأتونك بمثل إلا جئنك بٱلحق وأحسن تفسيرا

जो अपने चेहरों के बल जहन्नम की ओर इकट्ठा किए जाएँगे, वही सबसे बुरे स्थान वाले और सबसे अधिक भटकी हुई राह वाले हैं।

ٱلذين يحشرون على وجوههم إلى جهنم أولئك شر مكانا وأضل سبيلا

25:35

हमने निश्चय ही मूसा को ग्रंथ दिया, और हमने उसके साथ उसके भाई हारून को हाथ बँटाने वाले के रूप में रखा।

ولقد ءاتينا موسى ٱلكتب وجعلنا معه أخاه هرون وزيرا

हमने कहा: “तुम दोनों उस क़ौम के पास जाओ जिसने हमारे संकेतों को झुठलाया।”

فقلنا ٱذهبآ إلى ٱلقوم ٱلذين كذبوا بايتنا

और हमने उन्हें पूर्ण संहार से नष्ट कर दिया।

فدمرنهم تدميرا

25:37

और नूह की क़ौम को, जब उन्होंने संदेशवाहकों को झुठलाया, हमने डुबो दिया और उन्हें लोगों के लिए एक संकेत बना दिया।

وقوم نوح لما كذبوا ٱلرسل أغرقنهم وجعلنهم للناس ءاية

और हमने अन्यायियों के लिए पीड़ादायक दंड जुटा रखा है।

وأعتدنا للظلمين عذابا أليما

और आद, और समूद, और अर-रस्स वाले, और इन कालों के बीच की अनेक पीढ़ियाँ,

وعادا وثمودا وأصحب ٱلرس وقرونا بين ذلك كثيرا

25:39

और हर एक के लिए हमने उदाहरणों को कई गुना किया,

وكلا ضربنا له ٱلأمثل

और हर एक को हमने पूरी तरह उजाड़ दिया।

وكلا تبرنا تتبيرا

वे तो उस बस्ती के पास से गुज़रे हैं जिस पर बुरी वर्षा बरसाई गई थी:

ولقد أتوا على ٱلقرية ٱلتي أمطرت مطر ٱلسوء

तो क्या वे उसे देखते नहीं थे?

أفلم يكونوا يرونها

25:40

बल्कि वे किसी फैलाव की आशा नहीं रखते थे।

بل كانوا لا يرجون نشورا

और जब वे तुम्हें देखते हैं, तो तुम्हें केवल मज़ाक़ का पात्र बना लेते हैं:

وإذا رأوك إن يتخذونك إلا هزوا

“क्या यह वही है जिसे ईश्वर ने संदेशवाहक बनाकर उठाया है? इसने तो अवश्य हमें हमारे देवताओं से भटका ही दिया था, यदि हम उन पर दृढ़ता से डटे न रहते!”

أهذا ٱلذي بعث ٱلله رسولا إن كاد ليضلنا عن ءالهتنا لولآ أن صبرنا عليها

और वे जान लेंगे, जब वे दंड को देखेंगे, कि राह से सबसे अधिक भटका हुआ कौन था।

وسوف يعلمون حين يرون ٱلعذاب من أضل سبيلا

25:43

क्या तुमने उसे देखा जिसने अपनी भावना को देवता के रूप में अपनाया? तो क्या तुम उसके मुख़्तार बनोगे?

أرءيت من ٱتخذ إلهه هوىه أفأنت تكون عليه وكيلا

25:44

या तुम समझते हो कि उनमें से अधिकतर सुनते हैं या बुद्धि से काम लेते हैं?

أم تحسب أن أكثرهم يسمعون أو يعقلون

25:44

वे केवल पशुधन के समान हैं — बल्कि वे राह से और अधिक भटके हुए हैं।

إن هم إلا كٱلأنعم بل هم أضل سبيلا

25:45

क्या तुमने अपने अभिभावक को नहीं देखा, वह छाया को कैसे फैलाता है?

ألم تر إلى ربك كيف مد ٱلظل

25:45

और यदि उसकी मर्ज़ी होती, तो वह उसे स्थिर कर देता।

ولو شآء لجعله ساكنا

25:46

फिर हमने सूर्य को उसका संकेतक बनाया; फिर हमने उसे सहज ढंग से अपनी ओर समेट लिया।

ثم جعلنا ٱلشمس عليه دليلا ثم قبضنه إلينا قبضا يسيرا

25:47

वही है जिसने तुम्हारे लिए रात को वस्त्र, नींद को विश्राम, और दिन को फैलाव का समय बनाया।

وهو ٱلذي جعل لكم ٱليل لباسا وٱلنوم سباتا وجعل ٱلنهار نشورا

25:48

वही है जिसने हवाओं को, अपनी दया के आगे, शुभ समाचार देने वाली बनाकर भेजा,

وهو ٱلذي أرسل ٱلريح بشرا بين يدى رحمته

25:49

और हमने आकाश से स्वच्छ करने वाला पानी उतारा, ताकि उससे एक मृत भूभाग को पुनः जीवन दें, और अपनी रचना में से बहुत पशुधन और बहुत-से मनुष्यों को उससे पिलाएँ।

وأنزلنا من ٱلسمآء مآء طهورا لنحي به بلدة ميتا ونسقيه مما خلقنآ أنعما وأناسي كثيرا

25:50

हमने उसे निश्चय ही उनके बीच विविध रूप से बाँटा है कि वे स्मरण करें; परंतु अधिकतर लोगों ने नकार के सिवा हर बात से इनकार कर दिया।

ولقد صرفنه بينهم ليذكروا فأبى أكثر ٱلناس إلا كفورا

और यदि हमारी मर्ज़ी होती, तो हम हर बस्ती में एक चेतावनी देने वाला उठाते।

ولو شئنا لبعثنا في كل قرية نذيرا

तो नकारने वालों की बात न मानो,

فلا تطع ٱلكفرين

और इसके द्वारा उनसे बड़ा संघर्ष करो।

وجهدهم به جهادا كبيرا

वही है जिसने दो समुद्रों को मिलाया: यह मीठा, प्यास बुझाने वाला, और वह खारा, कड़वा।

وهو ٱلذي مرج ٱلبحرين هذا عذب فرات وهذا ملح أجاج

25:53

और उसने उनके बीच एक अवरोध और ऐसी सीमा रखी जो पार न की जा सके।

وجعل بينهما برزخا وحجرا محجورا

25:54

वही है जिसने पानी से एक मानव रचा, और उससे वंश और नाता बनाया।

وهو ٱلذي خلق من ٱلمآء بشرا فجعله نسبا وصهرا

तुम्हारा अभिभावक सामर्थ्यवान है।

وكان ربك قديرا

25:55

और वे ईश्वर के अतिरिक्त उसकी आज्ञा का पालन करते हैं जो न उन्हें लाभ देता है न हानि पहुँचाता;

ويعبدون من دون ٱلله ما لا ينفعهم ولا يضرهم

25:55

और नकारने वाला अपने अभिभावक के विरुद्ध पक्षधर बन जाता है।

وكان ٱلكافر على ربه ظهيرا

हमने तुम्हें केवल शुभ समाचार देने वाला और चेतावनी देने वाला बनाकर भेजा है।

ومآ أرسلنك إلا مبشرا ونذيرا

25:57

कहो: “मैं इसके लिए तुमसे कोई पुरस्कार नहीं माँगता, सिवा इसके कि जिसकी मर्ज़ी हो, वह अपने अभिभावक की ओर राह अपनाए।”

قل مآ أسلكم عليه من أجر إلا من شآء أن يتخذ إلى ربه سبيلا

और उस जीवित को मुख़्तार बनाओ जो मरता नहीं,

وتوكل على ٱلحى ٱلذي لا يموت

और उसकी प्रशंसा करते हुए उसकी महिमा गाओ।

وسبح بحمده

और वह अपने आज्ञाकारियों के दोषों की पूरी ख़बर रखने वाला होने के लिए पर्याप्त है।

وكفى به بذنوب عباده خبيرا

जिसने आकाशों और धरती को और जो उनके बीच है उसे छह दिनों में रचा, फिर भवन पर स्थित हुआ —

ٱلذي خلق ٱلسموت وٱلأرض وما بينهما في ستة أيام ثم ٱستوى على ٱلعرش

वह सर्वदयालु।

ٱلرحمن

तो उसके विषय में किसी पूरी ख़बर रखने वाले से पूछो।

فسل به خبيرا

और जब उनसे कहा जाता है: “सर्वदयालु के सामने माथा टेको”, तो वे कहते हैं: “सर्वदयालु क्या है?

وإذا قيل لهم ٱسجدوا للرحمن قالوا وما ٱلرحمن

क्या हम उसके सामने माथा टेकेंगे जिसका तुम हमें आदेश देते हो?” और इससे उनकी घृणा ही बढ़ती है।

أنسجد لما تأمرنا وزادهم نفورا

आशीषमय है वह जिसने आकाश में नक्षत्र-समूह रखे, और उसमें एक मशाल और एक प्रकाश देने वाला चंद्रमा रखा।

تبارك ٱلذي جعل في ٱلسمآء بروجا وجعل فيها سرجا وقمرا منيرا

वही है जिसने रात और दिन को एक के बाद एक आने वाला बनाया, उसके लिए जो स्मरण करना चाहे या कृतज्ञ होना चाहे।

وهو ٱلذي جعل ٱليل وٱلنهار خلفة لمن أراد أن يذكر أو أراد شكورا

25:63

और सर्वदयालु के आज्ञाकारी वे हैं जो धरती पर शांत भाव से चलते हैं, और जब अज्ञानी उनसे बात करते हैं तो कहते हैं: “शांति।”

وعباد ٱلرحمن ٱلذين يمشون على ٱلأرض هونا وإذا خاطبهم ٱلجهلون قالوا سلما

25:64

और जो अपने अभिभावक के लिए माथा टेके हुए और खड़े होकर रात बिताते हैं,

وٱلذين يبيتون لربهم سجدا وقيما

25:65

और जो कहते हैं: “हमारे अभिभावक, हमसे जहन्नम का दंड दूर कर दीजिए — क्योंकि उसका दंड एक अप्रत्याशित बोझ है;

وٱلذين يقولون ربنا ٱصرف عنا عذاب جهنم إن عذابها كان غراما

वह निश्चय ही बुरा आश्रय-स्थल और रहने का बुरा स्थान है” —

إنها سآءت مستقرا ومقاما

25:67

और जो, जब ख़र्च करते हैं, न फ़िज़ूलख़र्ची करते हैं न कंजूसी करते हैं, दोनों के बीच उचित माप में रहते हुए,

وٱلذين إذآ أنفقوا لم يسرفوا ولم يقتروا وكان بين ذلك قواما

25:68

और जो ईश्वर के साथ कोई अन्य देवता नहीं पुकारते, और उस स्व की हत्या नहीं करते जिसे ईश्वर ने अलंघनीय किया है, सिवा उचित अधिकार के, और जो व्यभिचार नहीं करते —

وٱلذين لا يدعون مع ٱلله إلها ءاخر ولا يقتلون ٱلنفس ٱلتي حرم ٱلله إلا بٱلحق ولا يزنون

25:69–70

और जो यह करे वह एक गंभीर अपराध का सामना करेगा: पेशी के दिन उसका दंड दुगुना कर दिया जाएगा, और वह वहाँ अपमानित होकर सदा रहेगा, सिवा उसके जिसने पश्चात्ताप किया, विश्वास किया और भला कर्म किया — ऐसों के बुरे कर्मों को ईश्वर भलाइयों में बदल देगा,

ومن يفعل ذلك يلق أثاما يضعف له ٱلعذاب يوم ٱلقيمة ويخلد فيه مهانا إلا من تاب وءامن وعمل عملا صلحا فأولئك يبدل ٱلله سياتهم حسنت

25:69–70

और ईश्वर अत्यंत क्षमाशील, दयालु है।

وكان ٱلله غفورا رحيما

25:71

और जो कोई पश्चात्ताप करे और भला कर्म करे, वह निश्चय ही ईश्वर की ओर पलट आता है, पूर्ण पश्चात्ताप के साथ।

ومن تاب وعمل صلحا فإنه يتوب إلى ٱلله متابا

25:72

और जो जालसाज़ी का साक्ष्य नहीं देते, और जब व्यर्थ बातों के पास से गुज़रते हैं तो गरिमा से गुज़रते हैं,

وٱلذين لا يشهدون ٱلزور وإذا مروا بٱللغو مروا كراما

25:73

और जो, जब उन्हें अपने अभिभावक के संकेतों से स्मरण कराया जाता है, उन पर बहरे और अंधे होकर नहीं गिरते,

وٱلذين إذا ذكروا بايت ربهم لم يخروا عليها صما وعميانا

25:74

और जो कहते हैं: “हमारे अभिभावक, हमें अपने जोड़ीदारों और अपनी संततियों की ओर से आँखों का ठहराव प्रदान कीजिए, और हमें सावधानी बरतने वालों का मार्ग दिखाने वाला बना दीजिए” —

وٱلذين يقولون ربنا هب لنا من أزوجنا وذريتنا قرة أعين وٱجعلنا للمتقين إماما

ऐसों को उनके धैर्य के बदले ऊपरी कक्ष प्रतिफल में दिया जाएगा, और वहाँ उनका स्वागत अभिवादन और शांति से होगा, वे वहाँ सदा रहेंगे।

أولئك يجزون ٱلغرفة بما صبروا ويلقون فيها تحية وسلما خلدين فيها

कैसा अच्छा आश्रय-स्थल और रहने का कैसा अच्छा स्थान!

حسنت مستقرا ومقاما

25:77

कहो: “मेरा अभिभावक तुम्हारी कोई परवाह न करता, यदि तुम्हारी पुकार न होती।

قل ما يعبؤا بكم ربي لولا دعآؤكم

25:77

तुमने तो झुठला दिया, और यह अनिवार्य होकर रहेगा।”

فقد كذبتم فسوف يكون لزاما

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