الشورى
Ash-Shura
One Single Law
بسم ٱلله ٱلرحمن ٱلرحيم
ईश्वर के नाम से, जो सर्वदयालु, दयालु है।
हा. मीम. ऐन. सीन. क़ाफ़.
حم عسق
इसी प्रकार ईश्वर, सर्वशक्तिमान, प्रज्ञावान, तुम पर प्रकट करता है — जैसे उन पर जो तुमसे पहले हुए।
كذلك يوحي إليك وإلى ٱلذين من قبلك ٱلله ٱلعزيز ٱلحكيم
आकाशों में जो है और धरती पर जो है, वह उसी का है,
له ما في ٱلسموت وما في ٱلأرض
और वह परम-उच्च, विशाल है।
وهو ٱلعلي ٱلعظيم
निकट है कि आकाश ऊपर से फट पड़ें,
تكاد ٱلسموت يتفطرن من فوقهن
जबकि अभिकर्ता अपने अभिभावक की प्रशंसा करते हुए महिमा गाते हैं और धरती पर जो है उसके लिए क्षमा माँगते हैं।
وٱلملئكة يسبحون بحمد ربهم ويستغفرون لمن في ٱلأرض
क्या ऐसा नहीं है: ईश्वर, वही निश्चय ही अत्यंत क्षमाशील, दयालु है।
ألآ إن ٱلله هو ٱلغفور ٱلرحيم
और जो उसके अतिरिक्त हिमायती बनाते हैं, उन पर ईश्वर रक्षक है;
وٱلذين ٱتخذوا من دونه أوليآء ٱلله حفيظ عليهم
और तुम उनके लिए मुख़्तार नहीं हो।
ومآ أنت عليهم بوكيل
इसी प्रकार हमने तुम पर एक त्रुटिहीन पाठ प्रकट किया, ताकि तुम बस्तियों के महानगर को और जो उसके आसपास हैं उन्हें चेतावनी दो, और एकत्र होने के दिन की चेतावनी दो, जिसमें कोई संदेह नहीं:
وكذلك أوحينآ إليك قرءانا عربيا لتنذر أم ٱلقرى ومن حولها وتنذر يوم ٱلجمع لا ريب فيه
एक भाग उद्यान में,
فريق في ٱلجنة
और एक भाग दहकते अंगार में।
وفريق في ٱلسعير
और यदि ईश्वर की मर्ज़ी होती, तो वह उन्हें एक ही समुदाय बना देता,
ولو شآء ٱلله لجعلهم أمة وحدة
परंतु वह जिस पर उसकी मर्ज़ी हो, उसे अपनी दया में प्रवेश देता है;
ولكن يدخل من يشآء في رحمته
और अन्यायियों के लिए न कोई उत्तरदायी है और न कोई सहायता।
وٱلظلمون ما لهم من ولي ولا نصير
या फिर क्या उन्होंने उसके अतिरिक्त हिमायती बना लिए हैं?
أم ٱتخذوا من دونه أوليآء
उत्तरदायी तो ईश्वर ही है,
فٱلله هو ٱلولي
और वही मृतकों को पुनः जीवन देता है;
وهو يحي ٱلموتى
और वह हर चीज़ का सामर्थ्य रखता है।
وهو على كل شىء قدير
और जिस भी चीज़ में तुम मतभेद रखते हो, उसका निर्णय ईश्वर के पास जाता है।
وما ٱختلفتم فيه من شىء فحكمه إلى ٱلله
यही ईश्वर है, मेरा अभिभावक;
ذلكم ٱلله ربي
उसी को मैं मुख़्तार बनाता हूँ,
عليه توكلت
और उसी का आसरा लेता हूँ।
وإليه أنيب
आकाशों और धरती का उद्गम, उसने तुम्हारे लिए तुम्हीं में से जोड़े बनाए, और पशुधन में से भी जोड़े; इसी के द्वारा वह तुम्हें बिखेरता है।
فاطر ٱلسموت وٱلأرض جعل لكم من أنفسكم أزوجا ومن ٱلأنعم أزوجا يذرؤكم فيه
उसके जैसा कुछ भी नहीं,
ليس كمثله شىء
और वह सुनने वाला, दृष्टिवान है।
وهو ٱلسميع ٱلبصير
आकाशों और धरती की ज़िम्मेदारियाँ उसी की हैं;
له مقاليد ٱلسموت وٱلأرض
वह जिस पर उसकी मर्ज़ी हो, उसके लिए जीविका फैलाता है, और उसे मापता है,
يبسط ٱلرزق لمن يشآء ويقدر
क्योंकि वह हर चीज़ के विषय में सर्वज्ञ है।
إنه بكل شىء عليم
उसने तुम्हारे लिए विधान में वही स्थापित किया जिसकी अनुशंसा उसने नूह को की थी, और जो हमने तुम्हारी ओर प्रकट किया, और जिसकी अनुशंसा हमने इब्राहीम, मूसा और ईसा को की: “विधान को बनाए रखो, और उसके भीतर फूट में मत पड़ो।”
شرع لكم من ٱلدين ما وصى به نوحا وٱلذي أوحينآ إليك وما وصينا به إبرهيم وموسى وعيسى أن أقيموا ٱلدين ولا تتفرقوا فيه
जिसकी ओर तुम उन्हें बुलाते हो, वह साझी ठहराने वालों पर भारी पड़ता है।
كبر على ٱلمشركين ما تدعوهم إليه
ईश्वर जिस पर उसकी मर्ज़ी हो, उसे अपने लिए चुन लेता है, और जो उसका आसरा लेता है उसे अपनी ओर मार्ग दिखाता है।
ٱلله يجتبي إليه من يشآء ويهدي إليه من ينيب
और वे ज्ञान आ जाने के बाद ही आपस में फूट में पड़े,
وما تفرقوا إلا من بعد ما جآءهم ٱلعلم
आपस की ज़्यादती के कारण।
بغيا بينهم
और यदि नामित अवधि तक के लिए तुम्हारे अभिभावक का पहले का बोल न होता, तो उनके बीच फ़ैसला कर दिया गया होता।
ولولا كلمة سبقت من ربك إلى أجل مسمى لقضي بينهم
और जिन्हें उनके बाद ग्रंथ विरासत में मिला, वे उसके विषय में अवश्य व्याकुल करने वाली दुविधा में हैं।
وإن ٱلذين أورثوا ٱلكتب من بعدهم لفي شك منه مريب
इसलिए बुलाओ और जैसा तुम्हें आदेश दिया गया है वैसे सीधे डटे रहो, और उनकी भावनाओं का अनुसरण मत करो।
فلذلك فٱدع وٱستقم كمآ أمرت ولا تتبع أهوآءهم
और कहो: “मैं हर उस ग्रंथ पर विश्वास करता हूँ जिसे ईश्वर ने उतारा है, और मुझे तुम्हारे बीच न्यायी होने का आदेश दिया गया है।
وقل ءامنت بمآ أنزل ٱلله من كتب وأمرت لأعدل بينكم
ईश्वर हमारा अभिभावक है और तुम्हारा अभिभावक है;
ٱلله ربنا وربكم
हमारे लिए हमारे कर्म, तुम्हारे लिए तुम्हारे;
لنآ أعملنا ولكم أعملكم
हमारे और तुम्हारे बीच कोई तर्क नहीं;
لا حجة بيننا وبينكم
ईश्वर हमें एकत्र करेगा,
ٱلله يجمع بيننا
और उसी की ओर गंतव्य है।”
وإليه ٱلمصير
और जो ईश्वर के विषय में विवाद करते हैं, उसे उत्तर दिए जाने के बाद, उनका तर्क उनके अभिभावक के पास व्यर्थ है, और उन पर क्रोध है,
وٱلذين يحآجون في ٱلله من بعد ما ٱستجيب له حجتهم داحضة عند ربهم وعليهم غضب
और उनके लिए कठोर दंड है।
ولهم عذاب شديد
ईश्वर ही है जिसने सत्य को वहन करने वाला ग्रंथ उतारा, और तराज़ू भी।
ٱلله ٱلذي أنزل ٱلكتب بٱلحق وٱلميزان
और तुम्हें इसका क्या अंदाज़ा दिलाए?
وما يدريك
हो सकता है कि वह घड़ी निकट हो।
لعل ٱلساعة قريب
जो इसमें विश्वास नहीं करते वे इसे जल्दी माँगते हैं,
يستعجل بها ٱلذين لا يؤمنون بها
जबकि जिन्होंने विश्वास किया वे उससे आशंका से भरे हैं और जानते हैं कि वह सत्य है।
وٱلذين ءامنوا مشفقون منها ويعلمون أنها ٱلحق
क्या ऐसा नहीं है: जो घड़ी के विषय में वाद-प्रतिवाद करते हैं वे अवश्य दूर के भटकाव में हैं।
ألآ إن ٱلذين يمارون في ٱلساعة لفي ضلل بعيد
ईश्वर अपने आज्ञाकारियों के प्रति सूक्ष्म है;
ٱلله لطيف بعباده
वह जिस पर उसकी मर्ज़ी हो, उसे जीविका देता है,
يرزق من يشآء
और वही बलवान, सर्वशक्तिमान है।
وهو ٱلقوي ٱلعزيز
जो अंतिम जीवन की खेती चाहता है, हम उसकी खेती बढ़ा देते हैं;
من كان يريد حرث ٱلءاخرة نزد له في حرثه
और जो इहलोक की खेती चाहता है, हम उसे उसमें से एक हिस्सा देते हैं,
ومن كان يريد حرث ٱلدنيا نؤته منها
परंतु अंतिम जीवन में उसका कोई अंश नहीं होगा।
وما له في ٱلءاخرة من نصيب
या फिर क्या उनके ऐसे साझीदार हैं जिन्होंने उनके लिए विधान में वह स्थापित किया जिसकी ईश्वर ने अनुमति नहीं दी?
أم لهم شركؤا شرعوا لهم من ٱلدين ما لم يأذن به ٱلله
और पृथक्करण का बोल न होता, तो उनके बीच फ़ैसला कर दिया गया होता;
ولولا كلمة ٱلفصل لقضي بينهم
और अन्यायियों के लिए निश्चय ही पीड़ादायक दंड होगा।
وإن ٱلظلمين لهم عذاب أليم
तुम अन्यायियों को उससे आशंकित देखोगे जो उन्होंने कमाया है, जबकि वह उन पर आने वाला है;
ترى ٱلظلمين مشفقين مما كسبوا وهو واقع بهم
जबकि जिन्होंने विश्वास किया और भले कर्म किए, वे उद्यानों की पुष्पित वाटिकाओं में होंगे,
وٱلذين ءامنوا وعملوا ٱلصلحت في روضات ٱلجنات
उनके अभिभावक के पास उनके लिए वह होगा जो उनकी मर्ज़ी हो:
لهم ما يشآءون عند ربهم
यही बड़ा अनुग्रह है।
ذلك هو ٱلفضل ٱلكبير
यही है जिसका शुभ समाचार ईश्वर अपने उन आज्ञाकारियों को देता है जिन्होंने विश्वास किया और भले कर्म किए।
ذلك ٱلذي يبشر ٱلله عباده ٱلذين ءامنوا وعملوا ٱلصلحت
कहो: “मैं इसके बदले तुमसे कोई पुरस्कार नहीं माँगता, सिवा निकटजनों के प्रति स्नेह के।”
قل لآ أسلكم عليه أجرا إلا ٱلمودة في ٱلقربى
और जो कोई भलाई कमाता है, हम उसके लिए उसका सौंदर्य बढ़ा देते हैं;
ومن يقترف حسنة نزد له فيها حسنا
क्योंकि ईश्वर अत्यंत क्षमाशील, अत्यंत कृतज्ञ है।
إن ٱلله غفور شكور
या फिर क्या वे कहेंगे कि उसने ईश्वर पर झूठ गढ़ा है?
أم يقولون ٱفترى على ٱلله كذبا
और यदि ईश्वर की मर्ज़ी होती, तो वह तुम्हारे मर्म पर मुहर लगा देता;
فإن يشإ ٱلله يختم على قلبك
परंतु ईश्वर असत्य को मिटाता है और अपने बोलों से सत्य को सिद्ध करता है,
ويمح ٱلله ٱلبطل ويحق ٱلحق بكلمته
क्योंकि वह सीनों के भीतर जो है उसके विषय में सर्वज्ञ है।
إنه عليم بذات ٱلصدور
वही है जो अपने आज्ञाकारियों का पश्चात्ताप स्वीकार करता है, बुरे कर्मों से दरगुज़र करता है, और जानता है कि वे क्या करते हैं।
وهو ٱلذي يقبل ٱلتوبة عن عباده ويعفوا عن ٱلسيات ويعلم ما تفعلون
और वह उन्हें उत्तर देता है जिन्होंने विश्वास किया और भले कर्म किए, और उन्हें अपने अनुग्रह से और अधिक देता है;
ويستجيب ٱلذين ءامنوا وعملوا ٱلصلحت ويزيدهم من فضله
और जो नकारते हैं उनके लिए कठोर दंड होगा।
وٱلكفرون لهم عذاب شديد
और यदि ईश्वर अपने आज्ञाकारियों के लिए जीविका फैला देता, तो वे धरती पर ज़्यादती करने लगते;
ولو بسط ٱلله ٱلرزق لعباده لبغوا في ٱلأرض
परंतु वह जो उसकी मर्ज़ी हो, माप के साथ उतारता है,
ولكن ينزل بقدر ما يشآء
क्योंकि वह अपने आज्ञाकारियों के प्रति पूरी ख़बर रखने वाला और दृष्टिवान है।
إنه بعباده خبير بصير
वही है जो उनके हिम्मत हार जाने के बाद जीवनदायी वर्षा उतारता है, और अपनी दया फैलाता है;
وهو ٱلذي ينزل ٱلغيث من بعد ما قنطوا وينشر رحمته
और वही उत्तरदायी, प्रशंसनीय है।
وهو ٱلولي ٱلحميد
और उसके संकेतों में से: आकाशों और धरती की रचना, और वे सब चलने-फिरने वाले जिन्हें उसने उनमें छितराया है;
ومن ءايته خلق ٱلسموت وٱلأرض وما بث فيهما من دآبة
और जब उसकी मर्ज़ी हो, वह उन्हें एकत्र करने का सामर्थ्य रखता है।
وهو على جمعهم إذا يشآء قدير
और तुम पर जो भी विपत्ति आती है, वह उसी के कारण है जो तुम्हारे हाथों ने कमाया है — और वह बहुत-सी चीज़ों से दरगुज़र करता है।
ومآ أصبكم من مصيبة فبما كسبت أيديكم ويعفوا عن كثير
तुम धरती पर उसे असमर्थ नहीं कर सकते,
ومآ أنتم بمعجزين في ٱلأرض
और ईश्वर के अतिरिक्त तुम्हारे लिए न कोई उत्तरदायी है और न कोई सहायता।
وما لكم من دون ٱلله من ولي ولا نصير
और उसके संकेतों में से: समुद्र में चलने वाली, खड़े किए गए दिशासूचकों जैसी।
ومن ءايته ٱلجوار في ٱلبحر كٱلأعلم
यदि उसकी मर्ज़ी हो, तो वह हवा को थाम देता है, और वे उसकी सतह पर निश्चल पड़े रह जाते हैं — इसमें अवश्य हर अत्यंत धैर्यवान, अत्यंत कृतज्ञ के लिए संकेत हैं — या फिर वह उन्हें उनके कमाए के कारण विनाश के हवाले कर देता है, जबकि बहुत-सी चीज़ों से दरगुज़र भी करता है,
إن يشأ يسكن ٱلريح فيظللن رواكد على ظهره إن في ذلك لءايت لكل صبار شكور أو يوبقهن بما كسبوا ويعف عن كثير
— और ताकि जो हमारे संकेतों के विषय में बहस करते हैं वे जान लें कि उनके लिए कोई पलायन नहीं।
ويعلم ٱلذين يجدلون في ءايتنا ما لهم من محيص
जो कुछ तुम्हें दिया गया है वह केवल इहलोक के जीवन का उपभोग है;
فمآ أوتيتم من شىء فمتع ٱلحيوة ٱلدنيا
परंतु जो ईश्वर के पास है वह बेहतर और अधिक टिकाऊ है, उनके लिए जिन्होंने विश्वास किया और जो अपने अभिभावक को मुख़्तार बनाते हैं;
وما عند ٱلله خير وأبقى للذين ءامنوا وعلى ربهم يتوكلون
और उनके लिए जो बड़े अपराधों और निर्लज्जताओं से दूर रहते हैं, और जब वे क्रोधित होते हैं तो क्षमा करते हैं;
وٱلذين يجتنبون كبئر ٱلإثم وٱلفوحش وإذا ما غضبوا هم يغفرون
और उनके लिए जो अपने अभिभावक को उत्तर देते हैं, संपर्क बनाए रखते हैं, अपने मामलों में आपस में परामर्श करते हैं, और जो हमने उन्हें जीविका दी उसमें से ख़र्च करते हैं;
وٱلذين ٱستجابوا لربهم وأقاموا ٱلصلوة وأمرهم شورى بينهم ومما رزقنهم ينفقون
और उनके लिए जो, जब उन पर ज़्यादती होती है, अपनी सहायता स्वयं करते हैं।
وٱلذين إذآ أصابهم ٱلبغي هم ينتصرون
और बुराई का प्रतिफल उसके समकक्ष बुराई है;
وجزؤا سيئة سيئة مثلها
परंतु जो कोई दरगुज़र करे और मेल कर ले, उसका पुरस्कार ईश्वर के ज़िम्मे है,
فمن عفا وأصلح فأجره على ٱلله
क्योंकि वह अन्यायियों से प्रेम नहीं करता।
إنه لا يحب ٱلظلمين
और जो कोई अन्याय सहने के बाद अपनी सहायता स्वयं करे, ऐसों के विरुद्ध कोई राह नहीं।
ولمن ٱنتصر بعد ظلمه فأولئك ما عليهم من سبيل
राह केवल उनके विरुद्ध खुली है जो लोगों पर अन्याय करते हैं और बिना हक़ के धरती पर ज़्यादती करते हैं।
إنما ٱلسبيل على ٱلذين يظلمون ٱلناس ويبغون في ٱلأرض بغير ٱلحق
यही हैं जिनके लिए पीड़ादायक दंड होगा।
أولئك لهم عذاب أليم
और जो कोई धैर्य रखे और क्षमा करे, तो यह अवश्य उन मामलों में से है जिनमें संकल्प चाहिए।
ولمن صبر وغفر إن ذلك لمن عزم ٱلأمور
और जिसे ईश्वर भटका दे, उसके लिए उसके बाद कोई उत्तरदायी नहीं रहता।
ومن يضلل ٱلله فما له من ولي من بعده
और तुम अन्यायियों को देखोगे, जब वे दंड देखेंगे, कहते हुए: “क्या वापस लाए जाने का कोई उपाय है?”
وترى ٱلظلمين لما رأوا ٱلعذاب يقولون هل إلى مرد من سبيل
और तुम उन्हें उसके सामने प्रस्तुत किए जाते देखोगे, विनीत,
وترىهم يعرضون عليها خشعين
छिपी हुई पलक के नीचे से नज़र डालते हुए, अपमान के प्रभाव से।
من ٱلذل ينظرون من طرف خفي
और जिन्होंने विश्वास किया वे कहेंगे: “घाटा उठाने वाले निश्चय ही वे हैं जिन्होंने पेशी के दिन अपने स्व और अपने परिवार को घाटे में डाल दिया।”
وقال ٱلذين ءامنوا إن ٱلخسرين ٱلذين خسروا أنفسهم وأهليهم يوم ٱلقيمة
क्या ऐसा नहीं है: अन्यायी ऐसे दंड में हैं जो बना रहता है।
ألآ إن ٱلظلمين في عذاب مقيم
ईश्वर के अतिरिक्त उनका कोई हिमायती न होगा जो उनकी सहायता करे।
وما كان لهم من أوليآء ينصرونهم من دون ٱلله
और जिसे ईश्वर भटका दे, उसके लिए कोई राह नहीं रहती।
ومن يضلل ٱلله فما له من سبيل
अपने अभिभावक को उत्तर दो, इससे पहले कि ईश्वर की ओर से वह दिन आए जिसे रद्द नहीं किया जा सकता;
ٱستجيبوا لربكم من قبل أن يأتي يوم لا مرد له من ٱلله
उस दिन तुम्हारे लिए पीछे हटने की कोई जगह न होगी,
ما لكم من ملجإ يومئذ
और तुम्हारे पास अमान्य ठहराने का कोई उपाय न होगा।
وما لكم من نكير
यदि वे कतरा जाएँ, तो हमने तुम्हें उन पर रक्षक बनाकर नहीं भेजा;
فإن أعرضوا فمآ أرسلنك عليهم حفيظا
तुम पर केवल संप्रेषण का दायित्व है।
إن عليك إلا ٱلبلغ
और जब हम मनुष्य को अपनी ओर से दया का स्वाद चखाते हैं, तो वह उस पर प्रसन्न होता है;
وإنآ إذآ أذقنا ٱلإنسن منا رحمة فرح بها
और यदि उन पर उसके कारण कोई बुराई आ पड़े जो उनके हाथों ने आगे बढ़ाया, तो मनुष्य निश्चय ही अत्यंत नकारने वाला है।
وإن تصبهم سيئة بما قدمت أيديهم فإن ٱلإنسن كفور
आकाशों और धरती का राजत्व ईश्वर का ही है;
لله ملك ٱلسموت وٱلأرض
वह जो उसकी मर्ज़ी हो, रचता है;
يخلق ما يشآء
वह जिस पर उसकी मर्ज़ी हो, उसे बेटियाँ प्रदान करता है, और जिस पर उसकी मर्ज़ी हो, उसे लड़के प्रदान करता है, या फिर वह उन्हें जोड़ा बना देता है, लड़के और बेटियाँ, और जिस पर उसकी मर्ज़ी हो, उसे बाँझ कर देता है,
يهب لمن يشآء إنثا ويهب لمن يشآء ٱلذكور أو يزوجهم ذكرانا وإنثا ويجعل من يشآء عقيما
क्योंकि वह सर्वज्ञ, सामर्थ्यवान है।
إنه عليم قدير
किसी मानव के लिए उचित नहीं कि ईश्वर उससे बोले, सिवा प्रकटीकरण के, या परदे के पीछे से, या ऐसा संदेशवाहक भेजकर जो उसकी अनुमति से, जो उसकी मर्ज़ी हो, प्रकट करे;
وما كان لبشر أن يكلمه ٱلله إلا وحيا أو من ورآئ حجاب أو يرسل رسولا فيوحي بإذنه ما يشآء
वह निश्चय ही परम-उच्च, प्रज्ञावान है।
إنه علي حكيم
इसी प्रकार हमने तुम्हारी ओर अपने आदेश से निकला एक प्रवाह प्रकट किया;
وكذلك أوحينآ إليك روحا من أمرنا
तुम्हें इसका अंदाज़ा न था कि ग्रंथ क्या है, और न ही यह कि विश्वास क्या है, परंतु हमने उसे एक प्रकाश बनाया जिससे हम अपने आज्ञाकारियों में से जिस पर हमारी मर्ज़ी हो, उसे मार्ग दिखाते हैं;
ما كنت تدري ما ٱلكتب ولا ٱلإيمن ولكن جعلنه نورا نهدي به من نشآء من عبادنا
और तुम अवश्य सीधे पथ की ओर मार्ग दिखाते हो — ईश्वर के पथ की ओर, जिसका वह सब है जो आकाशों में है और जो धरती पर है।
وإنك لتهدي إلى صرط مستقيم صرط ٱلله ٱلذي له ما في ٱلسموت وما في ٱلأرض
क्या ऐसा नहीं है: ईश्वर की ओर ही सारे मामले पहुँचते हैं।
ألآ إلى ٱلله تصير ٱلأمور